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कोरोना काल में सोना बना वरदान, 5000 रुपये से अधिक हुआ सस्ता, मोटा मुनाफा कमाने का सुनहरा मौका

सोने के दाम में गिरावट की एक बड़ी वजह कमजोर मांग भी है। सोने के गिरते दाम की वजह से लोग अभी सोने में निवेश नहीं कर रहे हैं। निवेशकों को सोने के दाम में और गिरावट आने कि उम्मीद है इसलिए लोग अभी निवेश और खरीदारी दोनों से ही बच रहे हैं। आगे त्योहारी मौसम में इसमें तेजी आने की संभावना है। यही वह है कि यह सोने में निवेश करने आपके लिए एक बेहतर मौका हो सकता है। अक्टूबर से लेकर नवंबर में त्योहारों की भरमार रहेगी और ऐसे में सोने की मांग भी बढ़ेगी और इसका साफतौर पर असर दाम पर देखने को मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ हफ्तों में सोने के दाम में तेजी देखी जा सकती है इसलिए अभी सोने में निवेश करने का एक अच्छा मौका है जोकि आगे आने वाले चार से पांच महीने में भारी मुनाफा देगा।

MCX पर सोने का इस सप्ताह का क्लोजिंग रेट

5 अक्टूबर को डिलिवरी वाला सोना MCX (Gold MCX price) पर इस सप्ताह 536 रुपये की तेजी के साथ 50940 के स्तर पर बंद हुआ। 30 सितंबर को यह 50404 के स्तर पर बंद हुआ था। सप्ताह के आखिरी दिन इसमें 9 लॉट का कारोबार हुआ। दिसंबर डिलिवरी वाला सोना (Gold delivery prices) इस सप्ताह 210 रुपये की तेजी के साथ 50544 के स्तर पर बंद हुआ। 30 सितंबर को यह 50334 के स्तर पर बंद हुआ था। इसमें कुल 9897 लॉट का कारोबार हुआ। फरवरी 2021 डिलिवरी वाला सोना 175 रुपये की तेजी के साथ 50655 के स्तर पर बंद हुआ। 30 सितंबर को यह 50480 के स्तर पर बंद हुआ था। इसमें कुल 198 लॉट का कारोबार हुआ। MCX पर अब सोमवार को यानी 5 अक्टूबर को ट्रेडिंग होगी।

सर्राफा बाजार की कीमत

सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन (1 अक्टूबर को) दिल्ली सर्राफा बाजार (Gold price in bullion market) में सोना तेजी के साथ और चांदी गिरावट (GSilver price in bullion market)के साथ बंद हुई। गुरुवार को सोने (Gold price today) की कीमत में 37 रुपये की मामूली बढ़त देखने को मिली है, लेकिन चांदी (Silver price today) की कीमत में 915 रुपये की भारी गिरावट आई। दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 51,389 रुपये प्रति दस ग्राम हो गया, जबकि चांदी 61,423 रुपये प्रति किलो के स्तर पर बंद हुई। 30 सितंबर को सोने का बंद भाव 51,352 रुपये प्रति दस ग्राम रहा था। चांदी (Silver price today) बुधवार को 62,338 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुई थी।

6 हफ्तों से सोने पर डिस्काउंट जारी, खरीदने का शानदार मौका

सोने के डीलर ग्राहकों को सोने पर तगड़ा डिस्काउंट (Discount on gold in india) देकर बाजार में डिमांड पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। 6 हफ्तों से लगातार ग्राहकों को सोने पर डिस्काउंट देने का सिलसिला जारी है। पिछले हफ्ते भी 5 डॉलर प्रति औंस यानी करीब 130 रुपये प्रति 10 ग्राम तक का डिस्काउंट दिया गया। उससे पहले ये डिस्काउंट 23 डॉलर प्रति औंस था। थोड़ा और पीछे जाएं तो उससे पिछले हफ्ते 30 डॉलर प्रति औंस का डिस्काउंट दिया जा रहा था, जो कभी 40 डॉलर प्रति औंस भी रह चुका है।

वैसे तो ये वक्त सोना खरीदने के लिए बहुत अच्छा है, लेकिन सर्राफा बाजार में कम मांग की वजह से भारी डिस्काउंट देने के बावजूद लोग पहले की तरह सोने की ओर आकर्षित नहीं हो रहे हैं। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंसियल सविर्सिज के जिंस शोध के उपाध्यक्ष नवनीत दमानी ने कहा कि हाल के दिनों में सोने का भाव 57,000 रुपये की ऊंचाई से गिरकर 50,000 रुपये के दायरे में आया है जबकि चांदी 78,000 रुपये की ऊंचाई से सुधरकर 60,000 रुपये के दायरे में आई है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इनमें उतार- चढ़ाव जारी रह सकता है।

फेस्टिव सीजन में मांग कम रहने की संभावना

अक्टूबर-नवंबर के दौरान अमूमन सोने की मांग काफी बढ़ जाती है। इसकी वजह है फेस्टिव सीजन का आना। दिवाली के करीब सोना हमेशा चमकता है, लेकिन कोरोना की वजह से इस बार लोगों को आर्थिक तंगी झेलनी पड़ रही है, जिसका सीधा असर सोने की मांग पर पड़ा है। मुंबई के एक गोल्ड डीलर का कहना है कि इस बार फेस्टिव सीजन के दौरान भी मांग कम ही रहने का अनुमान है, क्योंकि कीमतें काफी बढ़ चुकी हैं।

कोरोना काल में सोना बना वरदान

सोना गहरे संकट में काम आने वाली संपत्ति है, मौजूदा कठिन वैश्विक परिस्थितियों में यह धारणा एक बार फिर सही साबित हो रही है। कोविड-19 महामारी और भू-राजनीतिक संकट के बीच सोना एक बार फिर रिकॉर्ड बना रहा है और अन्य संपत्तियों की तुलना में निवेशकों के लिए निवेश का बेहतर विकल्प साबित हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि उतार-चढ़ाव के बीच सोना अभी कम से कम एक-डेढ़ साल तक ऊंचे स्तर पर बना रहेगा। दिल्ली बुलियन एंड ज्वेलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष विमल गोयल का मानना है कि कम एक साल तक सोना उच्चस्तर पर रही रहेगा। वह कहते हैं कि संकट के इस समय सोना निवेशकों के लिए ‘वरदान’ है। गोयल मानते हैं कि दिवाली के आसपास सोने में 10 से 15 प्रतिशत तक का उछाल आ सकता है।

मुसीबत में हमेशा बढ़ी है सोने की चमक

सोना हमेशा ही मुसीबत की घड़ी में खूब चमका है। 1979 में कई युद्ध हुए और उस साल सोना करीब 120 फीसदी उछला था। अभी हाल ही में 2014 में सीरिया पर अमेरिका का खतरा मंडरा रहा था तो भी सोने के दाम आसमान छूने लगे थे। हालांकि, बाद में यह अपने पुराने स्तर पर आ गया। जब ईरान से अमेरिका का तनाव बढ़ा या फिर जब चीन-अमेरिका के बीच ट्रेड वॉर की स्थिति बनी, तब भी सोने की कीमत बढ़ी।

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