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करवा चौथ : थाली में जरूर होनी चाहिए ये 18 चीज़ें, यहां जानिए पूरी लिस्ट

हिंदू धर्म में करवा चौथ (Karwa Chauth) बहुत बड़ा त्योहार है, खासकर शादीशुदा महिलाओं के लिए। पति-पत्नी के बीच विश्वास की डोर को मजबूती प्रदान करने वाला व्रत करवा चौथ आज मनाया जा रहा है। महिलाएं यह व्रत अपने पति के प्रति समर्पित होकर उनके लिए उत्तम स्वास्थ्य,दीर्घायु एवं जन्म-जन्मांतर तक पुनः पति रूप में प्राप्त करने के लिए मंगल कामना करती हैं। इस दिन सभी सुहागिने अपने पति के लिए करवा चौथ का व्रत (Karwa Chauth Vrat) करती हैं। घरों में पकवान बनते हैं। सुहागिने पूरा श्रृंगार करती हैं।

इस दिन कई महिलाएं सुबह सरगी खाती हैं, तो कुछ शाम की कथा के बाद पानी या चाय पीती हैं। लेकिन आज भी कई महिलाएं करवा चौथ का व्रत करते समय चांद निकलने तक अन्न-जल, कुछ भी ग्रहण नहीं करती। पति-पत्नी के अटूट बंधन का यह व्रत हर विवाहित नारी के मन को एक सुखद अनुभूति के एहसास से सराबोर कर देता है। करवा चौथ व्रत की पूजा में कुछ चीजों का विशेष महत्व होता है। जिसके लिए महिलाएं लंबे समय से लिस्ट बनाकर रखती हैं, ताकि कोई भी चीज़ छूट ना जाए। ऐसी ही एक लिस्ट आपको यहां दिखाई जा रही है, जिसमें थाली में रखी जाने वाली सभी सामग्रियों के बारे में बताया गया है। आइए जानते हैं करवा चौथ की पूजा में किन-किन चीजों की जरूरत होती है।

पूजा की थाली में होने वाली चीजों की पूरी लिस्ट

  1. छलनी
  2. मिट्टी का टोंटीदार करवा और ढक्कन
  3. दीपक
  4. सिंदूर
  5. फूल
  6. मेवे
  7. फल
  8. रुई की बत्ती
  9. कांसे की 9 या 11 तीलियां
  10. नमकीन मठ्ठियां
  11. मीठी मठ्ठियां
  12. मिठाई
  13. रोली और अक्षत (साबुत चावल)
  14. आटे का दीपक
  15. धूप या अगरबत्ती
  16. पानी का तांबा या स्टील का लोटा
  17. आठ पूरियों की अठावरी और हलवा
  18. दक्षिणा

करवा माता की पूजा सामग्री

सबसे पहले करवा चौथ की पूजा सामग्री में करवा माता की पूजा के लिए उनकी तस्वीर होना चाहिए। करवा चौथ व्रत में सींक का होना बहुत जरूर होता है। करवा माता की तस्वीर के अलावा सींक भी माता के शक्ति का प्रतीक माना जाता है। सींक का करवा चौथ की पूजा में विशेष महत्व होता है।

करवा (मिट्टी का कलश)

बिना करवा के करवा चौथ की पूजा का कोई अर्थ नहीं होता। करवा नदी का प्रतीक माना जाता है। इसी के साथ करवा चौथ में पूजा में छलनी का होना भी जरूरी होता है। व्रत में महिलाएं अपने पति के चेहरे को छलनी से देखती हैं।

बिना दीपक के कोई भी व्रत या पूजा पूरी नहीं हो सकती। करवा पूजा में दीपक की रोशनी का विशेष महत्व होता है। पूजा की थाली में फल, फूल, सुहाग का सामान, जल, दीपक और मिठाई होनी चाहिए। इन चीजों से करवा माता की पूजा की जाती है और उनका आशीर्वाद लेकर अपने परिवार के मंगलकामना की प्रार्थना कर पूजा संपन्न की जाती है।

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