Sunday , November 1 2020
Breaking News
Home / उत्तर प्रदेश / पक्की रिपोर्ट : सिर्फ ये 4 अगर दे दिए सरकार का साथ, पूरे देश से कोरोना हो जाएगा साफ !

पक्की रिपोर्ट : सिर्फ ये 4 अगर दे दिए सरकार का साथ, पूरे देश से कोरोना हो जाएगा साफ !

यह कोरोना पर अच्छी खबर तो जरूर है, लेकिन इस पर खुश नहीं हुआ जा सकता क्योंकि भारत रोजाना आने वाले नए कोरोना केसों के मामले में दुनिया में नंबर एक है। अक्टूबर में अमेरिका और ब्राजील के संयुक्त आंकड़ों के बराबर अकेले भारत में कोरोना केस थे। चिंता की सबसे बड़ी बात यह है कि चार बड़े राज्यों में रोजाना आने वाले नए कोरोना केसों की संख्या लगातार बढ़ ही रही है। इनमें भी दो राज्य- केरल और कर्नाटक की स्थिति ज्यादा ही गंभीर है। त्योहारी मौसम शुरू हो रहा है, ऐसे में किसी तरह की लापरवाही से देश में कोरोना की दूसरी लहर शुरू हो सकती है। उधर, सर्दियां आ रही हैं और वायु प्रदूषण बढ़ने का खतरा है। ऐसे में कोरोना संक्रमण पर काबू नहीं पाया गया तो यह बेहद भयावह रूप धारण कर सकता है।

​केरल और कर्नाटक में कोरोना की तेज रफ्तार

देश के ज्यादातर राज्यों में कोरोना का पीक खत्म हो गया दिखता है, लेकिन 30 सितंबर से सात राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में औसत रोजाना नए केसों की संख्या बढ़ रही है। इनमें चार बड़े राज्य हैं जहां हर दिन 2,000 से ज्यादा नए कोविड-19 के मरीज सामने आ रहे हैं। ये राज्य हैं कर्नाटक, केरल, प. बंगाल और राजस्थान। यहां रोजाना नए केसों के साप्ताहिक औसत में क्रमशः 19%, 31.5%, 8.7% और 5.1% की दर से वृद्धि हुई है। अन्य तीन राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों में शामिल हैं- लद्दाख, मेघालय और नागालैंड। इनमें रोजाना नए केसों का साप्ताहिक औसत क्रमशः 89%, 61.9% और 19.3% की दर से बढ़ा है।

​चिंता बढ़ा रहे कुछ जिले

इन राज्यों में कुछ जिले ऐसे हैं जो विशेष चिंता के सबब बने हुए हैं। मसलन, केरल के तीन जिलों में इस महीने के पहले 11 दिनों में कोरोना केस करीब 60% बढ़ गए हैं। इस महीने कोझीकोड में 62.2%, त्रिसूर में 61.9%, कोल्लम में 57.9% केस बढ़ गए। उसी तरह, कर्नाटक के चित्रदुर्ग में 37.2%, कोडागु में 32.2% और तुमाकुरू में 28.7% केस बढ़े। वहीं बात प. बंगाल की हो तो झारग्राम में 38.%, बीरभूम में 20.3% और नादिया जिले में 19.5% कोरोना केस इस महीने बढ़ गए। उधर, राजस्थान के गंगानगर में 44.4%, बीकानेर में 40.3% जबकि भीलवाड़ा में 30.8% मामले बढ़ गए।

​टेस्टिंग में प. बंगाल का हाल सबसे बुरा

कोरोना केस के बढ़ने के साथ-साथ कोविड टेस्टिंग में भी वृद्धि हो रही है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि टेस्टिंग की वृद्धि दर एकसमान नहीं है। दिल्ली, महाराष्ट्र, असम और बिहार में कोरोना मरीजों की संख्या घटी तो टेस्ट भी कम कर दिए गए। वहीं, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश अपने यहां कोरोना केस घटने के बावजूद टेस्टिंग बढ़ा रहे हैं। पंजाब और तेलंगाना में टेस्टिंग न घटी है और न बढ़ी है, हालांकि इन दोनों राज्यों में कोरोना केस घटे हैं। सबसे दयनीय हालत प. बंगाल की है जहां कोरोना केस बढ़ने के बावजूद टेस्ट कम कर दिए गए हैं।

कोरोना पंजाब में सबसे घातक, महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा मरे

भारत इस महीने कोविड-19 महामारी से मरने वालों की तादाद के मामले में भी दुनिया में नंबर वन है। राष्ट्रीय स्तर पर पेश किए गए आंकड़े में क्षेत्रीय विषमता को छिपाया गया है। सिर्फ तीन राज्यों में कोविड मरीजों की मौत की दर 2% से ज्यादा है। पंजाब में कोरोना हर 1,000 मरीज में से 31 को मौत की नींद सुला रहा है तो महाराष्ट्र में यह औसत क्रमशः 26 और 24 का है। हालांकि, महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा कोरोना मरीजों की मौत हुई है। उसके बाद दिल्ली का नंबर आता है।

loading...
loading...

Check Also

No Way Out : फ्रांस के मुद्दे पर सऊदी अरब को बांटकर खुद को बचाना चाहता था तुर्की, स्कीम हुई टोटल फेल

इस समय तुर्की के वर्तमान प्रशासक एर्दोगन पूरी तरह पगला गए हैं और वे कट्टरपंथी ...