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गणेश चतुर्थी विशेष : 126 साल बाद बना है ये शुभ संयोग, फायदे में रहेंगे ये राशि वाले लोग

पूरे देश में गणेश चतुर्थी के त्‍यौहार की तैयारियां हैं, कोरोना वायरस के कारण त्‍यौहार की रौनक कम नहीं है । साल 22 अगस्त यानी शनिवार को गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाएगा । गणेश चतुर्थी के दिन लोग गणेश जी को मूर्ति रूप में अपने घर लाते हैं, और ग्यारहवें दिन धूमधाम के साथ उन्हें विसर्जित कर दिया जाता है । गणपति बप्‍पा से अगले साल जल्दी आने की प्रार्थना की जाती है ।

126 साल बाद शुभ योग
ज्योतिषविदों के अनुसार इस वर्ष गणेश चतुर्थी पर 126 साल बाद बहुत ही शुभ योग बन रहा है, इस बार ये ऐसे समय में मनाई जा रही है जब सूर्य सिंह राशि में और मंगल मेष राशि में हैं । सूर्य और मंगल का यह योग पूरे 126 साल बाद बन रहा है । यह शुभ योग कई राशियों के लिए अत्यंत फलदायी रहेगा । हर वर्ष गणेश चतुर्थी के मौके जगह-जगह पांडाल सजाए जाते हैं, लेकिन इस बार वैसा माहौल देखने को नहीं मिलेगा । इस वर्ष कोरोना के चलते गणेश जी की झांकियां लगाना प्रतिबंधित है । आगे जानें सभी राशियों को किस पुण्‍य फल की प्राप्ति होगी ।

मेष राशि– इस राशि वाले लोगों के लिए गणेश चतुर्थी काफी फलदायी साबित होगा। संतान की ओर से अच्छी खबर मिल सकती है।

वृषभ राशि– इस राशि वाले लोगों से सभी अटके काम पूरे होंगे। और काफी लंबे सम से चल रहे विवाद भी खत्म होंगे।

मिथुन राशि– इस राशि वाले लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। समाज में सम्मान बढ़ेगा.

कर्क राशि- कर्क राशि वालों का कोई बड़ा काम पूरा होगा। इससे उनके जीवन में सुख और शांति बढ़ेगी।

सिंह राशि- इस गणेश चतुर्थी पर सच्चे मन से पूजा करने पर विदेश यात्रा की इच्छी भी पूरी होगी।

कन्या राशि- इस गणेश चतुर्थी इस राशि वाले लोगों का हर प्रयास सफल होगा । कोई बड़ा काम शुरू होने जा रहा है।

तुला राशि – गणेश चतुर्थी से अच्छा समय शुरू होने जा रहा है । संतान सुख मिलेगा।

वॄश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों को बड़ी खुशखबरी मिलेगी। जमीन संबंधी अटके काम पूरे होंगे । आर्थिक तंगी दूर होगी।

धनु राशि- परिवार में मधुरता रहेगी. जीवनसाथी का पूरा सम्मान मिलेगा ।
मकर राशि- इस गणेश चतुर्थी से इस राशि वाले लोगों का अच्छा समय शुरू होने जा रहा है ।

कुम्भ राशि- कुंभ राशि वालों के लिए यह गणेश चतुर्थी काफी शुभ होनी वाली है । गणेश चतुर्थी पर इस राशि वाले लोगों को अच्छा समाचार मिलेगा । साथ ही यात्रा के भी योग है ।

मीन राशि- मीन राशि वाले लोगों के लिए गणेश चतुर्थी काफी शुभ रहेगी । इस दिन नौकरीपेशा लोगों को कोई शुभ समाचार मिलने की उम्मीद है ।

गणेश चतुर्थी शुभ-मुहूर्त
22 अगस्त से देशभर में गणपति उत्सव शरू हो जाएगा और इसकी पावन तिथि यानि शुभ-मुहूर्त 21 अगस्त 2020 को रात्रि 11:02 बजे से प्रारंभ होकर 22 अगस्त 2020 को शाम 07:57 बजे तक रहेगा.

कैसे करें गणपति बप्पा की पूजा
परमपूजनीय गणपति बप्पा की पूजा का इस पर्व में बेहद खास महत्व है. वैसे तो गणपति बप्पा को बहुत ही आसानी से प्रसन्न किया जा सकता है. जी हां, अगर पूजा में गणेश जी को सिर्फ दूर्वा अर्पित की जाए तो वह काफी प्रसन्न हो जाते हैंऔर अपने भक्तों के सारे विघ्न दूर कर देते हैं. जिन लोगों पर बप्पा की कृपा बरसती है उनके सारे बिगड़े काम पूरे होने लगते हैं. ऐसी मान्यता है कि, गणेश जी का जन्म दोपहर में हुआ था इसलिए पूजा भी दोपहर में ही करें.

22 अगस्त यानि गणेश चतुर्थी वाले दिन प्रातः स्नान आदि कर गणपति बप्पा के व्रत का संकल्प लें और दोपहर के वक्त उनकी प्रतिमा को चौकी पर लाल कपड़े के ऊपर स्थापित करें. इसके बाद गंगाजल छिड़कें और दोनों हाथ से गणेश जी का आह्वान करें और पूजा में पधारने में प्रेम पूर्वक अनुरोध करें. गणेश जी के माथे पर सिंदूर की टीका लगाकर उन्हें भोग में मोदक या लड्डू चढ़ाएं. फिर पुष्प, सिंदूर जनेऊ के साथ 21 दूर्वा अर्पित करें. जिस समय आप उन्हें दूर्वा अर्पित करेंगे उस वक्त इन मंत्रों को पढ़े.‘ॐ गणाधिपताय नमः’,‘ॐ विघ्ननाशाय नमः’, ‘ॐ ईशपुत्राय नमः’, ‘ॐ सर्वसिद्धाय नमः’, ‘ॐ एकदंताय नमः’, ‘ॐ कुमार गुरवे नमः’, ‘ॐ मूषक वाहनाय नमः’, ‘ॐ उमा पुत्राय नमः’, ‘ॐ विनायकाय नमः’, ‘ॐ इषक्त्राय नमः’. इन मंत्रों का उच्चारण करते हुए दो दूर्वा चढ़ाते जाएं इस तरह कुल बीस दूर्वा अर्पित हो जाएंगी और 21वीं दूर्वा चढ़ाते हुए फिर से मंत्रों को एक साथ दोहराएं और चरणों में अर्पित कर दें. इसके बाद उन्हें प्रिय भोग मोदक या लड्डू भी इसी प्रकार चढ़ाएं. फिर देखिए कैसे आपके बिगड़े काम बनने लगेंगे.

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