Friday , November 27 2020
Breaking News
Home / ख़बर / फ्रांस सरकार ने पाकिस्तानियों पर लिया बड़ा एक्शन, सैकड़ों को देश से लात मार भगाया!

फ्रांस सरकार ने पाकिस्तानियों पर लिया बड़ा एक्शन, सैकड़ों को देश से लात मार भगाया!

फ्रांस में जिहादियों के बढ़ते आतंक के खिलाफ वहां की सरकार ने एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है. मासूम टीचर का गला काटकर हत्या करने वाली घटना के बाद से तो फ्रांस सरकार एक्शन मोड़ में है. इस्लामिक कट्टरपंथियों के अड्डों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है. सोशल मीडिया पर नफरती पोस्ट करने वाले 50 से ज्यादा कट्टरपंथी संगठनों के लोग सरकार के निशाने पर हैं. और मजहबी कट्टरता को बढ़ावा देने वाले सैकड़ों लोगों को देश से बाहर का रास्ता दिखाने की तैयारी हो रही है.

इसी बीच फ्रांस के राष्ट्रपति के खिलाफ जहर उगलना इमरान खान को भारी पड़ गया है क्यों फ्रांस सरकार ने पाकिस्तान के नागरिकों पर तगड़ा एक्शन लिया है. जिसने पूरे पाकिस्तान में खलबली मचा दी है. दरअसल इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक युद्ध का एलान करने वाले फ्रांस ने पाकिस्तान के 183 नागरिकों का वीजा रद कर दिया है. इनमें पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के पूर्व प्रमुख शुजा पाशा की बहन भी शामिल हैं. यही नहीं बल्कि फ्रांस ने इनमें से 118 लोगों को वापस भी भेज दिया है.

पाकिस्तान के वाणिज्य दूतावास ने खुद ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है. उन्होंने फ्रांस सरकार से पाशा की बहन को अस्थायी तौर पर रहने देने की गुहार लगाई है, जो अपनी सास की सेवा करने के लिए वहां हैं.. दूतावास ने कहा है कि “हमारे नागरिकों को प्रदान किए गए 183 विजिटर वीजा को पीएम इमरान खान की ओर से आलोचना के बाद फ्रांसीसी अधिकारियों ने अस्वीकार कर दिया है.

दरअसल फ्रांस में पिछले महीने एक स्कूल शिक्षक सैमुअल पैटी का इस्लामिक कट्टरपंथियों ने सर कलम इसलिए कर दिया था कि क्यों कि उन्होंने ने क्लास में पैगंबर का कार्टून दिखाया था. इसके बाद मैक्रों ने इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई का एलान किया था. जिसको लेकर नफरत की दुकान इमरान खान को मिर्ची लगी और मैक्रों की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वो जानबूझकर मुस्लिमों को भड़काने का काम कर रहे हैं. जिसके बाद फ्रांस सरकार ने पाकिस्तान के 183 नागरिकों का वीजा रद्द करने का फैसला लिया है.

उधर फ्रांस की विपक्षी नेता मरीन ले पेन ने पाकिस्तान से आने वाले प्रवासियों पर रोक की मांग कर नई बहस छेड़ दी है. शुक्रवार को ही इस्लामाबाद में हजारों लोगों की हिंसक भीड़ ने फ्रांसीसी दूतावास पर हमले का प्रयास किया था. ले पेन ने ट्वीट करते हुए लिखा कि बांग्लादेश में आज हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए मैं राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर बांग्लादेश और पाकिस्तान से आने वाले प्रवासियों पर तत्काल रोक लगाने की मांग करती हूं. उन्होंने दावा किया कि बांग्लादेश में प्रदर्शनकारियों ने फ्रांसीसी राजदूत का गला काटने की बात की.

उनकी इस मांग को बड़ी संख्या में फ्रांसीसी लोगों का समर्थन भी मिल रहा है. यानी कि साफ है कि मजहबी कट्टरता में अंधे हुए जिहादियों को फ्रांस किसी भी तरह से बख्शने के मूंड़ में नहीं है. और ये निर्णायक लड़ाई हर रोज एक नया रूप लेता जा रही है.

loading...
loading...

Check Also

आज तक अपने इस डर को नहीं जीत सके मुकेश अंबानी, जानिए क्या ?

भारत का सबसे मशहूर बिजनसमैन व्यक्ति जिनके घर की 27 वीं मंजिल पर 3 पर्शनल ...