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ट्रम्प का अकाउंट क्यों बंद किया ट्विटर, इस मामले में क्यों आया मिशेल ओबामा का नाम?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ट्विटर अकाउंट को ट्विटर ने हमेशा के लिए सस्पेंड कर दिया। शनिवार को ट्विटर ने ट्रम्प के ट्वीट से फिर से हिंसा भड़कने की आशंका को देखते हुए उनके अकाउंट को सस्पेंड कर दिया। ट्विटर पर ट्रम्प के अकाउंट को सस्पेंड करने का काफी दबाव था। मिशेल ओबामा समेत कई बड़ी हस्तियों ने ट्रम्प के अकाउंट को बंद करने की मांग की थी।

ट्रम्प ने क्या ट्वीट किया, जिसकी वजह से अकाउंट बंद हुआ?
ट्रम्प ने शुक्रवार को दो ट्वीट किए। एक में उन्होंने हिंसा करने वाले अपने समर्थकों को क्रांतिकारी बताया तो दूसरे में उन्होंने कहा कि वो 20 जनवरी को होने वाले प्रेसिडेंशियल इनॉगरेशन (बाइडेन के शपथ ग्रहण) में नहीं जाएंगे। इन दो ट्वीट के कुछ ही मिनट बाद ट्रम्प के अकाउंट के ट्वीट दिखने बंद हो गए और अकाउंट सस्पेंड का मैसेज शो होने लगा। ट्रम्प के इस ट्विटर अकाउंट पर 8.8 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर थे।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने ट्रम्प के ट्वीट्स को हिंसा भड़काने की आशंका वाला माना। कंपनी ने कहा कि ये ट्वीट लोगों को गुरुवार जैसी आपराधिक घटना दोहराने के लिए उकसाते हैं। जो ट्विटर की सिविक इंटीग्रिटी पॉलिसी के खिलाफ है। ट्विटर ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि ट्रम्प का पर्सनल अकाउंट @realDonaldTrump तुरंत बंद किया जा रहा है।

ट्विटर ने ब्लॉग पोस्ट में क्या कहा?
ट्विटर ने अपने ब्लॉग पोस्ट में कहा कि हमने बुधवार को ही कहा था कि ट्रम्प अगर आगे भी ट्विटर की पॉलिसी को नजरअंदाज कर भड़काऊ ट्वीट करते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कदम उठाएंगे। उसके बाद भी उन्होंने शुक्रवार को फिर से भड़काऊ ट्वीट किए। हमने पहले भी कहा है कि किसी भी बड़े से बड़े नेता का अकाउंट हमारे नियमों से ऊपर नहीं है। पोस्ट में ट्विटर ने ट्रम्प के दोनों ताजा ट्वीट भी डाले हैं और उनका एनालिसिस भी लिखा है। जो उनके अकाउंट के परमानेंट सस्पेंशन की वजह बने।

ट्विटर की कार्रवाई पर क्या बोले ट्रम्प?
पर्सनल अकाउंट बंद किए जाने के बाद ट्रम्प ने राष्ट्रपति के ऑफिशियल अकाउंट @POTUS से ट्वीट किया, ‘हम भविष्य में एक नया प्लेटफॉर्म बनाएंगे। हमारी आवाज दबाई नहीं जा सकती। ट्विटर हमारे अधिकार को दबाने में लगा है। ट्विटर ने डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर मेरा अकाउंट हटवा दिया। 7 करोड़ 50 लाख लोगों की आवाजों को दबाया नहीं जा सकता।’ ट्रम्प के इस ट्वीट को भी ट्विटर ने कुछ सैकंड के अंदर डिलीट कर दिया। ट्रम्प ने कुछ और अकाउंट्स से भी ट्वीट किए, लेकिन उन्हें भी कंपनी ने तुरंत डिलीट कर दिया।

ट्रम्प के बाकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी क्या कोई कार्रवाई हुई?
ट्विटर से पहले शुक्रवार को फेसबुक ने भी ट्रम्प को उनके कार्यकाल के बचे समय यानी 20 जनवरी तक के लिए बैन कर दिया था। इसके अलावा स्नैपचैट, यूट्यूब, ट्विच और रेडिट ने भी ट्रम्प को अपने-अपने प्लेटफॉर्म पर बैन किया है।

मिशेल ओबामा का इस मामले से क्या कनेक्शन है?
अब तक फ्री स्पीच के नाम पर बैन लगाने से बचते रहे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस बार भारी दबाव था। अमेरिका के कई सांसदों समेत देश की कई बड़ी हस्तियां ट्रम्प के अकाउंट पर बैन लगाने की मांग कर रही थीं। इनमें पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की पत्नी मिशेल ओबामा भी शामिल थीं। इसी वजह से ट्रम्प आरोप लगा रहे हैं कि डेमोक्रेट्स के कहने पर ट्विटर ने उनके खिलाफ कदम उठाया है।

ट्विटर की सिविक इंटीग्रिटी पॉलिसी क्या है?
आप चुनाव समेत किसी भी सिविक प्रॉसेस (नागरिक प्रक्रिया) में दखल देने या उसे प्रभावित करने के लिए ट्विटर का इस्तेमाल नहीं कर सकते। इसमें आप ऐसा कंटेंट, फोटो या वीडियो शेयर नहीं कर सकते जो लोगों को भ्रमित करे। ट्विटर चुनाव, किसी मुद्दे पर रेफरेंडम, जनगणना जैसे मामलों को सिविक प्रॉसेस का हिस्सा मानता है।

कोई अकाउंट ब्लॉक किस तरह होता है?

  • पहला- ट्विटर पर किसी भी ट्वीट के दाईं ओर आने वाले ऑप्शन बार में रिपोर्ट ट्वीट का ऑप्शन आता है। अगर आप किसी ट्वीट पर रिपोर्ट ट्वीट करते हैं तो ट्विटर आपको कुछ ऑप्शन देता है। उन ऑप्शंस को चुनने के बाद आप ट्वीट को रिपोर्ट कर सकते हैं। इसके बाद ट्विटर उसे चेक करता है और अगर शिकायत सही मिलती है तो अकाउंट ब्लॉक हो सकता है।
  • दूसरा- अगर कोई आपके ट्वीट की शिकायत ट्विटर के ऑफिशियल हैंडल पर करता है, तब भी ट्विटर उसे क्रॉस चेक करता है। शिकायत सही होने पर अकाउंट ब्लॉक हो सकता है।
  • तीसरा- ट्विटर खुद भी अकाउंट्स पर नजर रखता है। अगर ट्विटर की पॉलिसी का वॉयलेशन होता है, तो ट्विटर उसे ब्लॉक कर सकता है। जैसा ट्रम्प के अकाउंट के साथ हुआ।
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