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ब्लैक टॉप की कहानी : चोटी से खदेड़ी चीनी सेना, भारतीय जवान बोले- आसपास भी मत फटकना

बातचीत के आड़ में चीन अपनी चालबाजी से बाज नहीं आ रहा था और ड्रैगन की सेना चुशूल सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश की थी। पहले से ही मुस्तैद भारतीय सेना ने चीनी सेनाओं को करारी चोट दी और उन्हें खदेड़ दिया। भारतीय सेना की ब्लैक टॉप के करीब चीनी सेनाओं के साथ झड़प भी हुई। भारत यहां मजबूत बढ़त बना चुका है और यहां लगे चीनी उपकरणों को उखाड़कर फेंक दिया है।

यहां रणनीतिक बढ़त मजबूत करने के बाद दक्षिणी पैंगोंग शो झील से (Pangong Lake Dispute) लेकर स्पैंगुर तक भारत ने अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। भारत और चीन की सेनाएं इस इलाके में महज कुछ सौ मीटर की दूरी पर खड़ी हैं और तनाव चरम पर है। फारवर्ड लोकेशन पर तैनात दोनों देशों के सैनिक भारी हथियारों की जद में हैं।

एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार को चीनी सेना ने भारत चौकियों के करीब पोजिशन लेने की नापाक कोशिश की थी लेकिन उन्हें करीब आने से रोक दिया गया। उन्होंने कहा, ‘चीनी सेना हमारी पोजिशन के करीब आने कोशिश कर रहे थे लेकिन उन्हें दूर रहने की चेतावनी दी गई। बड़े स्पीकर के जरिए उन्हें चेताया गया और वे फिर रुक गए।’

भारतीय सेना ने न केवल दक्षिणी पैंगोंग शो झील इलाके में मजबूत स्थिति में पहुंच गई है बल्कि चुशूल इलाके में सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि चीन की किसी भी हिमाकत को रोका जा सके। स्पांगुर गैप, रेजांग ला और रेचिन ला के पास सेना के टी 90 टैंक की तैनाती है।

भारतीय सेना चुशूल में हाई अलर्ट पर है। सेना ड्रैगन के LAC में यथास्थिति बदलने की किसी भी हिमाकत का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। सूत्रों ने यह भी बताया कि कुछ ऊंचाई वाले इलाके में चीन के लगाए गए सर्विलांस उपकरणों को भी भारतीय सेना ने हटा दिया है।

चुशूल के अलावा मई के शुरू से ही दौलत बेग ओल्डी के करीब डेस्पांग घाटी में भी सेना हाई अलर्ट पर है। इन इलाकों में चीनी सेना भारतीय पेट्रोलिंग को रोकने की कोशिश की थी।

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