Saturday , December 5 2020
Breaking News
Home / ख़बर / दिल्ली में मंगलवार को कहर ढा दिया कोरोना, क्या अब लॉकडाउन ही है आखिरी रास्ता?

दिल्ली में मंगलवार को कहर ढा दिया कोरोना, क्या अब लॉकडाउन ही है आखिरी रास्ता?

नई दिल्ली
दिल्ली में मंगलवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 6,396 नए मामले सामने आए। 99 मरीजों की मौत भी हो गई। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 4.95 लाख के पार पहुंच गई है। दिल्ली में कोरोना से अब तक 7,812 मरीजों की मौत हो चुकी है। इस बीच केंद्र एक बार फिर दिल्ली में संक्रमण की रफ्तार को रोकने के लिए दखल दिया है। टेस्ट क्षमता और आईसीयू के बेड को दोगुने तक करने समेत कई फैसले किए गए हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में वृद्धि से निपटने के लिए कोविड-19 के लिए जांच क्षमता दोगुनी बढ़ाकर प्रति दिन एक लाख से 1.2 लाख तक करने और आईसीयू बेड 3500 से बढ़ाकर 6,000 से अधिक करने समेत कई फैसले लिए गए हैं।

मंत्रालय ने कहा कि कंटेनमेंट जोन्स और अन्य संवेदनशील इलाकों में उपचाराधीन मरीजों की घर-घर निगरानी बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया है, जिसके लिए 7,000-8,000 टीमों को इस काम में लगाया जाएगा। वर्तमान में इसके लिए 3,000 टीमें हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने दिल्ली में कोविड-19 के मामलों की संख्या में वृद्धि और स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से दिल्ली सरकार, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर), नीति आयोग और एम्स के साथ मिलकर महामारी को नियंत्रित करने के लिए तैयार की गई कार्य योजना के बारे में बताया।

भूषण ने कहा कि दिल्ली में जून में प्रतिदिन बहुत कम लगभग 5,776 जांच की जाती थीं और सितंबर में यह संख्या बढ़कर 50,000 से अधिक हो गई थी। उन्होंने कहा, ‘जांच की संख्या में लगातार वृद्धि महत्वपूर्ण है वरना बड़ी संख्या में संक्रमण वाले लोग हमारे रेडार से बच सकते हैं और इसकी वजह से संक्रमण का और प्रसार हो सकता है।’

उन्होंने कहा, ‘पिछले दो दिनों में सरकार की तरफ से तत्काल कार्रवाई को लेकर फैसले किए गए जिनमें आईसीयू बिस्तरों समेत समग्र बिस्तरों की संख्या में वृद्धि, प्रतिदिन होने वाली जांच की संख्या दोगुनी कर 1-1.2 लाख करना, सही अनुपात में आरटीपीसीआर और एंटीजन जांच करना, घरेलू देखभाल निगरानी तंत्र को मजबूत करना, डॉक्टरों और नर्सों की संख्या बढ़ाना, संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों को क्वारंटीन में भेजना, कंटेनमेंट जोन्स में कोविड मानदंडों का सही से पालन सुनिश्चित करना शामिल हैं।’

इस बारे में विस्तार से बताते हुए, नीति आयोग के सदस्य वी के पॉल ने कहा कि दिल्ली के अस्पतालों में अगले कुछ दिनों में आईसीयू बिस्तर की क्षमता 3,523 से बढ़कर 6,000 से अधिक हो जाएगी। पॉल कोविड-19 से निपटने के लिए गठित राष्ट्रीय कार्यबल का नेतृत्व कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘आईसीयू बिस्तरों की मौजूदा क्षमता 3,523 है, जिसे हम अगले तीन से पांच दिनों में बढ़ाकर 6,000 से अधिक करेंगे। इसे पूरा करने के लिए केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और निजी क्षेत्र संयुक्त रूप से मिलकर काम करेंगे।’

