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भारत के राफेल में ‘ब्रह्मास्त्र’ : जिस निशाने को देख भी नहीं सकते, उसे भी कर देता तबाह

भारत और चीन ( India China Tension ) के बीच पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी ( Galwan Valley ) में हुई हिंसक झड़प के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। चीन की चिंता बढ़ने वाली है क्योंकि चीन को चित करने के लिए भारत जबरदस्त तैयारी कर ली है। दरअसल फ्रांस जल्द ही भारत को रफाल विमानों ( Rafale Fighter Aricraft ) की डिलीवरी करने जा रहा है। दरअसल भारतीय वायुसेना ( Indian Air Force ) के विशेष निवेदन के बाद फ्रांस रफाल विमानों की डिलीवरी समय से पहले करने को तैयार हो गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फ्रांस से रफाल विमानों की पहली खेल 27 जुलाई यानी जुलाई के अंत तक आने की उम्मीद है। रफाल की पहली डिलीवरी अंबाला एयरबेस पर होगी। हालांकि इस मामले में वायुसेना की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। खास बात ये है कि भारत के इन विमानों में फ्रांस से मिटिऑर मिसाइलें भी लगकर आएंगी। इस मिसाइल को लगाने से भारत अपने प्रतिद्वंद्वी देशों पाकिस्तान और चीन के मुकाबले हवाई जंग में निर्णायक बढ़त हासिल कर सकेगा।

आपको बता दें कि मिटिऑर एक ऐसी मिसाइल हैं जो हवा से हवा में 120 से 150 किलोमीटर की दूरी तक लक्ष्य को भेद सकती हैं। इसका निशाना भी सटीक हैं। यह मिसाइल इतनी मारक है कि इसे ‘नो एस्केप’ मिसाइल भी कहा जाता है।
राफेल में इस मिसाइल की तैनाती से भारत अपने प्रतिद्वंद्वी देशों पाकिस्तान और चीन को युद्ध में नेस्तनाबूद करने की क्षमता हासिल कर लेगा। इस मिसाइल को दुनिया का सबसे खतरनाक मिसाइल में से एक माना जाता हैं।
यह मिसाइल किसी भी मौसम में और किसी भी तरह के लक्ष्य को भेदने में सक्षम है। 190 किलोग्राम वजन और 3.7 मीटर लंबी यह मिसाइल अडवांस रेडार सिस्टम से लैस है।
यह बियॉन्ड विजुअल रेंज एयर-टू-एयर मिसाइलों की अगली जनरेशन के तौर पर तैयार की गई है। इसे अब तक की सबसे आधुनिक और मारक मिसाइलों में से एक माना जाता है।

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