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इमरान की ये गलती पाकिस्तान को ले डूबेगी , यूएई ने लिया कडा फैसला

कटोरा खान इमरान की एक गलती अब पुरे पाकिस्तान के लिए खतरनाक साबित होने वाली है. पूरी दुनिया में इमरान ने पाकिस्तान की जो इज़्ज़त उतारी है. उसे देखते हुए अब अरब देश ने भी पाकिस्तान से किनारा कर लिया है. ओआईसी की कमान अपने हाथ में लेने के लिए तुर्की अपनी चाल चल रहा है. और इस खेल में प्यादा बनाकर भेजा है पाकिस्तान को. जिसने सीधे तौर पर उस देश को चुनौती दे दी जो पाकिस्तान से कहीं ऊपर है. इमरान को ये बात समझ नहीं आ रही वो तो सूखे नशे करके बैठे हैं. देश को बचाते बचाते इमरान कब देश बेच आये उन्हें भी पता नहीं चला. मुस्लिमों का रहनुमा बन रहे इमरान ने अपने ही कौम के लोगों को फंसा दिया है. वो भी ऐसी जगह जो हज़ारों किलोमीटर दूर है. अब पाकिस्तान के बाशिंदों पर ही ख़तरा मंडराने लगा है.

दरअसल इमरान चाहते थे की सऊदी अरब कश्मीर के मुद्दे पर बोले. लेकिन सऊदी अरब ने इसे ख़ास तवज्जो नहीं दी. भारत के साथ सऊदी अरब के सुधरते रिश्तों को देखकर इमरान के बड़बोले मंत्री कुरैशी ने सऊदी को ही चुनौती दे दी. और पाकिस्तान चला था सभी इस्लामिक देशों का बादशाह बनने. जब कोई आगे नहीं आया तो पाकिस्तान की बेइज़्ज़ती हुई. मोर्चा संभालने के लिए बाजवा पहुंचे प्रिंस के दर पर और बजवा के लौट आए. यहीं से रिश्तों में खटास आनी शुरू हुई. एक कहावत है रहिमन धागा प्रेम का मत तोड़ो चटकाए, टूटे पे फिर ना जुरे, जुरे गाँठ परी जाए. अब तो सऊदी और पाकिस्तान के रिश्तों की डोर टूट चुकी है.

सऊदी ने तो सबसे पहले पाकिस्तान से अपने पैसे मांगने शुरू कर दिए. रियाद ने पाकिस्तान को 1 अरब डॉलर का कर्ज वापस करने को मजबूर कर दिया और अब 1 अरब डॉलर की और मांग की जा रही है, वो भी सूद समेत. पैसा पाकिस्तान के पास है नहीं तो पहुँच गई चीन के पास. वहां से पैसा तो मिल गया पर चीन ने इमरान को और ज्यादा कर्जदार बना दिया. सऊदी इतना नाराज़ है की तेल और ऊर्जा पर देने वाले पैसे को भी बंद कर सकता है. यानी बहु तो गई ही गई दहेज़ का सामान भी ले गई.यूएई में फिलिस्तीन समर्थक पाकिस्तानी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी भी की गई.

और अब संयुक्त अरब अमीरात ने एक और कडा फैसला लिया है. सऊदी अब पाकिस्तान के नागरिकों को भगाने की तैयारी में है. एक रिपोर्ट के मुताबिक़ संयुक्त अरब अमीरात के जेल में कई पाकिस्तानी नागरिक कैद है. सिर्फ अबू धाबी के अल सवईहान जेल में करीब 5,000 पाकिस्तानी कैदी बंद है. और अब संयुक्त अरब अमीरात पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा पर कानून पेश कर सकता है. अगर ये कानून जारी हो गया तो पाकिस्तानी नागरिकों के लिए सऊदी जाना बहुत मुश्किल हो जाएगा. फिर पाकिस्तान के नागरिक बाहर जा कर काम नहीं कर पाएंगे. पाकिस्तान पहले से ही ग्रे लिस्ट में है, फिर भी अपनी गलतियां सुधारने की जगह वो और बड़ी गलतियां कर रहा है.

ये खटास कहाँ से आई ये भी बता दें. दरअसल संयुक्त अरब अमीरात और इज़रायल की दोस्ती पाकिस्तान को पसंद नहीं आई. इन दोनों देशों ने एक समझौता किया. इस शान्ति समझौते में सबसे बड़ी भूमिका निभाई थी अमेरिका ने. ट्रम्प की देख रेख में ये समझौता हुआ. बता दें इज़रायल आतंकवाद के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद करता रहा है. और आतंकवाद को खत्म करने के लिए कई कड़े कानून भी अपने देश में लागु कर रखे हैं. और यही बात आतंक के आकाओं को पसंद नहीं. ये दोस्ती इतनी अखडी की इमरान ने विवादित बयान दे डाला. अब हालत ये हुई की संयुक्त अरब अमीरात पाकिस्तानी नागरिकों को डिपोर्ट करने यानी वापस भेजने की तैयारी कर रहा है.

सिर्फ एक वजह ही नहीं है. इससे भी बड़ी बात रही है इमरान का झूठ बोलना. रिपोर्ट की माने तो , साल 2017 में जब कंधार में आतंकी हमला हुआ था. उसमे यूएई के 5 राजनयिकों की मौत हो गई थी. जांच शुरू हुई पाकिस्तान ने इसका दोष ईरान पर थोप दिया. लेकिन यूएई की जांच एजेंसी ने पाया है कि कंधार हमले में पाकिस्तान के हक्कानी नेटवर्क का हाथ था और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस भी सीधे इसमें शामिल थी. यानी इमरान ने झूठ बोला. ये भी एक वजह है जो यूएई पाकिस्तान से दूर हो रहा है.

बता दें कि अरब देशों की वजह से ही पाकिस्तान का वजूद विश्व में कायम है. अगर इन देशों ने भी पाकिस्तान के सर से अपना हाथ हठा लिया तो पाकिस्तान अकेला पड़ जाएगा. ऐसे में पाकिस्तान का विनाश संभव है. अगर सभी मुस्लिम देशों ने पाकिस्तान से किनारा कर लिया तो उनकी हालत कुएं के मेंढक जैसी हो जायेगी. फिलहाल तो दो बड़े देशों के पाकिस्तान के खिलाफ मोर्चा खोला है. और इसी में पाकिस्तान का हुक्का पानी बंद होते हुए नज़र आ रहा है.

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