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पुतिन क्या ‘रहस्यमयी बीमारी’ से छोड़ देंगे राष्ट्रपति की कुर्सी, अभी तो इसकी उम्मीद नहीं?

क्या पुतिन अपनी कुर्सी छोड़ने वाले हैं? The Sun की एक रिपोर्ट के मुताबिक सूत्रों ने उन्हें जानकारी दी है कि स्वास्थ्य कारणों की वजह से पुतिन अगले साल रूस के राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे सकते हैं। Moscow के एक political scientist professor वालेरी सोलोवे ने यह खुलासा किया है कि पुतिन शायद Parkinson बीमारी से ग्रसित हैं, और इसी बीमारी के कारण पुतिन की 37 वर्षीय गर्लफ्रेंड अलीना और उनकी बेटियाँ लगातार उनसे राष्ट्रपति पद त्यागने की विनती कर रही हैं।

तो चलिये जान लेते हैं कि आखिर ये Parkinson बीमारी होती क्या है! दरअसल, ये हमारे central nervous system से जुड़ा एक प्रकार का विकार है, जो हमारे दिमाग में nerve cells के damage होने के कारण पैदा होता है। सवाल खड़े होना लाज़मी है- क्या पुतिन के बीमार होने की खबर सच है? देखिये, पुतिन से जुड़ी ऐसी खबरें पहले भी सामने आ चुकी हैं और यह कोई नई बात नहीं है।

उदाहरण के लिए वर्ष 2015 में USA today ने यह रिपोर्ट किया था कि पुतिन Asperger’s syndrome से जूझ रहे हैं। यह एक तरह की बीमारी है जो अक्सर किसी भी व्यक्ति के सामान्य वार्तालाप में बाधा उत्पन्न कर सकती है। लेकिन आज पाँच वर्षों के बाद भी पुतिन बिंदास होकर दुनिया की एक सुपरपावर को lead कर रहे हैं। पुतिन दुनिया के टॉप वैश्विक नेताओं में से एक हैं और ऐसे में उनके बारे में अफवाह उड़ना कोई बड़ी बात नहीं है।

दूसरी बात- एक बार के लिए अगर यह मान भी लिया जाये कि पुतिन किसी बीमारी से ग्रसित हैं, तो क्या वे इसके लिए रूसी राष्ट्रपति का पद छोड़ देंगे? बिलकुल नहीं! वैश्विक राजनीति के मामले में दुनिया आज बेहद संवेदनशील मोड़ पर खड़ी है, जहां से रूस का एक कदम उसके सुपरपावर स्टेटस को खतरे में डाल सकता है। ऐसे संवेदनशील समय में पुतिन कभी भी रूस को किसी नए नेता के भरोसे नहीं छोड़ सकते हैं। US-रूस के बीच शीतयुद्ध के बाद अब चीज़ें US-चीन के बीच शीतयुद्ध की ओर आगे बढ़ रही हैं। पुतिन कभी नहीं चाहेंगे कि इस बदलाव के दौर में वे रूस के नेतृत्व को कमजोर कर दें!

Putin पहले ही अपने फैसलों से यह स्पष्ट कर चुके हैं कि वे लंबे समय तक रूस की सत्ता को अपने हाथों में लिए रखना चाहते हैं। वर्ष 2018 में जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने कार्यकाल को असीमित अवधि के लिए बढ़ाया था, तो उसके जवाब में इसी साल पुतिन भी वर्ष 2036 तक राष्ट्रपति बने रहने के अपने रास्ते को साफ कर चुके हैं।

चीन और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव के दौरान पुतिन के पास एक बेहतर मौका है कि वे वैश्विक राजनीति में रूस को एक नया आयाम दे सकें। पुतिन कभी अपना पद छोड़ने की बेवकूफी नहीं करेंगे। Putin को रूस से ज़्यादा इस वक्त रूस को Putin की ज़रूरत है और खुद पुतिन भी इस बात को समझते हैं। अमेरिका में अगर जो बाइडन की सरकार बनती है, तो यह रूस के लिए और मुश्किलें खड़ी करेगा। ऐसे में रूस के पास एक मजबूत नेतृत्व होना अति-आवश्यक है। स्पष्ट है कि रूस के राष्ट्रपति Putin कहीं नहीं जा रहे हैं, वे रूस के राष्ट्रपति हैं और आगे भी बने रहेंगे!

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