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बढ़ते कोरोना संक्रमण पर बोले CM उद्धव- हालात नहीं सुधरे तो उठाएंगे सख्त कदम…

महाराष्ट्र में कोरोना का अब तक का सबसे बड़ा विस्फोट हुआ है। गुरुवार को यहां 43,183 नए संक्रमित मिले। यह किसी भी राज्य में एक दिन में आया संक्रमण का सबसे बड़ा आंकड़ा है। CM उद्धव ने रात 8.30 बजे लोगों को संबोधित किया। उन्होंने हालात की गंभीरता बताई, लेकिन राज्य में लॉकडाउन लगाने का ऐलान नहीं किया।

हालांकि उद्धव ने आगे कहा, ‘लॉकडाउन कोई हल नहीं है, लेकिन वैक्सीनेशन के बावजूद संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मैं आज लॉकडाउन नहीं लगा रहा हूं लेकिन इसकी ओर इशारा कर रहा हूं। अगर अगले दो-तीन दिन में स्थिति नहीं सुधरी तो कठोर कदम उठाने पड़ेंगे।’

मैं डराने नहीं आया, हालात संभालने आया हूं
उद्धव ने कहा, ‘मैं आप लोगों को बता दूं कि मैं यहां आपको डराने के लिए नहीं आया हूं, बल्कि जो परिस्थितियां चल रही हैं उसका समाधान निकालने के लिए आया हूं। कोरोना के कारण दुनियाभर में आर्थिक स्थिति में उतार-चढ़ाव आया। यह वायरस आप लोगों के धैर्य की परीक्षा लेने आया है। हमें एकजुट होकर धैर्य से कोरोना से लड़ना है। लॉकडाउन से आर्थिक स्थिति खराब होगी।’

उद्धव बोले- हम कुछ छिपाना नहीं चाहते
CM उद्धव ने कहा कि हम एंटीजन रैपिड टेस्ट के बजाय RT-PCR टेस्ट को बढ़ा रहे हैं। आज हम 70% टेस्ट RT-PCR कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘हम कोई भी चीज छिपा नहीं रहे हैं। हम कुछ छिपाना भी नहीं चाहते। हम सच ही लोगों के सामने रख रहे हैं। लोग पूछते हैं कि बिहार, बंगाल में चुनाव हुए वहां कोरोना नहीं बढ़ा, आपके यहां क्यों बढ़ रहा है? मुझे इससे मतलब नहीं है। मेरी जिम्मेदारी महाराष्ट्र की जनता के लिए हैं।’

महाराष्ट्र में पर्याप्त बेड उपलब्ध होने का दावा
‘पिछले मार्च की बात आपको याद होगी कि हमारे पास बेड नहीं थे, हॉस्पिटल नहीं मिल रहे थे और एंबुलेंस कम पड़ गई थीं। इसके बाद हमने इसमें सुधार किया। आज हमारे पास 3, 75, 000 बेड की संख्या है। यह हमारा बहुत बड़ा अचीवमेंट है।’

मरीज और बढ़े तो सुविधाएं कम पड़ जाएंगी
उद्धव ने कहा, ‘लोग लापरवाह हो गए हैं। महाराष्ट्र में शादियों में ज्यादा भीड़ हो रही है। कोरोना हमारी परीक्षा ले रहा है। हमारे पास पर्याप्त सुविधाएं हैं, लेकिन इसी तरह मरीज बढ़े तो ये कम पड़ने लगेंगी। हम सभी सुविधाएं बढ़ा लेंगे, लेकिन डॉक्टर और नर्स कहां से लाएंगे। यही सबसे बड़ी चिंता है। कई डॉक्टर और नर्स संक्रमित हो चुके हैं। कोरोना से ठीक होने के बाद भी इसका असर रहता है। अगर स्थिति ऐसी ही रही तो अगले 15-20 दिन के बाद हम हालात संभाल नहीं पाएंगे।’

वैक्सीनेशन में महाराष्ट्र नंबर वन, रफ्तार और बढ़ा सकते हैं
‘महाराष्ट्र में जब से वैक्सीनेशन की शुरुआत हुई है तब से अब तक हम 65 लाख लोगों का टीकाकरण कर चुके हैं। एक दिन में 3 लाख लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है। इसे बढ़ाकर 7 लाख कर सकते हैं। टेस्ट और वैक्सीनेशन बढ़ा रहे हैं। मरीज कैसे रुकें इसके लिए कोई उपाय नहीं है। वैक्सीनेशन में हम नंबर 1 स्टेट हैं।’

लॉकडाउन से इकोनॉमी गिरेगी, नहीं लगाया तो केस बढ़ेंगे
हमें यह देखना होगा कि कोविड-19 पीड़ितों की संख्या कैसे बढ़ रही है। साल की शुरुआत में मुंबई में रोजाना 300-400 पॉजिटिव मिल रहे थे लेकिन आज की डेट में यहां हर दिन 8000 से ज्यादा मरीज मिल रहे हैं। पूरे राज्य में 45000 से ज्यादा केस मिल रहे हैं। हमारे पास जो कुल उपलब्ध बेड हैं, उनमें से 62% भर चुके हैं। मेरा मानना है कि लॉकडाउन घातक है। अगर लॉकडाउन लगाते हैं तो अर्थचक्र प्रभावित होता है, और नहीं लगाते हैं तो कोरोना के केस बढ़ते हैं।

