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अमेठी में अधजली हालत में डॉक्टर की लाश बरामद, पैसों के लेन-देन में हुई हत्या.

अमेठी । अमेठी में वन क्षेत्र से एक 40 वर्षीय डॉक्टर के अधजले शव को बरामद किया गया है, जो 11 फरवरी से लापता था। पुलिस ने कहा कि पैसे को लेकर हुए विवाद में आशीष दुबे और संतोष तिवारी ने डॉक्टर जयकरण प्रजापति की हत्या कर दी है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस अधीक्षक (एसपी) दिनेश सिंह ने कहा, “आशीष दुबे और संतोष तिवारी ने प्रजापति का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को आग के हवाले कर दिया गया और आधे जले शव को दफना दिया गया।”

उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और अपराध के लिए इस्तेमाल किए गए हथियारों को भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, शनिवार 13 फरवरी को संभल नहर के पास से प्रजापति की मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन को बरामद किया गया था। स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) अरुण कुमार दुबे ने कहा कि शव रविवार 14 फरवरी को मरौचा वन क्षेत्र में अधजली हालत में पाया गया।

जानकारी के मुताबिक जामो थाना क्षेत्र के गांव गौरा के रहने वाले 40 वर्षीय जयकरन प्रजापति जामो कस्बे में रहकर निजी क्लीनिक चला रहे थे। शुक्रवार 12 फरवरी की शाम को जयकरन किसी निमंत्रण में जाने की बात कहकर घर से निकला था, मगर जब देर रात तक लौटकर वापस नहीं आया तो परिजनों ने पुलिस के पास शिकायत दर्ज करायी।

परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने इस मामले में छानबीन शुरू की। छानबीन में पुलिस को सूचना मिली कि जयकरन की मोटरसाइकिल और मोबाइल जगदीशपुर थाना क्षेत्र के कादूनाला में मिले हैं। किसी अनहोनी की आशंका के बीच मिले कुछ साक्ष्यों के आधार पर जामो और जगदीशपुर पुलिस के अलावा स्वाट व सर्विलांस टीम ने शनिवार 13 फरवरी की देर शाम जगदीशपुर थाने के गांव पूरे लाला ईश्वरी मजरे मरौचा तेतारपुर निवासी स्कूल संचालक आशीष दुबे को हिरासत में लिया।

मृतक डॉक्टर की पत्नी का आरोप है कि उसके पति ने आरोपियों को 10 लाख रुपये उधार दिये थे और जब वापस मांगे तो नृशंसता से मौत के घाट उतार दिया। दरिंदगी की इंतहा कि पहले रॉड से बुरी तरह मारकर डॉक्टर की हत्या की, फिर उसकी लाश को जला दिया। अधजली लाश को जलाकर जहां गाड़ा था, वहां आम का पेड़ भी लगा दिया था।

मृतक डॉक्टर की पत्नी रोते हुए गुस्से में कहती है, जिस तरह उन लोगों ने मेरे पति को मौत के घाट उतारा है, वैसे ही मैं भी उनकी हत्या कर देना चाहती हूं। जब भी आते थे घर पर तो भाभी—भाभी कहते नहीं थकते थे और अब इस तरह मेरी पीठ पर वार किया है, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

कड़ी पूछताछ के बाद आशीष दुबे ने अपने बहनोई संतोष कुमार तिवारी निवासी थुलेंडी थाना बछरावां जिला रायबरेली की मदद से जयकरन प्रजापति की हत्या की बात स्वीकारी। उसी ने पुलिस को बताया कि जयकरन प्रजापति का शव गांव के पास स्थित अपने विद्यालय एआईआरएस शिक्षण संस्थान के परिसर में गड्ढा खोदकर दफना दिया है।

आशीष दुबे ने जब हत्या की बात स्वीकारी तो उसी की निशानदेही पर पुलिस ने रविवार 14 फरवरी की सुबह लाश को गड्ढे से बाहर निकलवाया। जयकरन की लाश अधजली हालत में थी। पुलिस को लाश के पास से लोहे की रॉड भी मिली, जिससे उसकी हत्या की गयी थी। पुलिस ने जयकरन के पिता गंगाराम को बुलाकर उसकी लाश की शिनाख्त करायी और उसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पहचान कराई।

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