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अब चार्जर में लगाए बिना चार्ज होंगे फोन, मोटोरोला ने दिखाई खास टेक्नोलॉजी

टेक कंपनी मोटोरोला एक ऐसी टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है, जिसकी मदद से बिना चार्जर में लगाए या फिर वायरलेस चार्जिंग पैड पर रखे कोई डिवाइस चार्ज किया जा सकेगा।

लेनोवो के चाइना जनरल मैनेजर चेन जिन ने चाइनीज सोशल मीडिया साइट वीबो (Weibo) पर 48 सेकेंड का एक वीडियो शेयर किया है।

इस वीडियो में कंपनी की ओवर-द-एयर (OTA) टेक्नोलॉजी दिख रही है, जो चार्जिंग डिवाइस से 100 सेमी की दूरी तक कई डिवाइस एकसाथ चार्ज कर सकेगी।

दूर से चार्ज हो जाएंगे डिवाइस

वीडियो में कंपनी ने ज्यादा जानकारी नहीं दी है लेकिन दो स्मार्टफोन्स एकसाथ चार्ज होते नजर आ रहे हैं, जिनके पीछे चार्जिंग डिवाइस रखी है।

पहला स्मार्टफोन चार्जिंग डॉक से 80 सेमी और दूसरा 100 सेमी की दूरी पर रखा है।

हालांकि, वीडियो में दिखता है कि चार्जिंग डॉक और स्मार्टफोन के बीच हाथ आने पर चार्जिंग बंद हो जाती है।

कंपनी ने नई OTA चार्जिंग से जुड़ी कोई तकनीकी जानकारी नहीं दी है।

शाओमी

शाओमी भी लाई है Mi एयर-चार्जिंग टेक

इसी सप्ताह चाइनीज कंपनी शाओमी ने भी अपनी Mi एयर चार्जर टेक्नोलॉजी पेश की है।

शाओमी की टेक्नोलॉजी में 5W तक की पावर सिंगल डिवाइस को दूर रहते हुई भेजी जा सकती है और यह मल्टीडिवाइस चार्जिंग सपोर्ट करती है।

शाओमी की एयर चार्जिंग टेक्नोलॉजी में चार्जर और डिवाइस के बीच दूरी की कोई लिमिट नहीं है।

इसकी मदद से कंपनी छोटे डिवाइसेज जैसे- स्मार्टवॉच, वियरेबल्स और स्मार्ट स्पीकर्स को चार्ज कर सकती है।

भविष्य

बिना चार्जर में लगाए होगी चार्जिंग

मोटोरोला की OTA चार्जिंग टेक्नोलॉजी में बेशक कुछ सीमाएं हैं लेकिन शाओमी के साथ ऐसा नहीं है।

शाओमी ने कहा है कि चार्जिंग डिवाइस और फोन के बीच में किसी तरह की रुकावट आने से चार्जिंग स्पीड पर फर्क नहीं पड़ेगा।

फिलहाल, इस टेक्नोलॉजी से चार्जिंग की स्पीड बहुत कम रहती है और अगले अपग्रेड्स में इस कमी को पूरा किया जा सकता है।

शाओमी का एयर चार्जर ऐसा करने के लिए मिलीमीटर वेव्स का इस्तेमाल करता है।

इनोवेशन

चार्ज करने की जरूरत खत्म

अगर स्मार्टफोन्स और बाकी बैटरी से चलने वाले डिवाइस चार्जर से दूर रहते हुए अपने आप चार्ज होते रहेंगे तो उन्हें अलग से चार्ज करने की जरूरत खत्म हो जाएगी।

फिलहाल ये टेक्नोलॉजी शुरुआती चरण में है और वक्त बीतने के साथ-साथ बेहतर टेस्टिंग की जाएगी और रियल लाइफ परफॉर्मेंस का पता चल सकेगी।

बड़े अपग्रेड के तौर पर ढेरों कंपनियां वायरलेस फास्ट चार्जिंग भी ऑफर कर रही हैं, हालांकि इसके लिए डिवाइस को चार्जिंग स्टेशन पर रखना होता है।

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