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कहीं कर्फ्यू, कहीं स्‍कूल बंद और कहीं सख्‍ती, क्‍या लगने वाला है लॉकडाउन ?

नई दिल्‍ली
क्‍या लॉकडाउन फिर से लगेगा? यह सवाल लोगों की जुबान पर है क्‍योंकि पिछले कुछ दिनों में ऐसे ही संकेत मिले हैं। कोविड-19 के नए मामलों में भले ही गिरावट हो लेकिन कुछ जगहों पर स्थिति और गंभीर हो गई है। यहां नवंबर के महीने में केसेज घटने के बजाय बढ़ते रहे। ऐसे में सख्‍ती बरतना जरूरी हो गया है। गुजरात के अहमदाबाद में शुक्रवार रात से सोमवार सुबह तक ‘पूरी तरह कर्फ्यू’ तो एमपी के 5 शहरों में शनिवार रात से नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है। दिल्‍ली सरकार ने भी सख्‍ती बढ़ा दी है। वहीं, कुछ राज्‍यों ने मामले बढ़ते देख स्‍कूल भी बंद कर दिए हैं। इनमें हरियाणा, उत्‍तराखंड, मिजोरम, हिमाचल प्रदेश जैसे राज्‍य शामिल हैं। ऐसे में देशव्‍यापी न सही, लेकिन स्‍थानीय स्‍तर पर लॉकडाउन की संभावना जताई जा रही है। कंटेनमेंट जोन के भीतर पूरी तरह लॉकडाउन फिर से हो सकता है लेकिन बेहद सीमित इलाके में।

अहमदाबाद में 57 घंटे तक लागू रहेगा कर्फ्यू

गुजरात के अहमदाबाद नगर निगम सीमा में आने वाला इलाका शुक्रवार रात से 57 घंटे के कर्फ्यू में रहेगा। यहां पर दिवाली के बाद कोविड-19 के मामलों में बड़ा उछाल आया है। अधिकारियों के मुताबिक, शुक्रवार (20 नवंबर) रात नौ बजे से कर्फ्यू शुरू होगा, जो सोमवार (23) सुबह छह बजे तक जारी रहेगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव कुमार गुप्ता ने बताया कि इस ”पूर्ण कर्फ्यू” के दौरान केवल दूध और दवा की दुकानें ही खुली रहेंगी। गुप्ता को गुजरात सरकार ने विशेष कार्याधिकारी नियुक्त किया है। उनका काम अहमदाबाद नगर पालिका के कोरोना वायरस संक्रमण संबंधी कामकाज की निगरानी करना है। गुजरात सरकार ने राज्य में 23 नवंबर से माध्यमिक स्कूल और कॉलेज खोलने के अपने फैसले पर भी रोक लगा दी है।

इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, रतलाम और विदिशा में रात 10 से सुबह 6 बजे का नाइट कर्फ्यू

मध्यप्रदेश में लॉकडाउन नहीं लगेगा, लेकिन कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते सरकार ने 5 शहरों में नाइट कर्फ्यू और पाबंंदियां लागू करने का फैसला किया है। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, रतलाम और विदिशा में शनिवार यानी 21 नवंबर से हर दिन रात 10 से सुबह 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू रहेगा। राज्य में 8वीं तक के स्कूल 31 दिसंबर तक बंद रखने का फैसला लिया गया है।

दिल्‍ली में मास्‍क नहीं पहना तो लगेगा भारी जुर्माना

कोरोना की हैंडलिंग को लेकर घिरी अरविंद केजरीवाल सरकार ने सख्‍ती बरतना शुरू कर दिया है। सार्वजनिक जगहों पर मास्क नहीं पहनने वालों पर 2000 रुपये का जुर्माना लगाने की घोषणा की है। अभी तक मास्क नहीं पहनने पर 500 रुपये जुर्माने का प्रावधान था। एक सर्वदलीय बैठक के बाद केजरीवाल ने इसका ऐलान किया। दिल्‍ली में कोविड की तीसरी लहर चल रही है। इसके अलावा, दिल्‍ली सरकार ने स्‍थानीय स्‍तर पर बाजारों में लॉकडाउन की इजाजत भी केंद्र से मांगी है। हालांकि केजरीवाल ने यह साफ किया कि पूरी दिल्‍ली में लॉकडाउन का कोई इरादा नहीं है। दिल्‍ली में शादियों के भीतर गेस्‍ट्स की लिमिट भी 200 से घटाकर 50 कर दी गई है।