पॉल ने कहा, ‘डीआरडीओ की तरफ से संचालित सरदार वल्लभ भाई पटेल कोविड देखभाल केंद्र में 537 नए आईसीयू बेड की व्यवस्था की गई है। दिल्ली सरकार 2,680 आईसीयू बेड की व्यवस्था कर रही है और सफदरजंग और लेडी हार्डिंग जैसे केंद्र सरकार के बड़े अस्पतालों में भी 45 बेड बढ़ाए जाएंगे। हमारी योजना आईसीयू बेड की क्षमता को 80 फीसदी बढ़ाने की है।’

उन्होंने कहा कि छतरपुर राधा स्वामी सत्संग ब्यास में 5,000 पृथक और ऑक्सीजन बेड को चालू करने की तत्काल योजना है। रेलवे ने करीब 1000 बेड उपलब्ध कराए हैं जो अब रिजर्व के रूप में काम कर रहे हैं।

जांच क्षमता बढ़ाने के बारे में पॉल ने कहा कि आईसीएमआर और केंद्र सरकार की प्रयोगशालाओं को एक दिन में 10,000 और अधिक जांच करने में सक्षम बनाने के लिए व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजधानी में 10 सचल प्रयोगशालाएं तैनात की जाएंगी, जिनमें से 5 अगले 4-5 दिनों में काम करना शुरू कर देंगी। उन्होंने कहा, ‘हम जांच बढ़ाने के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थानों की क्षमता का भी उपयोग करेंगे।’

वीके पॉल ने कहा, ‘अगर मामले ज्यादा बढ़ते हैं, तो हमारी योजना किसी भी समय घर में आइसोलेशन में रहकर इलाज कराने वाले 35,000 से 40,000 मरीजों की निगरानी करने की क्षमता बढ़ाने की है। हमने दिल्ली सरकार के साथ इस पर एक योजना बनाई है।’ उन्होंने आगे कहा कि निजी क्षेत्र सरकार के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘समन्वय में सुधार के लिए 10 बहुआयामी टीमों का गठन किया गया है, जो दिल्ली में निजी अस्पतालों का दौरा करेंगी ताकि यह देखा जा सके कि वे कोविड-19 प्रोटोकॉल का सही ढंग से पालन कर रहे हैं या नहीं और लोगों की बेहतर सेवा करने में भी उनकी मदद करेंगी।’ पॉल ने लोगों से कोविड-19 का कोई लक्षण होने पर जांच करवाने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, ‘स्थिति ऐसी है कि हम दिल्ली में हर संक्रमित व्यक्ति के संपर्कों का पता लगाने के क्रम में 16 लोगों की पहचान करते हैं। यह नागरिकों की जिम्मेदारी है कि यदि वे 15 मिनट से अधिक समय तक किसी भी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आते हैं, तो उन्हें स्वैच्छिक रूप से पृथकवास में चले जाना चाहिए।’

नीति आयोग के सदस्य ने कहा, ‘दिल्ली में जो चिंताजनक स्थिति सामने आई है, उससे निपटने के लिए पूरे 360 डिग्री का प्रयास किया जा रहा है। हम सब मिलकर इसका सामना करेंगे। सच्चाई यह है कि हमें सतर्क रहना होगा। महामारी की यह तीव्रता जीवन, आजीविका के साथ-साथ समाज के संपूर्ण ढांचे के लिए बहुत खतरनाक हो सकती है।’ उन्होंने कहा, ‘जिस तरह की स्थिति दिल्ली में पैदा हो रही है, वह अनिश्चित और असामान्य है। इससे डरना चाहिए।’

loading...
loading...

Tags

Check Also

भारत के सामने क्यों कांपने लगा हर समुद्री क्षेत्र में अपने पैर पसारने वाला चीन, जानिए

भारत-चीन विवाद के दौरान ज़मीन पर यानि भारत-तिब्बत बॉर्डर पर बेशक चीन की ओर से ...