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बड़ा सवाल : कोरोना की कोई वैक्सीन अगर नहीं हुई कामयाब तो क्या होगा ?

दुनिया भर में रोजाना हाजारों लोग कोरोना (corona) के चलते अपनी जान गवां रहे हैं। ताजे आकंड़े के मुताबिक इस महामारी (Corona epidemic) से 6.2 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 1.5 करोड़ से अधिक लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। लगभग सभी देश इस जानलेवा वायरस की वैक्सीन (corona vaccine) खोजने में लगा हुआ है।

कई देशों में विकसित की जा रहीं संभावित वैक्सीनों के परीक्षण तेज़ी से करवाए जा रहे हैं ताकि जल्द से जल्द वैक्सीन को आमजन तक पहुंचाया जा सके। एक रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में 160 से ज़्यादा कोरोना वायरस वैक्सीन (corona vaccine) बन रही हैं। इनमें से करीब 26 ह्यूमन ट्रायल के फेज़ में पहुंच चुकी हैं। वहीं तीन वैक्सीन पर लोगों को सबसे ज्यादा उम्मीद नजर आ रही है। ये तीनों वैक्सीन (corona vaccine) रूस, यूनाइटेड किंगडम (UK) भारत में बन रही है। लेकिन क्या होगा अगर इनमें से एक भी वैक्सीन (corona vaccine) कारगर साबित नहीं हुई तो?

इस बेहद डरावने सवाल का जवाब दिया है फ्रांस (France) की वैज्ञानिक समिति (Scientific Council) के प्रमुख ज्यां फ्रांकोइस डेलफ्रेसी Jean-Francois Delfraissy ने । Jean के मुताबिक हमने अब तक कोरोना वायरस के खिलाफ एक संपूर्ण टीका नहीं बनाया है, यहां तक कि हमने खुद को पूरी तरह से प्रभावी वैक्सीन का निर्माण करने का साधन भी नहीं दिए। उन्होंने कहा है कि कोरोना वायरस (Corona virus) के खिलाफ एक सही टीके का निर्माण करने की हमारी क्षमता पर अनिश्चितता अब भी बरकरार है लेकिन इसके लिए सभी तत्वों को सही स्थिति में पहुंचाने के प्रयास जारी हैं।

वहीं मिशिगन विश्वविद्यालय (University of Michigan) के शोधकर्ता फीबी डैनज़िगर (Feibi Danziger) का कहना है कि हमने टीके के बारे में लोगों की चिंताओं को दूर करने के लिए अच्छा काम नहीं किया। और अगर हम अपनी असफलताओं से नहीं सीखते हैं तो कोरोना वायरस वैक्सीन कार्यक्रम को बर्बाद हो जाएगा।

इन दोनों के अलावा फ्रांस की तकनीकी टीकाकरण समिति के उपाध्यक्ष डैनियल फ्लोरेट (Daniel Floret) का कहना है कि सब कुछ संभव है, अधिकतम साधन और सोची गई विभिन्न तकनीकें काम में लाई जा रही हैं और अगर फिर भी हम ऐसा नहीं कर पाते तो यह आश्चर्यजनक होगा। बिना वैक्सीन के कोरोना को खत्म करने में कई साल लग सकते हैं। या ये भी हो सकता है कि ये वायरस खत्म ही ना हो। फ्लोरेट के मुताबिक वैक्सीन का बनना बहुत जरूरी है क्यों की इसके थमने तक बहुत कुछ बदल जाएगा।

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