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बिकरू कांड : यूपी पुलिस के लिए फांस बन गई अमर दुबे की शादी, लेकिन क्यों ?

कानपुर-बिकरू कांड मामले में अमर दुबे की पत्नी को लेकर पुलिस मझधार में दिख रही है। घटना के बाद मुठभेड़ में मारे गए अमर दुबे की पत्नी के नाबालिग होने को लेकर उसके पिता द्वारा किशोर न्याय बोर्ड में दस्तावेज पेश किए गए थे। जिसके बाद किशोर न्याय बोर्ड द्वारा उसे किशोरी साबित किया गया। इधर पुलिस भी उसे किशोरी और विवाहित दोनों मान रही है, लेकिन बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम उल्लंघन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। बिकरू कांड के बाद अमर दुबे की शादी का प्रकरण पुलिस के लिए फांस बनती दिख रही है। अधिवक्ता के मुताबिक यदि बाल विवाह प्रतिषेध मुकदमा लिखा गया तो शादी में सम्मिलित सभी लोग दोषी होंगे, जिनकी तलाश करना पुलिस के सामने बड़ी चुनौती होगी। यदि नहीं किया तो न्यायालय में इसकी जवाबदेही और कार्यवाही हो सकती है।

दरअसल बिकरू में विकास दुबे और उसके सहयोगियों द्वारा 8 पुलिस कर्मियों की हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद पुलिस कार्यवाही शुरू हुई, जिसमें 6 आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। वहीं मुठभेड़ में मारे गए अमर दुबे की पत्नी को भी पुलिस ने इस कांड का आरोपी बनाया था। पुलिस के अनुसार अमर की शादी घटना के चार दिन पूर्व हुई थी। साथ ही दो जुलाई की रात बिकरू में हुई घटना में उसकी पत्नी बराबर की दोषी थी। इस आधार पर पुलिस ने उसे जेल भेज दिया। वहीं पिता द्वारा पेश किए गए बेटी के किशोरी होने के दस्तावेज के परीक्षण के बाद किशोर न्याय बोर्ड ने उसे किशोरी घोषित कर दिया। अधिवक्ता का कहना है कि इस तरह बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की धारा-14 के तहत अमर दुबे का विवाह शून्य हो जाता है। पुलिस या बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी को मुकदमा भी दर्ज कराना चाहिए।

सीनियर वकील सुरेश सिंह चौहान के मुताबिक यदि पुलिस बाल विवाह में कार्यवाही करती है तो समारोह में शामिल सभी लोग दोषी होंगे। ऐसे में सभी आरोपितों की तलाश कर उन्हे भी जेल भेजना होगा। यह अपराध गैर जमानती है। ऐसे में उन सभी की पहचान करना पुलिस के लिए बड़ी समस्या होगी। दूसरी तरफ जेल न भेजा तो अदालत में पूछताछ हो सकती है। क्योंकि घटना के चार दिन पहले शादी हुई थी, तो सिर्फ इस आधार पर साजिश का दोषी साबित करना पुलिस के लिए कठिन होगा। अमर की पत्नी के वकील शिवाकांत दीक्षित के मुताबिक वीडियो वायरल होने के बाद समारोह की बात सामने आई थी, हालांकि कथित विवाह विवेचना का विषय है। पुलिस मुकदमा दर्ज कराती है तो कोर्ट में विधिक प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।

वहीं एसपी ग्रामीण बृजेश श्रीवास्तव का कहना है कि बिकरु कांड की चार्जशीट को लेकर पुलिस का पूरा ध्यान है। बाल विवाह को लेकर उच्चाधिकारियों से मिले निर्देशों के अनुरूप कार्यवाई की जाएगी।

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