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अर्णब गोस्वामी की गिरफ्तारी पर बोलीं साध्वी प्रज्ञा- ‘आपातकाल.. धिक्कार, धिक्कार, धिक्कार..’

रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी को बुधवार सुबह मुंबई पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किया गया है। जिसकी चारों ओर आलोचना हो रही है। वहीं बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा ने रिपब्लिक मीडिया नेटवर्ट के साथ बातचीत करते हुए अर्नब की गिरफ्तारी का विरोध किया है।

साध्वी ने कहा है कि, ‘चौथे स्तंभ पर हमला किया गया है। सच की आवाज उठाने वाले को गिरफ्तार किया गया। ये कांग्रेस का षड्यंत्र है। अर्नब को जबरदस्ती गिरफ्तार किया गया। मैं इसकी निंदा करती हूं।’

‘सत्य की बात जो भी करेगा हम उसके साथ हैं। अर्नब के साथ गलत हो रहा है। सच के आवाज से उद्धव सरकार डर गई है। ये लोकतंत्र है, लोग कहते हैं BJP लोकतंत्र की हत्या करती है लेनिक BJP हमेशा लोकतंत्र की रक्षा करती है।’

साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि, ”प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कितने लोगों ने बातें कहीं लेकिन कभी भी चौथे स्तंभ पर किसी प्रकार से कोई प्रतिबंध नहीं लगा। लेकिन जब देश की बात करने लगे साधु संत की बात करने लगे, धर्म की बात करने लगे। सत्य की बात करने लगे तो आपातकाल जैसी स्थिति महाराष्ट्र में बन गई। एक पुलिस ऑफिसर के इशारे पर ये कौन सी सरकार है जो पुलिस चलाती है।”

”एक पत्रकार जो सत्य की बात कर रहा है। उसको असत्य सिद्ध कर रहे हैं। आप किसी को भी अरेस्ट कर सकते हैं लेकिन उसके भी कुछ नियम होते हैं। हर बार महाराष्ट्र सरकार ये नियम तोड़ती है। आज इतने बड़े पत्रकार को इन्होंने इतने बुरी तरह से मारा-पीटा। उनके परिवार वालों के साथ अभद्र व्यवहार भी किया और उनको भी घायल किया। मैं उसकी भी निंदा करती हूं। मैं कहना चाहती हूं कि मीडिया को स्वतंत्र करिए ताकी स्वतंत्र रुप से वो अपना कार्य कर सकें।”

साध्वी ने आगे कहा, ”महाराष्ट्र की सरकार को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि क्या आपकी पुलिस प्रशासन इतना अधिक पावरफुल है कि आप उसके खिलाफ कुछ कार्रवाई नहीं कर सकते। ये वही परमबीर सिंह है जिन्होंने हम सभी राष्ट्र भक्तों को जब अंदर थे उनपर अत्याचार करने का काम किया था। क्या आप इसको पुरस्कार देने का काम कर रहे हैं।”

बता दें कि अर्नब गोस्वामी को बुधवार सुबह बिना समन गिरफ्तार कर लिया गया। कुछ पुलिस अधिकारी उनके आवास पर पहुंचे और बिना किसी दस्तावेज के, बिना किसी पूर्व सूचना के एक पुराने केस में गिरफ्तार कर लिया।

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