Thursday , January 21 2021
Breaking News
Home / ख़बर / फिल्म ‘जुदाई’ जैसी कहानी : भोपाल में पत्नी ने डेढ़ करोड़ में प्रेमिका को सौंपा पति, बोली- इस पैसे से बेटियां पालूंगी

फिल्म ‘जुदाई’ जैसी कहानी : भोपाल में पत्नी ने डेढ़ करोड़ में प्रेमिका को सौंपा पति, बोली- इस पैसे से बेटियां पालूंगी

भोपाल : भोपाल में एक महिला ने अपना प्यार पाने के लिए डेढ़ करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर दिए। उसने प्रेमी की पत्नी को डुप्लेक्स और 27 लाख रुपए नकद देकर पति के साथ रहने का हक पा लिया। पत्नी भी राजी हो गई ताकि इन रुपयों से दोनों बेटियों की ठीक से परवरिश कर सके। यह पूरा मामला राजधानी के कुटुंब न्यायालय की काउंसलिंग के माध्यम से सुलझाया गया। माता-पिता के झगड़े की शिकायत बड़ी बेटी ने ही की थी।

न्यायालय की काउंसलर सरिता राजानी ने बताया कि 16 साल की एक लड़की ने उनके पास शिकायत की थी कि मम्मी-पापा अकसर झगड़ा करते हैं। 42 साल के पिता जिस ऑफिस में काम करते हैं, उसी में 54 साल की महिला भी जॉब करती हैं। दोनों के बीच प्यार होने के कारण मम्मी-पापा में झगड़ा होता है। इसका खराब असर मेरी 12 साल की छोटी बहन पर भी पड़ रहा है। लड़की ने यह भी बताया कि महिला उनके घर में साथ रहने की जिद भी करने लगी है। इसके बाद मम्मी-पापा में ज्यादा लड़ाई होने लगी। सरिता ने लड़की की बात सुनने के बाद तीनों को पहले काउंसलिंग के लिए तैयार किया। कई चरणों तक तीनों की काउंसलिंग की गई। बाद में मम्मी ने पति को छोड़ने के लिए बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने की शर्त रखी। इसे प्रेमिका ने मान लिया।

प्रेमिका बोली- अपने प्यार के लिए मैंने जीवनभर की कमाई दे दी

प्रेमिका ने कहा- अपने प्रेमी की पत्नी के भरण-पोषण और बेटियों के भविष्य की चिंता करते हुए मैंने जीवन भर की कमाई दे दी। मैंने उनकी पत्नी के सामने मकान और नकद देने का प्रस्ताव दिया जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। करीब डेढ़ करोड़ रुपए की संपत्ति अपने प्रेमी की पत्नी के नाम कर दी।

18 साल का रिश्ता टूटा

सरिता ने बताया कि पत्नी का कहना था कि पति से 18 साल का रिश्ता टूट गया। पति जब साथ रहने के लिए किसी भी सूरत में तैयार नहीं है, तो उसके साथ रहने का क्या मतलब है। बेटियों के भविष्य के लिए पैसा जरूरी है। इसलिए पति की प्रेमिका की बात मान ली।

loading...
loading...

Check Also

Opinion : किसानों की नाराजगी समझने में कहां चूक गए पीएम मोदी ?

स्वतंत्र भारत के इतिहास में यह पहली बार है, जब अपनी मांगों को लेकर किसान ...