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कोरोना से जंग में यूपी ने दिखाया दम, 100 में सिर्फ 4 मरीज, संक्रमण दर सबसे कम

लखनऊ
कोरोना से पूरी दुनिया लड़ रही है। ऐसे में आबादी के मामले में दुनिया के छठे देश के बराबर यूपी के लिए चुनौतियां सबसे कड़ी थीं, लेकिन आंकड़े तस्दीक करते हैं कि इन चुनौतियों का हर कदम मुकाबला कर सकारात्मक नतीजे सामने लाए गए। स्वास्थ्य विभाग में कोरोना नियंत्रण पर काम कर रही टीम ने पाया है कि यूपी में कोरोना संक्रमण का असर पूरे देश में सबसे कम है।

दूसरे बड़े राज्यों में जहां मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है, वहीं यूपी में प्रति 100 लोगों में सिर्फ चार लोग ही कोरोना पॉजिटिव मिल रहे हैं। हालांकि, आबादी से हिसाब से अभी यूपी में मरीजों की तलाश का काम कुछ धीमा है, लेकिन देशभर में सबसे ज्यादा जांचें भी यूपी में ही हुई हैं। यहां कुल आबादी के मुकाबले 1.86 फीसदी जांच हुई हैं।

महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा, यूपी में सबसे कम संक्रमित
देश में कोरोना संक्रमण की दर देखें तो 100 लोगों में आठ लोग कोरोना पॉजिटिव पाए जा रहे हैं। वहीं, यूपी में यह संख्या इसकी आधी यानी चार है। सबसे ज्यादा 100 लोगों में 18 मरीज महाराष्ट्र में हैं, जबकि दिल्ली और कर्नाटक में यह संख्या 11-11 है। वहीं, आंध्र प्रदेश में 10 और तमिलनाडु में यह आंकड़ा नौ है। यूपी में प्रति 10 लाख लोगों पर 744 कोरोना मरीज मिल रहे हैं, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह संख्या 2,052 हैं।

प्रदेश के स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. डीएस नेगी कहते हैं कि यूपी में संक्रमण दर कम होने के पीछे कई कारण हैं। हमने मरीजों की जांच और पहचान कर उन्हें तत्काल बाकी लोगों से अलग करने की रणनीति अपनाई। वह कहते हैं कि यूपी में मृत्यु दर 100 में केवल 1.6 मरीज की है, जबकि देश में यह दर 1.9 मरीज की है। यूपी ने यहां भी लगाम लगाई है।

देश में सबसे ज्यादा जांचें यूपी में

प्रदेश – टेस्ट

तमिलनाडु- 39,13,523

महाराष्ट्र- 33,43,052

आंध्र प्रदेश- 30,19,296

कर्नाटक -21,97,259

दिल्ली -1,35,189

‘हम दूसरे राज्यों से बेहतर’

यूपी के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह कहते हैं, ‘हम यह मानते हैं कि आबादी की तुलना में जांच कम हैं। चूंकि पूरी दुनिया के लिए यह वायरस बिल्कुल नया था। मार्च में जहां यूपी में केवल एक लैब थी। आज सरकारी-निजी मिलाकर 299 लैब हैं। हर जिले में जांच की सुविधा है और मरीज को जांच के बाद तत्काल इलाज मिल रहा है। दूसरे राज्यों से हम काफी बेहतर कर रहे हैं।’

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