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कुत्तों को ऐसा श्राप क्यों दी थी द्रोपदी, जिसके चलते खुले में करते हैं सहवास ?

अपनी अपनी प्रजाति को आगे बढ़ाने के लिए इंसानों की तरह जानवर भी सहवास करते हैं लेकिन जानवरों में सिर्फ एक कुत्ता ही जो खुलेआम सहवास करता है। कुत्ते के अलावे और कोई जानवर नहीं है जो खुलेआम कहीं भी सहवास करता हो। लोग इसे कुत्तों की आम समस्या मानते हैं लेकिन आज हम आपको जो बताने जा रहे हैं उसके बाद आपको यकीन होजायेगा की कुत्ते किस वजह से खुले में सम्भोग करते हैं ,तो आईये जानते हैं की आखिर इसके पीछे क्या ख़ास वजह है।

द्रौपदी ने दिया कुत्ते की प्रजाति को श्राप

महाभारत काल के पौराणिक कथाओं के अनुसार कुत्ते सरेआम सहवास इसलिए करते हैं क्यूंकि द्रौपदी ने उन्हें श्राप दिया था। दरअसल अर्जुन जब द्रौपदी को विवाह कर घर लाया था तो उसकी माँ कुंती को नहीं पता था की अर्जुन शादी कर घर आया था। अर्जुन और द्रौपदी जब घर आये तो उनके साथ बाकी चार पांडव भी थे और जब उन्होनें कुंती से कहा की देखो माँ हम तुम्हारे लिए क्या लाये तो कुंती ने बिना देखे जवाब दे दिया की जो भी लाये हो उसे पांचो भाई आपस में बाँट लो।

अब पांडव माँ की बात का कैसे निरादर करते इसलिए बाकी चार भाइयों की शादी भी द्रौपदी से करवा दी गयी और ये नियम बनाया गया की द्रौपदी हर साल उनमे से एक भाई के साथ रहेगी और इस दौरान कोई और उनके कमरे में नहीं आएगा।

अर्जुन के कारण कुत्तों को मिला द्रौपदी का श्राप

ऐसा माना जाता है की अर्जुन की वजह से ही कुत्तों को द्रौपदी का श्राप मिला था की वो खुले में ही सहवास करेंगे और लोग उन्हें देखेंगे। दरअसल हुआ यूँ था की जब द्रौपदी को हर साल एक भाई के साथ रहने की शर्त रखी गयी थी तो इसके साथ ये बात भी तय हुई थी की जब द्रौपदी किसी भी एक भाई के साथ कमरे में होगी तो उस समय कोई भी दूसरा उस कमरे में नहीं आएगा और निशानी के तौर पर उस एक भाई की चप्पल बाहर कमरे के दरवाजे के पास ही रकः दी जाएगी जिससे लोग समझ जाएंगे की द्रौपदी अभी किसके साथ है।

एक बार द्रौपदी कमरे में युधिस्ठिर के साथ थी और उसी बीच अर्जुन कमरे में आ गया और उसने द्रौपदी और युधिष्ठिर को एक साथ सम्भोग के अवस्था में देख लिया। जब द्रौपदी ने अर्जुन को देखा तो उसने पुछा की बाहर उसे बड़े भाई की पादुकाएं नहीं दिखी तो अर्जुन का जवाब था नहीं।

द्रौपदी ने बाहर जाकर देखा तो वहां उसे युधिष्ठिर की पादुकाएं नहीं दिखी। उनको एक कुत्ता अपने मुह्ह में लेकर जा रहा था और गुस्से में आगबबूला द्रौपदी ने कुत्तों को श्राप दे दिया की जिस प्रकार आज मुझे अर्जुन के सामने शर्मिन्दित होना पड़ा है उसी प्रकार तुम्हारी प्रजाति को भी ये जिल्लत झेलनी पड़ेगी और तुम खुले में ही सहवास करोगे।

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