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अब दोपहिया वाहन में बच्चों को बैठा कर सफर करना पड़ सकता है मंहगा, जानिए नया ट्रैफिक कानून !

अब दोपहिया वाहन में बच्चों को बैठा कर सफर करना मंहगा पड़ सकता है. क्योंकि नये ट्रैफिक कानून में इसे लेकर सख्ती बरती गई है. नए ट्रैफिक नियम के तहत आपका चालान कट सकता है.

दरअसल, नए मोटर व्हीकल एक्ट के मुताबिक चार साल से ज्यादा उम्र का बच्चा तीसरी सवारी के तौर पर गिना जाता है. ऐसे में अगर अपने दोपहिया वाहन पर आप दो लोग कहीं जा रहे है और अपने बच्चे को भी साथ बैठा लिया है तो ध्यान दें, अगर आपके बच्चे की उम्र चार साल से ज्यादा है तो आपका चालान कट सकता है. इतना ही नहीं, अगर आप अकेले टू-व्हीलर पर सवार हैं और साथ में चार साल से ज्यादा उम्र के बच्चे को बैठाया है, तो बच्चे को हेलमेट पहनाना जरूरी है. अगर कोई शख्स इस नियम का उल्लंघन करता है तो मोटर वाहन अधिनियम की धारा 194A के अनुसार 1000 रुपये का चालान कट सकता है. दोपहिया वाहन चलाते समय अकसर लोग किसी जरूरी मोबाइल फोन कॉल को उठा लेते हैं और ड्राइविंग करते-करते बात करते हैं लेकिन ऐसा करने पर आपको भारी जुर्माना देना पड़ सकता है. कई बार साइलेंट जोन का ध्यान नहीं रखने और वहां मोबाइल पर बात करने पर भी आपको जुर्माना देना पड़ सकता है. इसके साथ ही साइलेंट जोन में हॉर्न बजाने पर भी 1000 रुपये का जुर्माना लगेगा.

इसके अलावा मोटर वाहन अधिनियम की धारा 180 के तहत अगर आप कार ड्राइव करते समय अगर आपके पार ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है तो आपका 5000 रुपये का चालान कट सकता है और इसके साथ 3 महीने तक की जेल भी आपको हो सकती है. सड़क परिवहन मंत्रालय ने हाल ही में इसकी जानकारी देते हुए इसे लेकर चेतावनी जारी की थी. ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वाले व्यक्तियों के लिए ई-चालान जारी किया जाएगा.

मंत्रालय ने कहा है कि सार्वजनिक स्थानों पर तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने और रेसिंग करने वालों को पहली बार पकड़े जाने पर पांच हजार रुपये का चालान और तीन महीने के की जेल की सजा हो सकती है. इस अपराध को दोबारा करने पर पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भरना होगा. इसके साथ ही एक साल की जेल की सजा भी हो सकती है. परिवहन मंत्रालय अपने विज्ञापनों के जरिए वाहन चालकों को तेज रफ्तार से होने वाले नुकसान को लेकर लगातार जागरूक करती रही है. मंत्रालय के एक विज्ञापन में कहा गया है कि, ‘स्पीड रोमांचित करती है लेकिन यह जान ले लेती है.’

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