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जूते खाने को उतारू है चीन, नेपाली जमीन पर जताया अधिकार, भारत पर लगाया इल्जाम

पेइचिंग
चीन ने पहले नेपाली जमीन पर दो किलोमीटर तक कब्जा किया और अब उसकी सरकारी मीडिया उसे अपना बता रही है। इतना ही नहीं, इस पूरे विवाद को लेकर जिनपिंग की पिट्ठू मीडिया ने भारतीय मीडिया पर दोष मढ़ा है। नेपाल में उठ रही चीन के खिलाफ भावनाओं को दबाने के लिए उसकी सरकारी मीडिया अब मामले पर सफाई दे रही हैं। ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि नेपाल के हुमला जिले में बिल्डिंग के निर्माण का आरोप चीन पर लगाया जा रहा है। लेकिन, बार-बार किए गए सर्वेक्षणों से साबित हो गया है कि चीन ने नेपाली जमीन नहीं, बल्कि अपने जमीन पर इन बिल्डिंग्स का निर्माण किया है।

चीनी क्षेत्र में निर्माण का किया दावा
ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि ये बिल्डिंग्स दक्षिण पश्चिम चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के बुरंग काउंटी में एक नवनिर्मित गांव में बने हुए हैं। बुरंग काउंटी के विदेशी संबंध कार्यालय निदेशक बेकी के हवाले से ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि मई महीने में इनका निर्माण शुरू करने से पहले सैन्य और स्थानीय पेशेवर सर्वेक्षण और मैपिंग कर्मियों इस क्षेत्र का विस्तृत मैपिंग की। इससे यह सुनिश्चित किया गया कि इन बिल्डिंग्स का निर्माण चीन की तरफ हो।

निर्माण के दौरान नहीं हुई नेपाली सेना से झड़प
उन्होंने कहा कि अली नाम का यह गांव पूरी तरह चीन में आता है। उन्होंने यह भी कहा कि सबसे निकटतम इमारत भी चीन नेपाल सीमा से एक किलोमीटर की दूरी पर बनी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि इस गांव के निर्माण का काम अब खत्म हो गया है। माना जा रहा है कि चीन नए गांवों का निर्माण कर अपने लोगों को बसाकर दूसरों की जमीन पर कब्जा करने का नया चाल चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस निर्माण के दौरान नेपाली सीमा सुरक्षा बलों के साथ चीनी सैनिकों की कोई झड़प नहीं हुई थी।

कब्जे का खुलासा करने वाले विपक्षी दल को बताया भारत समर्थक
नेपाल के विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस के एक सर्वे में यह पाया गया था कि ये बिल्डिंग्स नेपाली जमीन पर पिलर 12 से दो किलोमीटर अंदर बनी हैं। हालांकि, नेपाली सरकार ने इसे खारिज कर दिया था। अब चीनी मीडिया ने सफाई देते हुए कहा है कि नया गांव पिलर 11 और 12 के बीच बनाया गया है। इसलिए, सीमा पार करने का कोई सवाल ही नहीं उठता। इतना ही नहीं चीनी मीडिया ने नेपाली कांग्रेस के ऊपर भारत समर्थित होने का आरोप भी लगाया है।

नेपाली सर्वेक्षण कर्मियों को बताया गैर पेशेवर
ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि नेपाल के सर्वेक्षणकर्मी कम प्रशिक्षित और गैर पेशेवर हैं। इसी कारण सीमा के निर्धारण में वे गलतियां कर रहे हैं। सफाई देते हुए ग्लोबल टाइम्स ने कहा कि पिलर संख्या 11 और 12 एक दूसरे से बहुत दूरी पर और बहुत ऊंचाई पर स्थित हैं। ऐसे में सीमा निर्धारित करने के दौरान गलतियां होना आम बात है। उन्होंने कहा कि संभावना है कि नेपाली सर्वेक्षण टीम ने एक तकनीकी त्रुटि की। अखबार ने कहा कि चीनी और नेपाली सरकारों ने अपनी सीमा निर्धारित करने के बाद तीन संयुक्त सीमा निरीक्षण किए हैं और उन्हें कोई समस्या नहीं हुई है।

भारतीय मीडिया पर चीन ने लगाया आरोप
चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने भारतीय मीडिया पर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ भारतीय मीडिया नेपाली भावना को भड़काने के लिए इस घटना को बढ़ा चढ़ा कर प्रस्तुत कर रही है। उसने यह भी कहा कि भारतीय मीडिया इन इमारतों को चीन-भारत सीमा विवादों से भी जोड़ रही है। चीन में नेपाल के राजदूत महेंद्र बहादुर पांडे के बयान का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय मीडिया पक्षपातपूर्ण हो सकता है, या फर्जी समाचार और प्रचार प्रसार करके गुमराह किया गया है। चीन और नेपाल के बीच सहयोग स्वाभाविक और मैत्रीपूर्ण है।

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