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बेंगलुरू हिंसा में गिरफ्तार युवक ने अस्पताल में तोड़ा दम, कोरोना से था संक्रमित

बेंगलुरू में मंगलवार शाम को हुई हिंसा में कथित तौर पर शामिल एक और व्यक्ति की मौत हो गई है। बेंगलुरू पुलिस कमिश्नर कमल पंत ने बताया कि पेट में लगी चोट के कारण शख्स की मौत हुई है। इसके साथ ही हिंसा में मरने वालों का आंकड़ा चार पहुंच गया है, जिनमें से तीन की पुलिस फायरिंग में मौत हुई थी। बता दें कि बेंगलुरू में एक फेसबुक पोस्ट के बाद हिंसा भड़की थी।

11 अगस्त को हिंसा की आग में जला था बेंगलुरू

मंगलवार को पुलिकेशिनगर के कांग्रेस विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के भतीजे ने कथित तौर पर फेसबुक पर एक ‘आपत्तिजनक’ पोस्ट डाली थी। इसके विरोध में भारी संख्या में लोग पुलिस थाने और विधायक के घर के बार पहुंच गए और पोस्ट करने वाले युवक पर कार्रवाई की मांग की। थोड़ी देर बाद भीड़ हिंसक हो गई और जमकर उत्पात मचाया। स्थिति नियंत्रण में करने के लिए पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी, जिसमें तीन लोगों की मौत हुई थी।

कोरोना वायरस से भी संक्रमित था मृतक

पंत ने बताया कि आरोपी (सैयद नदीम) 12 अगस्त से जेल में था। कल रात छाती में दर्द होने के बाद उसे अस्पताल लाया गया। ऐसा लगता है कि उसके पेट पर किसी भारी चीज से चोट आई थी। पुलिस के अनुसार, 24 वर्षीय नदीम को देवरा जीवनहल्ली इलाके में हुई हिंसा के संबंध में 12 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था और तब से वह जेल में था। शुक्रवार को उसमें कोरोना संक्रमण की भी पुष्टि हुई थी।

फायरिंग से मौत नहीं हुई- पंत

यह पूछने पर कि क्या नदीम की मौत गोली लगने से आई चोटों के कारण हुई है? तो पंत ने कहा कि इसका गोलियों से कोई संबंध नहीं है। गौरतलब है कि 11 अगस्त को हिंसा के दौरान भीड़ ने पुलिस थाने पर भी हमला कर दिया था। भीड़ ने पुलिस पर पत्थर फेंके थे। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें तीन लोगों की मौत हुई थी। वहीं हिंसा में लगभग 60 पुलिसकर्मी घायल हुए थे।

‘समझाने के बावजूद पीछे नहीं हटी भीड़’

पुलिस की तरफ से दर्ज की गई FIR में लिखा गया है कि समझाने के बाद भी भीड़ टस से मस नहीं हुई और तोड़फोड़ करती रही। भीड़ ने पुलिस थाने में खड़ी गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने कहा कि भीड़ को वापस जाने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन लोगों ने कहा, “वो हमें खत्म किए बिना नहीं जाएंगे।” FIR में कहा गया है कि पुलिसवालों को बचाने के लिए हवाई फायर करने पड़े।

दंगाईयों से होगी नुकसान की भरपाई

कर्नाटक सरकार ने हिंसा में हुए नुकसान की भरपाई दंगाईयों से करने का फैसला किया है। राज्य सरकार ने यह भी कहा है कि यह पूरा दंगा सुनियोजित था। पुलिस अब तक मामले में 200 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। कर्नाटक के मंत्री सीटी रवि ने कहा कि संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए पेट्रोल बम और पत्थर फेंके गए थे। उत्तर प्रदेश की तरह सरकार दंगों में हुए नुकसान की वसूली दंगाईयों से करेगी।

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