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पूरी दुनिया को है रूस की कोरोना वैैक्सीन का इंतजार, WHO ने कह डाली ये बड़ी बात….

वाशिंगटन। कोरोना वायरस (Coronavirus) का कहर अभी भी कई देशों पर मंडरा रहा है। इस वक्त हर देश वैक्सीन का इंतजार कर रहा है ताकि लोगों का जीवन सामान्य हो सके। इस बीच, रूस (Russia) में सबसे पहले कोरोना वायरस (Coronavirus) बनाने के दावे बात भी सामने आ रही है। रूस ने वैक्सीन की पहली खेप तैयार कर ली है। रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) की तरफ से इसकी सूचना दी गई।

महामारी के खिलाफ वैश्विक स्तर पर वैक्सीन तैयार को करने की दौड़ में कुछ वैज्ञानिकों का माना है कि रूस में तैयार वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित नहीं है। उन्हें लगता है कि मॉस्को(Moscow) ने सुरक्षा की जगह राष्ट्रीय प्रतिष्ठा को ज्यादा अहमियत दे रहा है। वह जल्दबाजी में कोरोना वैक्सीन को मंजूरी दे रहा है। बिना फेज 3 के ट्रायल के रूसी वैक्सीन को मंजूरी दी गई है। ऐसे में ये वैक्सीन सुरक्षित हो सकती है। रूस का कहना है कि सबसे पहले तैयार की गई कोरोना वैक्सीन को इस माह तक उतार दिया जाएगा।

रूस अपनी कोरोना वायरस (Corona Vaccine) वैक्सीन को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रहा है। ऐसा लग रहा है कि रूस ने कोविड-19 (Covid-19) की वैक्सीन ‘स्पुतनिक V’ बनाकर बाजी मार ली है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) भी अपनी तरफ से कई घोषणाएं कर रहे हैं। उनका कहना है कि हमने एक सुरक्षित वैक्सीन बना ली है और इसे देश में रजिस्टर्ड भी करा लिया है। वे इस दवा से इतने आश्वस्त है कि उन्होंने अपनी बेटी को यह वैक्सीन लगवाई है।

इस उपलब्धी को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ओर से ऐसा कोई बयान सामने नहीं आया है। हालांकि WHO ने रूस को वैक्सीन के मामले में जल्दबाजी न दिखाने के की सलाह दी है। उसने इस रवैये को बेहद खतरनाक बताया है। रूस ने अपनी इस वैक्सीन का नाम अपने पहले सैटेलाइट ‘स्पुतनिक V’ के नाम पर रखा है। रूस का कहना है कि इस वैक्सीन के 1 अरब डोज के लिए 20 से अधिक देशों से निवेदन मिल चुका है।

टेस्टिंग संबंधी कोई जानकारी साझा नहीं की

वहीं WHO का कहना है कि रूस ने उनके साथ वैक्सीन टेस्टिंग संबंधी कोई जानकारी साझा नहीं की है। WHO को वैक्सीन के तीसरे चरण की टेस्टिंग पर संशय है। संगठन के प्रवक्ता क्रिस्टियन लिंडमियर का कहना है कि अगर किसी वैक्सीन का तीसरे चरण का ट्रायल किए बगैर ही इसके उत्पादन के लिए लाइसेंस जारी किया जाता हैै, तो ये खतरनाक साबित हो सकता है।

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