स्‍कूल खुले, मगर खोलते ही करने पड़े बंद

केंद्र सरकार ने अनलॉक के तहत, पहले कक्षा 9 से 12, बाद में सभी तरह के स्‍कूल खोलने की इजाजत दे दी थी। कॉलेज और यूनिवर्सिटीज को भी क्‍लासेज की अनुमति है। ऐसे में कुछ राज्‍यों और केंद्रशासित प्रदेशों में स्‍कूल खोले गए थे मगर कोरोना से जुड़ी सावधानियों के साथ। इसके बावजूद कोरोना केसेज बढ़ने के चलते कई राज्‍यों को फिर से स्‍कूल बंद करने पड़े। गुजरात ने स्‍कूल खोलने का फैसला टाल दिया है। मिजोरम, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्‍तराखंड और हरियाणा में फिर से स्‍कूलों को बंद कर दिया गया है।

छोटे-छोटे इलाके में बरती जा रही है सख्‍ती

केंद्र के छूट देने के बावजूद महाराष्‍ट्र सरकार ने 30 नवंबर तक लॉकडाउन बढ़ा दिया था। यानी वहां पर अभी बाकी राज्‍यों जितनी अनलॉकिंग नहीं हुई है मगर जरूरी और सामान्‍य गतिविधियों की छूट है। माइक्रो कंटेनमेंट जोन में सख्‍ती बरती जा रही है। यह तरीका पूरे देश में अपनाया जा रहा है। जहां नया केस मिलता है उससे 50 मीटर के दायरे में आइसोलेशन की कोशिश होती है। घर-घर निगरानी के लिए भी कई राज्‍य अभियान चला रहे हैं।

22 दिन में आए 10 लाख नए केस, भारत में अभी ऐसे बढ़ रहा है कोरोना

पिछले 24 घंटों में 584 मरीजों की मौत के साथ मरने वालों की संख्‍या बढ़कर 1,32,162 पहुंच गई है। शुक्रवार को ऐक्टिव मामलों में 491 की गिरावट देखी गई और अब देश में कोरोना के 4,43,794 सक्रिय मामले हैं। पिछले 24 घंटों में 44,807 मरीजों को छुट्टी के साथ ही कोरोना से उबरने वालों की संख्‍या 84,28,410 हो गई हैद्य

पिछले 8 दिनों में कोरोना केसेज का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है। इसके पीछे टेस्टिंग में गिरावट एक बड़ी वजह है। आखिरी 10 लाख मामले 22 दिन में सामने आना यह दिखाता है कि भारत में मध्‍य सितंबर में पीक पर पहुंचने के बाद से कोरोना का प्रकोप घटा है। उस वक्‍त सिर्फ 11 दिन में ही मामले 40 लाख से बढ़कर 50 लाख हो गए थे। भारत में 0 से 10 लाख मामले पहुंचने में सबसे ज्‍यादा समय लगा था। 80 से 90 लाख होने में 22 दिन उसके बाद से दूसरा सबसे बड़ा अंतराल है।

सितंबर के बाद से मामलों में गिरावट के बावजूद नवंबर के महीने में सबसे ज्‍यादा मामलों के लिहाज से भारत दुनिया में दूसरे स्‍थान पर रहा। भारत में अभ्‍पी तक 8.2 लाख से ज्‍यादा मामले सामने आए हैं जबकि अमेरिका में इस महीने करीब 25 लाख नए केस आ चुके हैं। फ्रांस 7.3 लाख नए मामलों के साथ तीसरे पर रहा जबकि इटली, यूके और पोलैंड क्रमश: चौथे, पांचवें और छठे पायदान पर रहे। नवंबर के महीने में भारत में 9,937 मौतें हुई हैं जो कि दुनिया में तीसरे नंबर पर है। अमेरिका में इस महीने 20,829 मौतें हो चुकी हैं जबकि ईरान में 8,563 लोग कोरोना का शिकार बने।

 

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