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गलवान की गवाही : निहत्थे भारतीय जवानों ने मारे थे 80 चीनी सैनिक, ‘चीनी ट्विटर’ पर तस्‍वीरें हुईं वायरल

लद्दाख के गलवान घाटी में भारतीय सेना के बिहार रेजिमेंट और आईटीबीपी के जवानों की दिलेरी के सुबूत आते दिखाई दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इन तस्‍वीरों चीन के शिनजियांग प्रांत में दफनाए गए 80 से ज्‍यादा सैनिकों की कब्रें दिखाई दे रही हैं। विशेषज्ञों का दावा है कि ये कब्रें उन्‍हीं चीनी सैनिकों की हैं जिनकी गलवान घाटी संघर्ष में मौत हो गई थी। इससे पहले एक चीनी सैनिक की कब्र की तस्‍वीर वायरल हुई थी। इसमें लिखा हुआ था कि ‘चीन-भारत सीमा रक्षा संघर्ष’ में इस सैनिक की जान गई। आइए जानते हैं पूरा मामला…

‘चीनी ट्विटर’ पर वायरल हो रही कब्र की तस्‍वीरें

गलवान घाटी में 15 जून को हिंसक संघर्ष में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे और चीन के भी 40 से ज्‍यादा सैनिक हताहत हुए थे। भारत ने जहां अपने मारे गए सैनिकों की संख्‍या का ऐलान किया लेकिन चीन ने आजतक अपने मारे गए सैनिकों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। अब पहली बार चीनी सैनिकों के कब्र की तस्‍वीरें इंटरनेट पर वायरल हो रही हैं। ‘चीनी ट्विटर’ कही जाने वाली वहां की माइक्रो ब्लॉगिंग साइट Weibo पर वायरल हो रही यह चीनी सैनिकों के कब्र की तस्वीर उसके झूठ की पोल खोल रही है। उस समय चीन ने दावा किया था कि इससे तनाव और ज्‍यादा भड़क सकता है। तस्‍वीर में एक स्‍मारक दिख रहा है जिस पर लिखा है कि ‘इन सैनिकों ने देश की रक्षा के लिए अपनी जान दे दी।’

कब्र पर चीन-भारत सीमा रक्षा संघर्ष का उल्‍लेख

चीनी मामलों के एक एक्सपर्ट ने दावा किया है कि इंटरनेट पर एक तस्वीर शेयर की जा रही है जिसमें गलवान में मारे गए चीनी सैनिक की कब्र दिखाई दे रही है। चीनी मामलों के एक्सपर्ट एम टेलर फ्रैवल ने दावा किया है कि चीन की माइक्रोब्लॉगिंग साइट Weibo पर यह तस्वीर शेयर की गई है। इसमें दिख रही कब्र एक 19 साल के चीनी सैनिक की है जिसकी मौत ‘चीन-भारत सीमा रक्षा संघर्ष’ में जून 2020 में हो गई। उसके फुजियान प्रांत से होने का दावा किया गया है। टेलर ने यह भी बताया है कि तस्वीर में दिख रही कब्र पर सैनिक की यूनिट का नाम 69316 बताया गया है जो गलवान के उत्तर में स्थित चिप-चाप घाटी में तियानवेन्दियन की सीमा रक्षा कंपनी लग रही है।

शिंजियांग के सैटलाइट तस्‍वीरों में दिखी 80 से ज्‍यादा कब्र

टेलर ने दूसरे सूत्र के हवाले से लिखा है कि यह 13वीं सीमा रक्षा रेजिमेंट का हिस्सा है। उन्होंने यह भी दावा किया है कि 2015 में इस यूनिट का नाम केंद्रीय सैन्य आयोग ने ‘युनाइटेड कॉम्बैट मॉडल कंपनी’ रख दिया था। उन्होंने लिखा है कि इससे पता चलता है कि गलवान घाटी में चीन ने कौन सी यूनिट तैनात की थीं। इस बीच सैटलाइट तस्‍वीरों में चीन के श‍िंजियांग प्रांत के होटन इलाके में प‍िशान काउंटी में सामूहिक कब्र नजर आई है। ऐसा दावा किया जा रहा है कि ये कब्रें गलवान में मारे गए चीनी सैनिकों की हैं। बता दें कि लद्दाख की गलवान घाटी में मई से पैदा हुए तनावपूर्ण हालात के बाद 15 जून को हिंसक झड़प हो गई थी।

​चीन ने गलवान के सच को दबाने की कोश‍िश की

इस दौरान डिसइंगेजमेंट के तहत चीनी सैनिक तय जगह से पीछे हटे या नहीं, यह चेक करने गए भारतीय सैनिको पर चीन के सैनिकों ने कांटेदार लाठियों से हमला कर दिया था। इस घटना में 20 भरतीय जवान शहीद हो गए थे जबकि चीन ने इस बात को स्वीकार ही नहीं किया कि उसके सैनिक भी घायल हुए हैं। घटनास्थल के पास चीन के हेलिकॉप्टर भी देखे गए जो घायल और मृत सैनिकों को लेकर गए। चीन ने यह तो स्वीकार किया कि उसके भी सैनिक मारे गए लेकिन कितने सैनिक मारे गए, इस पर कुछ नहीं कहा। यहां तक कि उसने अपने मारे गए सैनिकों का सम्मान के साथ विधिवत अंतिम संस्कार भी नहीं किया, जिसे लेकर उन सैनिकों के परिजनों में नाराजगी दिखी। कुछ जगहों पर प्रदर्शन भी हुए। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन में सैनिकों के परिजनों को सिर्फ अस्थि कलश दिए गए थे। इस तरह उसकी पूरी कोशिश गलवान के सच को दबाने की थी लेकिन ताजा तस्वीर ने एक बार फिर उसकी पोल खोल दी है।

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