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नीतीश बाबू आपके बिहार में ये क्या हो रहा ! हॉटस्पॉट बनने की ओर पटना के 3 इलाके

पटना के तीन इलाके कंकड़बाग, शास्त्री नगर और राजीव नगर हॉटस्पॉट की तरफ बढ़ रहे हैं। इन इलाकों में वर्ष 2020 वाली स्थिति बन रही है। तेजी से बढ़ते मामलों ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। पटना में कुल 122 कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं, जिसमें सबसे अधिक मामले इन तीनों इलाकों में ही हैं। संक्रमण की बढ़ती रफ्तार को लेकर DM ने संबंधित इलाकों में टेस्टिंग और ट्रेसिंग बढ़ाने का निर्देश दिया है। बुधवार से इन इलाकों में कांटेक्ट ट्रेसिंग का काम तेज कर दिया जाएगा।

इन इलाकों में सोशल डिस्टेंसिंग का टूटा नियम

पटना का कंकड़बाग, शास्त्री नगर और राजीव नगर इलाका काफी घनी आबादी वाला है। यहां सब्जी मंडी के साथ कई ऐसे स्पॉट हैं जहां लोगों की काफी भीड़ होती है। इन इलाकों में बड़ी सब्जी मंडी है जहां हर दिन शाम को कोरोना की गाइडलाइन टूटती है। सब्जी मंडी में लोगों की भीड़ के कारण ही संक्रमण का खतरा बढ़ा है। प्रशासन ने भी इस मामले को माना है। कंकड़बाग और राजेंद्र नगर में सब्जी मंडी से ही कोरोना विस्फोट हुआ है। संक्रमण के जो मामले आए उनकी ट्रेसिंग के दौरान ही इस बात का खुलासा हुआ है। राजीव नगर में भी सड़क के किनारे स्थिति सब्जी मंडी में लोगों की भीड़ में कोरोना की गाइडलाइन का पालन नहीं हो पाता है। शास्त्री नगर इलाके में शेखपुरा और राजा बाजार में भी नियम हर दिन टूटता है। कोरोना की गाइडलाइन टूटने के कारण ही संक्रमण के मामले बढ़े हैं।

पटना सदर में माइक्रो कंटेनमेंट जोन का हॉटस्पॉट

पटना में कुल 122 कंटेनमेंट जोन है, जिसमें पटना का सदर इलाका सबसे खतरनाक होता जा रहा है। सदर इलाके में सबसे अधिक मामले वाला क्षेत्र कंकड़बाग, राजीव नगर और शास्त्री नगर है। पटना सदर में 69 कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। इसके बाद बाढ़ में सबसे अधिक मामले हैं। बाढ़ में कुल 28 कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। मसौढ़ी में भी 9 कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। दानापुर इलाके में कंटेनमेंट जोन की संख्या 7 हो गई है। पालीगंज में पांच और पटना सिटी में 4 कंटेनमेंट जोन बना दिए गए हैं। अब पटना के जिन इलाकों में संक्रमण की रफ्तार अप्रत्याशित रूप से बढ़ रही है वहां कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़ा दी जाएगी।

ट्रेसिंग, टेस्टिंग और ट्रीटमेंट पर जोर

संक्रमण की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए तीन बड़ी योजना पर काम किया जा रहा है। इसमें टेस्टिंग ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट शामिल है। DM डॉ चंद्रशेखर सिंह ने आदेश दिया है कि जिन इलाकों में मामले अधिक आ रहे हैं वहां पहले टेस्टिंग का काम बढ़ा दिया जाए, इसके बाद ट्रेसिंग युद्ध स्तर पर किया जाए। संक्रमितों को चिन्हित करने के बाद उनके ट्रीटमेंट पर भी ध्यान रखा जाए। अगर होम आइसोलेशन में समस्या आ रही है तो संक्रमितों को हॉस्पिटल तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। पटना के जिन इलाकों में संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं वहां कांटेक्ट ट्रेसिंग पर जोर दिया जाए।

एक संक्रमित से 25 लोगों की ट्रेसिंग

एक संक्रमित से लगभग 25 लोगों की ट्रेसिंग हो रही है। कोई भी संक्रमित मिल रहा है पहले उसकी ट्रवेल हिस्ट्री पता लगाई जा रही है। संक्रमण कहां से इसका पता लगाया जा रहा है। इस ट्रेसिंग में लगभग 25 लोगों तक जाना पड़ रहा है। इस बार कोरोना की दूसरी लहर में मामले तेजी से बढ़े हैं और यही कारण है कि ट्रेसिंग में भी एक संक्रमित के पीछे 25 लोगों तक टीम पहुंच रही है। ट्रेसिंग में नाम आने के बाद लोगों का नमूना लेकर जांच कराया जा रहा है। इसके लिए पटना में कई टीमों को अलग अलग क्षेत्रों में लगाया गया है।

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