विपक्ष पर निशाना- मेरा नहीं वायरस का विरोध करें
उद्धव ने कहा, ‘विपक्ष मेरा विरोध कर रहा है। मैं सभी विरोधियों से यह कहना चाहूंगा कि जनता की लाइफ से खिलवाड़ करते हुए राजनीति न करें। अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा था कि कोरोना पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। मैं भी यही कहना चाहता हूं। मैं उनसे यही कहना चाहूंगा कि वह अगर विरोध करना चाहते हैं, तो वायरस का करें। जो लोग मास्क नहीं पहनते हैं, उनका विरोध करें। जो लोग नियम पालन नहीं कर रहे हैं, उनका विरोध करें।’

पुणे में 7 दिन के लिए मिनी लॉकडाउन
इधर पुणे में सख्ती की शुरुआत पहले ही की जा चुकी है। यहां अगले 7 दिन शादी और अंतिम संस्कार को छोड़कर सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी गई है। अंतिम संस्कार में 20 और शादियों में 50 लोगों को ही अनुमति होगी। यह आदेश शनिवार से प्रभावी होगा।

नए संक्रमितों में ब्राजील, भारत, अमेरिका, फ्रांस के बाद महाराष्ट्र का नंबर
महाराष्ट्र में कोरोना से बने हालात की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक दिन में यहां से ज्यादा केस दुनिया के सिर्फ 5 देशों में ही हैं। पहले नंबर पर ब्राजील, दूसरे नंबर पर खुद भारत, तीसरे नंबर पर अमेरिका और चौथे नंबर पर फ्रांस है। इसके बाद सबसे ज्यादा केस अकेले महाराष्ट्र में हैं।

महाराष्ट्र में फरवरी की तुलना में 475% ज्यादा मरीज मिले
मुंबई में गुरुवार को सबसे ज्यादा 8,646 केस मिले। इसके बाद पुणे 8,025 जबकि ठाणे में 4,795 केस मिले। मार्च में मुंबई में कोरोना के 88,710 नए मामले सामने आए, जो फरवरी के मुकाबले 475% ज्यादा हैं। इस दौरान 216 लोगों की जान गई जो फरवरी के मुकाबले 181% ज्यादा है। मार्च में राज्य में 6.6 लाख से ज्यादा केस आए जो फरवरी के मुकाबले 400% ज्यादा हैं।

BMC ने नई गाइडलाइन जारी की

  • बहुत हल्के या बिना किसी लक्षण वाले वे लोग, जिन्हें कोई दूसरी बीमारी नहीं है, होम आइसोलेशन में रहते हुए इलाज करवा सकते हैं। उन्हें डॉक्टर की इजाजत लेनी होगी। होम आइसोलेशन के लिए घर में रहने की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए। परिवार के सदस्यों के लिए भी क्वारैंटाइन की जगह होनी चाहिए।
  • HIV, हार्ट या कैंसर के मरीज होम आइसोलेशन में रह सकते हैं। 60 साल से ऊपर के बुजुर्गों और डायबिटीज, हाइपर टेंशन, हार्ट, कैंसर, किडनी और फेफड़ों से संबंधित बीमारी से ग्रस्त लोगों को डॉक्टर की सलाह पर होम आइसोलेशन में रखने की मंजूरी होगी।
  • जिस गर्भवती महिला की डिलिवरी में दो सप्ताह हैं, उसे होम आइसोलेशन की अनुमति नहीं होगी

मुंबई में आज से कड़े प्रतिबंध की संभावना
कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच आज से मुंबई में कड़े प्रतिबंध लग सकते हैं। मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर ने कहा है कि दुकानों को एक दिन बंद और एक दिन खोले जाने को लेकर फैसला लिया जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि शादियों में मेहमानों की संख्या 50 तक सीमित की जा सकती है। वहीं, अंतिम संस्कार में शामिल होने वालों की संख्या भी 20 तक सीमित की जा सकती है। मेयर पेडनेकर ने इस बात के संकेत भी दिए हैं कि पहले की तरह ट्रेनों को भी सिर्फ जरूरी सेवाओं से जुड़े स्टाफ के लिए ही खोला जा सकता है।

पुणे में कोरोना मृतकों की बॉडी अब परिवार को संभालनी होगी
पुणे नगर निगम ने नया नियम जारी किया है। इसमें कहा गया है कि किसी कोरोना पॉजिटिव की घर पर मौत होगी तो उसके परिवार वालों को ही शव वाहन तक पहुंचाना होगा। वार्ड अधिकारी की ओर से मृतक के परिवार को एक बॉडी बैग और चार PPE किट दी जाएंगी। उन्हें किट पहनकर शव को बॉडी बैग में डालना होगा और फिर शव ढोने वाली गाड़ी में रखना होगा।

राज्य में 3.66 लाख एक्टिव केस
यहां गुरुवार को 43,183 नए मरीज मिले। 32,641 मरीज ठीक हुए और 249 की मौत हो गई। राज्य में अब तक 28.56 लाख लोग इस महामारी की चपेट में आ चुके हैं। इनमें से 24.33 लाख लोग ठीक हुए हैं, जबकि 54,898 की मौत हुई है। यहां फिलहाल 3.66 लाख लोगों का इलाज चल रहा है।

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