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आगरा : टीवी रिचार्ज के बहाने कातिल ने महिला डॉक्टर की ले ली जान, स्टैच्यू के खेल से बच गए बच्चे

आगरा
उत्तर प्रदेश के आगरा में डेंटल सर्जन मर्डर केस ने सबको दहला दिया। आरोपी सुभम ने जहां डॉक्टर पर चाकू से कई वार किए वहीं बच्चों को भी नहीं बक्शा। हालांकि डॉक्टर की बेटी ने सूझबूझ से काम लिया और अपने साथ ही बच्चे के जान बचा ली। उसने भाई को स्चैच्यू बोला। दोनों ने बेहोशी का ड्रामा किया। शुभम को लगा वे मर गए और वह चला गया।

डॉक्टर निशा की बेटी अनिशा (8) और बेटा अदवय (4) इस घटना के चश्मदीद गवाह है। पुलिस ने आरोपी शुभम को शनिवार एक मुठभेड़ में पकड़ लिया। आरोपी के पैर में गोली लगी है। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इधर पूछताछ में बच्चों ने घटना की आंखोंदेखी बयां की तो पुलिसवालों ने बच्चों की सूझबूझ की जमकर तारीफ की।

आवाज सुनकर कमरे बाहर निकले तो मां को देखकर हुए दंग
अनिशा ने बताया कि घर में केबल नहीं चल रहा था। मां ने शुभम को बुलाया था। शुभम घर आया था, तब दोनों बच्चे घर के एक कमरे में थे। मां की आवाज सुनकर दोनों बाहर निकले तो देखा कि शुभम उनकी मां पर चाकू से वार कर रहा है। दोनों घबरा गए।

बहन ने किया स्टैच्यू का इशारा
अनिशा ने बताया कि शुभम दोनों की तरफ लपका। उसने अदवय के गले पर चाकू रखा तो एनि ने उसे स्टैच्यू बोल दिया। अदवय जमीन पर ऐसे ही लेट गया। शुभम को लगा कि वह मर गया। उसके बाद वह एनि की तरफ लपका। उस पर भी चाकू से वार किया तो उसने भी बेहोशी का ड्रामा किया।

मरा समझकर बच्चों को छोड़ गया शुभम

शुभम ने सोचा कि दोनों बच्चे मर गए हैं। वह उन्हें वहां ऐसे ही छोड़कहर चला गया। दोनों बच्चे शुभम के जाते ही दौड़कर कमरे के बाथरूम में जाकर छिप गए। जब दोनों के पापा घर आए तो आवाज सुनकर बच्चे चिल्लाए और पापा के आने पर बाहर निकले।

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