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एक बेटा नेता, दूसरा अफसर और पोती पीसीएस.. फिर भी ऐसे हाल में हुई बूढ़ी मां की मौत !

मां हमेशा बच्चों की लंबी उम्र व कामयाबी के लिए मन्नत मांगती रही, लेकिन खुद जब ठीक से देखभाल न होने के चलते बुजुर्ग मां मरने के हाल पर पहुंचे गई तो बच्चे उसे भूल गए। ठीक ऐसा ही मामला पंजाब के श्री मुक्तेसर साहिब से सामने आया है जहां गुज्जर रोड पर एक 82 वर्षीय बूड़ी मां दो-दो फुट की दीवारों के ऊपर प्लाई के टुकड़ों पर सोने को मजबूर थी, बावजूद इसके कि उसका एक बेटा सरकारी अफसर है जबकि दूसरा एक क्षेत्री राजनीतिक पार्टी का बड़ा नेता है। इसके अलावा उनकी पोती भी पीसीएस अधिकारी है, लेकिन इतना सब कुछ होते हुए भी महिला घर से बाहर ऐसे जीवन गुजारने के लिए मजबूर हो गई।

खबरों के मुताबिक, बुजुर्ग महिला तीन दिन पहले इसी दो फुट की दीवारों के ऊपर प्लाई के टुकड़े में पड़ी हुई मिली थी। भीषण गर्मी में भी महिला ऐसे ही जीने को मजबूर थी, उसके शरीर पर कपड़े तक पूरे नहीं थे। ऐसी हालत में जब बुजुर्ग महिला को किसी ने देखा तो इसकी जानकारी समाजसेवी संस्ता सालासर सेवा सोसायटी को दी, फिर पुलिस की सहायता से उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

जब अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा उसका चेकअप किया गया तो बुजुर्ग महिला के सिर में कीड़े पड़े हुए थे। महिला की हालत गंभीर थी। बेटे को जब यह पता चला तो वह पहुंचा और माता को फरीदकोट अस्पताल में दाखिल करवाया, जहां महिला ने दम तोड़ दिया।

एएसआई दिलबाग सिंह ने बताया कि छानबीन में पता चला है कि बुजुर्ग सोढियों का आरा कोटली रोड की रहने वाली थी। महिला बूड़ा गुज्जर रोड पर दो फीट की दीवारों पर प्लाई के टुकड़ों में रह रही थी। छानबीन में पता चला है कि महिला के दो पुत्र है जिनमें से एक नई बनी पार्टी में नेता है तथा दूसरा सरकारी अधिकारी है तथा पौत्री पीसीएस अधिकारी है।

जानकारी के मुताबिक बुजुर्ग महिला के बच्चों ने उसकी देखभाल के लिए किसी को कहा था जिन्हें वह हर माह देखभाल के लिए पैसे दे दिया करते थे लेकिन देखभाल करने वालों ने शायद अपनी जिम्मेदारी नहीं समझी और अपने ही बेटों और पोती ने कभी उनकी परवाह भी नहीं की, इसलिए महिला की ऐसी दुर्गति होती रही।

बताया जा रहा है कि जिला उपायुक्त ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं कि महिला इस हालत में कब से थी। महिला के बेटे ने बताया कि उसने अपनी माता को संभालने के लिए किसी व्यक्ति को रखा हुआ था जिसे वह चार हजार रुपये मासिक देते थे। उन्हें नहीं पता कि उनकी माता वहां कैसे पहुंच गई। बताया कि उनकी पत्नी बीमार है तथा बेटा छोटा होने के कारण वह माता को संभालने में असमर्थ था, इसलिए ऐसा किया। हालांकि उन्होंने राजनीतिक पार्टीसे जुड़े बेटे के बारे में बताने से इनकार किया।

वहीं, डीसी एमके अराविंद कुमार ने महिला की मौत के जांच के आदेश दिए हैं जिसकी जांच एसडीएम वीरपाल कौर को सौंपी गई है। एसडीएम वीरपाल कौर ने बताया कि वह मामले की जांच कर रही हैंं तथा जल्द ही वह इस मामले की जांच करके उसकी पूरी रिपोर्ट डीसी एमके अराविंद कुमार को सौंप देगी।

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