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भारत के लिए गुड न्यूज हैं कोरोना की ये 2 वैक्सीन, जानें वजह

कोरोना महामारी (Corona Pandemic) ने पूरी दुनिया में आफत ला दिया है। कई देशों में तो इस जानलेवा बीमारी की दूसरी लहर भी पहुंच गई है। ऐसे में दुनियाभर की तमाम दिग्गज कंपनियां कोविड-19 वैक्सीन ( Covid-19 Vaccine Updates) की खोज में दिन-रात एक किए हुई हैं। अमेरिका की दवा निर्माता कंपनी मॉडर्ना (Moderna) और फाइजर (Pfizer) एवं BioNTech ने अपनी वैक्सीन के असरदार होने का दावा किया है।

उधर, रूस ने दावा किया है कि उसकी कोविड-19 वैक्‍सीन अंतरिम आंकड़ों में 92 फीसदी तक प्रभावी साबित हुई है। रूस ने यह ऐलान अमेरिकी कंपनी फाइजर के ऐलान के दो दिन बाद किया था। रूसी कोरोना वैक्सीन Sputnik V की पहली खेप भारत भी आ गई है। भारत ने कई कंपनियों से करीब 1.6 अरब कोरोना वैक्सीन का करार कर लिया है। केंद्र सरकार ने कुछ दिन पहले कहा भी था कि देश के सभी लोगों को कोरोना वैक्सीन उपलब्ध कराई जाएगी।

अमेरिका की दो कंपनियों का बड़ा दावा

अमेरिका की दवा निर्माता कंपनी मॉडर्ना और फाइजर ने अपनी कोरोना वैक्सीन के सबसे सटीक होने का दावा किया है। मॉडर्ना ने सोमवार को घोषणा की थी कि उसकी वैक्सीन 94.5% प्रभावकारी है वहीं, फाइजर ने अपनी वैक्सीन के 90 फीसदी तक असरदार होने का दावा किया था। ये दो ‘mRNA’ वैक्सीन कोविड-19 वैक्सीन की रेस में सबसे आगे चल रही है और ये ट्रायल के तीसरे फेज में हैं। अगर सब ठीक रहा तो एजेंसियों की इजाजत के बाद दिसंबर से वैक्सीन लोगों को दी जा सकती है।

10 कंपनियां हैं वैक्सीन की रेस में

मॉडर्ना और फाइजर के अलावा 8 और कंपनियां वैक्सीन की रेस में शामिल हैं और सभी ट्रायल के तीसरे चरण में हैं। बता दें कि अमेरिका में 50 फीसदी तक सफल वैक्सीन को वहां की फूड और ड्रग एडमिनस्ट्रेशन (FDA) अप्रूवल दे देती है। ऐसे में अमेरिका की दो कोरोना वैक्सीन जल्द ही बाजार में उपलब्ध हो सकती है। अमेरिका की सरकार ने दोनों कंपनियों से 100 मिलियन डोज खरीदने का करार कर चुकी है।

वैक्सीन पर मॉडर्ना, फाइजर का अलग फॉर्म्‍युला

मॉडर्ना और फाइजर कोविड-19 वायरस की जगह सिंथेटिक जेनेटिक मटीरियल का प्रयोग कर रही है। जिसे मैंसेजर RNA या ‘mRNA’ कहा जाता है। यह शरीर की रोगप्रतिरोधक वायरस से लड़ने के लिए ट्रेंड करती है। रोगप्रतिरोधक विकसित होने के बाद शरीर की सेल्स कोरोनावायरस को बढ़ाने वाली प्रोटीन की Copies बना लेती है जो प्रतिरोधक क्षमता को कोरोनावायरस प्रोटीन पर हमला करने का संकेत देती है। कई तरह की ऐसी ही वैक्सीन अन्य बीमारियों को लिए बनाई जा रही है लेकिन कोई भी अभी अप्रूव नहीं हो पाई है।

कितना डोज, कितनी सुरक्षा, यह भी जान लें

फाइजर-बायोटेक की वैक्सीन को -70°C में रखने की जरूरत होगी जबकि मॉडर्ना की वैक्सीन को -20°C में रखना होगा। फाइजर की वैक्सीन रेफ्रिजेरेटर के तापमान में 5 दिन तक रखा जा सकता है। वहीं मॉडर्ना की वैक्सीन को रेफ्रिजेरेटर के तापमान में 30 दिन तक और 12 घंटे रूम के तापमान पर रखा जा सकता है। जहां तक खुराक की बात है तो फाइजर-बायोटेक की दो खुराक पर्याप्त होगी। लेकिन इसके लिए तीन सप्ताह का अंतर रखना होगा। वहीं, मॉडर्ना की वैक्सीन का भी दो डोज लेना होगा लेकिन इसके बीच 4 सप्ताह का अंतर रखना होगा।

भारत ने 1.6 अरब कोरोना वैक्सीन की कर ली है डील

भारत सरकार ने भी कोरोना वैक्सीन के लिए बड़ी तैयारी की है। नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) सरकार ने अलग-अलग कंपनियों से वैक्सीन की डील की है। केंद्र ने Novavax से 1 अरब डोज की डील। ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका (Oxford-AstraZeneca Vaccine) से 500 मिलियन की डील, रूस की गेमेलिया रिसर्च इंस्टीट्यूट (Gamaleya Research Institute) से 100 मिलियन वैक्सीन की डील हो चुकी है।

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