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पाक आर्मी चीफ के कटोरे में भीख नहीं डाले सऊदी के शाह, वजह- इमरान के विदेश मंत्री !

नई दिल्ली
पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी की धमकी के बाद सऊदी अरब को मनाने के लिए गए पाकिस्‍तान के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा और ISI चीफ को खाली हाथ घर लौटना पड़ा है। जनरल बाजवा ने सऊदी अरब से रिश्‍तों में आए टकराव को दूर करने के लिए सैन्‍य मदद को बढ़ाने का ऑफर दिया लेकिन सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्‍मद बिन सलमान ने उन्‍हें बिना मिले ही लौटा दिया। सऊदी अरब और पाकिस्‍तानी आर्मी चीफ के रिश्‍तों में आए इस ताजा तनाव की एक बार फिर से वजह बने हैं शाह महमूद कुरैशी। आइए जानते हैं क्‍या है पूरा विवाद और इसका चीन-तुर्की कनेक्‍शन….

दरअसल, चीन और तुर्की के इशारे पर नाच रहे पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री ने कश्‍मीर को लेकर पिछले दिनों अपने पुराने ‘मित्र’ सऊदी अरब को बड़ी धमकी दे डाली थी। उन्‍होंने कहा कि ओआईसी कश्‍मीर पर अपने विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक बुलाने में हीलाहवाली बंद करे। पाकिस्‍तानी न्‍यूज चैनल एआरवाई को दिए साक्षात्‍कार में कुरैशी ने कहा, ‘मैं एक बार फिर से पूरे सम्‍मान के साथ ओआईसी से कहना चाहता हूं कि विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक हमारी अपेक्षा है। यदि आप इसे बुला नहीं सकते हैं तो मैं प्रधानमंत्री इमरान खान से यह कहने के लिए बाध्‍य हो जाऊंगा कि वह ऐसे इस्‍लामिक देशों की बैठक बुलाएं जो कश्‍मीर के मुद्दे पर हमारे साथ खड़े होने के लिए तैयार हैं।’

भारत के खिलाफ सऊदी ने नहीं दिया पाक का साथ
पाकिस्‍तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक ओआईसी की बैठक न होने के पीछे एक बड़ी वजह सऊदी अरब है। सऊदी अरब ओआईसी के जरिए भारत को कश्‍मीर पर चित करने की पाकिस्‍तानी चाल में साथ नहीं दे रहा है। दरअसल, ओआईसी में किसी भी कदम के लिए सऊदी अरब का साथ सबसे ज्‍यादा जरूरी होता है। ओआईसी पर सऊदी अरब और उसके सहयोगी देशों का दबदबा है। कुरैशी ने कहा, ‘हमारी अपनी संवेदनशीलता है। आपको यह समझना होगा। खाड़ी देशों को यह समझना होगा।’ कंगाल पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री की इस धमकी के बाद इस्‍लामाबाद से लेकर सऊदी अरब तक में बवाल मच गया।

कुरैशी की धमकी से तमतमाए सऊदी ने पाकिस्तान को दी जाने वाली 6.2 बिलियन डॉलर की फाइनेंशियल डील को रद्द कर दिया और उधार तेल-गैस देने पर भी रोक लगा दी। कंगाली के दहलीज पर खड़े पाकिस्तान को सऊदी अरब का कर्ज को चुकाने के लिए चीन से कर्ज लेना पड़ा। पाकिस्तान ने सऊदी अरब को 3 बिलियन डॉलर कर्ज के बदले 1 बिलियन डॉलर की राशि वापस की। सऊदी अरब अभी बाकी पैसा भी पाकिस्‍तान से मांग रहा है।

इसी संकट को सुलझाने के लिए पाक आर्मी चीफ सऊदी अरब गए थे लेकिन एक बार फिर से कुरैशी ने इस बेहद अहम यात्रा को फेल कर दिया। बताया जा रहा है कि पाकिस्‍तानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक जिस समय आर्मी चीफ बाजवा रियाद में सऊदी रक्षा मंत्री को मना रहे थे, उस समय शाह महमूद कुरैशी कतर के राजदूत से इस्‍लामाबाद में मुलाकात कर रहे थे। इन दिनों सऊदी अरब और कतर के बीच काफी विवाद चल रहा है। कुरैशी की यह मुलाकात सऊदी प्रशासन को रास नहीं आई। नतीजा यह रहा है कि पाकिस्‍तानी आर्मी चीफ को खाली हाथ पाकिस्‍तान लौटना पड़ा।

इतना ही नहीं, सऊदी ने पहले पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल बाजवा को सम्मानित करने का ऐलान किया था। कुरैशी के इस कदम के बाद रियाद प्रशासन ने उसे भी कैंसल कर दिया। थक हारकर जनरल बाजवा सऊदी अरब के सेना प्रमुख फय्यद बिन हामिद अल-रूवैली से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सऊदी अरब को और अधिक सैन्य मदद देने की इच्छा भी जाहिर की। हालांकि इस ऑफर का सऊदी प्रशासन पर कोई असर नहीं पड़ा। पाकिस्‍तानी मीडिया के मुताबिक बाजवा जल्‍द ही सऊदी अरब की एक और यात्रा कर सकते हैं।

चीन-तुर्की के बल पर सऊदी को धमका रहे कुरैशी?
विश्‍लेषकों के मुता‍बिक कभी सऊदी अरब के पैसों पर पलने वाले पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री कुरैशी चीन, तुर्की और मलेशिया के बल पर रियाद को धमका रहे हैं। तुर्की और मलेशिया सऊदी अरब का प्रभाव कम करने के लिए ओआईसी से इतर एक अलग इस्‍लामिक संगठन बनाना चाहते हैं। कुरैशी इस काम तुर्की और मलेशिया की मदद कर रहे हैं। कुरैशी को लग रहा है कि उन्‍हें चीन से पैसा मिल जाएगा, इसलिए उन्‍हें अब सऊदी अरब की जरूरत नहीं है। इस तरह अब काम निकल जाने के बाद कुरैशी सऊदी को धमकाने में जुट गए हैं।

इस पूरे विवाद को लेकर देश में घ‍िरे पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने मंगलवार को सफाई दी। इमरान खान ने कहा, ‘पाकिस्‍तान की भूमिका मुस्लिम दुनिया को बांटने की नहीं, बल्कि उसे जोड़ने की है। कश्‍मीर पर साथ नहीं देने पर इमरान ने कहा कि सऊदी अरब की अपनी विदेश नीति है और पाकिस्‍तान की अपनी। उन्‍होंने कहा कि संकट के समय में सऊदी अरब पाकिस्‍तान के साथ खड़ा रहा है। तुर्की के सुर में सुर मिलाते हुए पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री ने यह भी ऐलान किया कि उनका देश फलस्‍तीनी लोगों की समस्‍या का समाधान हुए बिना इजरायल को कभी मान्‍यता नहीं देगा। सऊदी को चिढ़ाते हुए इमरान ने कहा कि पाकिस्‍तान और चीन लंबे समय से मित्र हैं और हमारा भविष्‍य अब चीन के साथ जुड़ा हुआ है।

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