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एक्सपर्ट्स ने उठाया बड़ा सवाल- क्या महंगे दाम में कोरोना वैक्सीन खरीद रही सरकार?

मुंबई
देश में कोरोना वैक्सीनेशन की 16 जनवरी से शुरुआत होने जा रही है। कोरोना वैक्सीन लैब में तैयार होकर वैक्सीनेशन के लिए विभिन्न राज्यों के अलग-अलग सेंटर्स पर पहुंच चुकी है। इन सब के बीच कोरोना वैक्सीन की कीमत को लेकर एक्सपर्ट सवाल उठा रहे हैं। मीडिया  ने पब्लिक हेल्थ एक्टिविस्ट और इंडस्ट्रीज के एक्सपर्ट से इस मुद्दे पर बातचीत की। एक्सपर्ट का कहना है कि सरकार सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) और भारत बायोटेक (Bharat Biotech)की वैक्सीन के लिए अधिक कीमत चुका रही है।

ईयू से अधिक कीमत दे रही भारत सरकार
खुले बाजार में कोरोना वैक्सीन की कीमत 1000 रुपये होने पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सरकार सीरम इंस्टीट्यूट की तरफ से मैन्युफैक्चर्ड कोविशील्ड (Covishield) वैक्सीन के लिए प्रति डोज 200 रुपये दे रही है। जबकि यूरोपीय यूनियन ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका (Oxford/AstraZeneca vaccine) की इसी वैक्सीन के लिए करीब 159 रुपये चुका रहा है। यह जानकारी बेल्जियम के बजट स्टेट सेक्रेट्ररी के ट्विटर पर पोस्ट किए गए लीक हुए डॉक्युमेंट से सामने आई है।

भारत बायोटेक की वैक्सीन अभी ट्रायल मोड में
भारत बायोटेक की वैक्सीन के लिए केंद्र सरकार 295 रुपये प्रति डोज कीमत दे रही है। वहीं वैक्सीन अभी भी क्लीनिकल ट्रायल मोड में हैं। ऐसे में अति महत्वपूर्ण फेज 3 का डेटा अभी सामने आना बाकि है। दुनियाभर में ड्रग और वैक्सीन की कीमतें सार्वजनिक नहीं की जाती हैं। इन्हें कमर्शियली सीक्रेट ही रखा जाता है। इस महामारी ने अधिक पारदर्शिता और समानता की जरूरत को सामने रखा है। पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट के लिए हैरानी की बात भारत में वैक्सीन की कीमतों का अधिक होना है।

100 रुपये के आसपास होनी चाहिए कीमत

ऑल इंडिया ड्रग एक्शन नेटवर्क एनजीओ से जुड़े एस श्रीनिवासन का कहना है कि सरकार वैक्सीन की कीमतों को लेकर और मोलभाव कर सकती थी। साथ ही सरकार को सभी के लिए मुफ्त वैक्सीन दी जानी चाहिए। श्रीनिवासन का कहना है कि इस वैक्सीन की कीमत 100 रुपये के आसपास होनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि प्रायोरिटी ग्रुप को छोड़कर अन्य को वैक्सीन लगाए जान को लेकर सरकार की तरफ से अभी कोई प्रतिबद्धता नहीं दिखाई दे रही है।

प्रोफिट मार्जिन अधिक नहीं होना चाहिए
पब्लिक हेल्थ में स्पेशलाइजेशन करने वाली वकील लीना मेनघने का कहना है कि सरकार कंपनियों से प्रोडक्शन लागत, लाइसेंसिंग और अन्य डिटेल्स को लेकर अधिक ट्रांसपेरेंसी की मांग कर सकती है। इसमें सरकार के लिए प्रोफिट मार्जिन चार से पांच गुना अधिक नहीं होना चाहिए।

इस धरती पर कोई भी 200 रुपये से कम में नहीं दे रहा
इस संबंध में सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला कहना है कि इस धरती पर कोई भी 200 रुपये से कम में इस वैक्सीन को नहीं दे रहा है। हमने इसके लिए सही कीमत रखी है। वैक्सीन के 2000 रुपये की कीमत (प्राइवेट रूप से खरीदने पर) परिवारों को हॉस्पिटल खर्च के भारी बोझ से बचाएगी। सीरम ने कोवैक्स अलायंस के तहत लो और मिडिल इनकम वाले देशों के लिए वैक्सीन की अधिकतम कीमत 3 डॉलर प्रति डोज रखी है। इससे पहले सरकार की तरफ से 12 जून को कहा गया था कि भारत में निर्मित दोनों वैक्सीन किफायती कीमत पर लोगों के लिए उपलब्ध होंगी।

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