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इंदिरा गांधी लिफ्ट नहर का पानी पाकिस्तान जाता था, अब राजस्थान में रहेगा

जिन विशेषज्ञों को यह लग रहा था कि भारत पाकिस्तान के प्रति नरम पड़ रहा है, वो एक बार फिर सोच लें। भारत ने एक अहम निर्णय में पाकिस्तान जाने वाले राजस्थान के नहर के पानी पर रोक लगाने के प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसका अर्थ है कि राजस्थानी नहर का पानी राजस्थान में ही रहेगा। अब पाकिस्तान को भारत अब राजस्थान से कोई जल आपूर्ति नहीं देगा।

हाल ही में पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों की प्यास बुझाने वाली इंदिरा गांधी लिफ्ट कैनाल (Indira Gandhi Lift Canal) में महा क्लोजर शुरू हो गया है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान (Pakistan) जाने वाले पानी को रोकना है। इंदिरा गांधी लिफ्ट नहर में टूट-फूट के कारण हर साल मानसूनी बारिश में 10 जिलों की 100 दिन तक की प्यास बुझाने जितना पानी पाकिस्तान चला जाता है। लिहाजा तीन साल में 60-60 दिन का क्लोजर लेकर पाकिस्तान जाने वाले हमारे पानी को बचाने का अभियान शुरू किया गया है।

30 मार्च से शुरू हुआ यह महा क्लोज़र अभियान 28 मई तक चलेगा। इस दौरान इंदिरा गांधी लिफ्ट कैनाल की मरम्मत की जाएगी। आगामी तीन वर्षों में 310 किलोमीटर लंबी नहर व इसके फीडर की मरम्मत होनी है। इस वर्ष लगभग 90.87 किलोमीटर लंबी नहर में मरम्मत का काम किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इस अभियान के जरिये 2023 तक भारत के पानी को पाकिस्तान जाने से रोकने का लक्ष्य रखा गया है।

यह चूक आखिर हुई कैसे ? अगर तथ्यों का विश्लेषण किया जाए, तो हरिके बैराज से इस कैनाल में राजस्थान के लिये प्रतिदिन 15 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जाता है। लेकिन नहर क्षतिग्रस्त होने की वजह से 4 हजार क्यूसेक पानी बर्बाद हो जाता है। वहीं, दूसरी ओर बारिश के दिनों में एक लाख क्यूसेक पानी सतलज नदी में छोड़ना पड़ता है, जो पाकिस्तान चला जाता है। अब यह इतना पानी है, जिससे राजस्थान के 10 जिलों में 100 दिन रोजाना पानी सप्लाई की जा सकती है। यानि 10 जिलों में लगभग 3 महीने तक लोगों की प्यास बुझाई जा सकती है।

अब राजस्थान के दस जिलों में पीएचईडी ने मरम्मत व पानी स्टोरेज का खास प्लान बनाया है।  बीकानेर, नागौर, जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, सीकर और झुंझुनू में पानी स्टोरेज को लेकर पोडिंग और रिजर्वायर बनाए गए हैं, जिनमें क्लोजर के दौरान पानी की सप्लाई चलती रहगी।

इस पूरी परियोजना पर लगभग1976 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं, जिसमें केंद्र सरकार 982 करोड़, राजस्थान सरकार 715 करोड़ और पंजाब सरकार 279 करोड़ रुपए का निवेश कर इस नहर की सेहत सुधार रही हैं। जब यह काम पूरा होगा, तो राजस्थान को 4 हजार क्यूसेक पानी रोजाना ज्यादा मिलने लगेगा।

पूर्व की सरकारों की तुष्टीकरण की नीति के कारण न जाने कितना पानी व्यर्थ पाकिस्तान में बहा होगा। लेकिन अब और नहीं, क्योंकि वर्तमान प्रशासन ने तय किया है कि सेवा उसी को, जो उसका मूल्य समझे। इस निर्णय के साथ न केवल केंद्र सरकार ने एक सशक्त भारत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई है, बल्कि यह भी संदेश दिया है कि पाकिस्तान के सामने भारत किसी भी स्थिति में अब नरम नहीं पड़ेगा।

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