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महाराष्ट्र में महामारी : सारे रिकॉर्ड हुए धराशाई, एक दिन में 5024 नए केस, मौत का आंकड़ा भयावह

महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों के दौरान रिकॉर्ड 5,024 नए केस सामने आए हैं। यह अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1,52,765 हो गई है। वहीं, कोरोनावायरस की वजह से 175 लोगों की मौत हुई है। इनमें से 91 लोगों की मौत पिछले 24 घंटे में हुई है जबकि अन्य 84 लोगों की मौत उससे पहले हुई है।

राज्य में कोरोना से मरने वाले मरीजों की कुल संख्या बढ़कर अब 7,106 हो गई है। महाराष्ट्र में अभी भी 65,829 मरीजों का इलाज चल रहा है जबकि 79,815 लोग ठीक होकर घर वापस लौट चुके हैं। इनमें से 2,362 मरीज शुक्रवार को अस्पताल से डिस्चार्ज हुए हैं।

मुंबई में 28,244 एक्टिव पेशेंट 
मुंबई में कोरोना मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 72,175 हो गई है। यह संख्या कई राज्यों के कुल मरीजों से भी ज्यादा है। जबकि 4,179 लोगों की अब तक मौत हुई है। हालांकि, तकरीबन 50 प्रतिशत से अधिक लोग ठीक होकर घर वापस लौटे हैं। फिलहाल 28,244 कोरोना मरीजों का इलाज चल रहा है। बीते 24 घंटे में मुंबई में 1297 कोरोना के केस सामने आए हैं।

30 दिन में डबल हो रहे केस 
स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार गरीब कोरोना मरीजों को ध्यान में रखकर पॉलिसी बना रही है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र में 52 फीसदी रिकवरी रेट है। महाराष्ट्र में कोरोना के मामले 30 दिन में डबल हो रहे हैं। महाराष्ट्र में मृत्युदर 10 लाख लोगों पर सिर्फ 60 है। हर रोज 20 हजार टेस्ट किए जा रहे हैं और अब तक 8 लाख 50 हजार से ज्यादा टेस्ट हम कर चुके हैं जो देशभर में सबसे ज्यादा है।

सिर्फ 4-5 फीसदी मरीज ऑक्सिजन या वेंटिलेटर सपोर्ट पर
स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि महाराष्ट्र में ऐक्टिव केस 60 से 65 हजार के बीच हैं। इनमें से 80 प्रतिशत लोग असिम्प्टोमैटिक (बिना लक्षण वाले) हैं, जबकि 10-15 प्रतिशत लोगों में लक्षण दिखता है। सिर्फ 4-5 प्रतिशत मरीज ऐसे हैं राज्य में जिन्हें ऑक्सिजन या वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।

कोरोना के इलाज के लिए भारी मात्रा में रेमडेसिवीर खरीदेगी सरकार
महाराष्ट्र सरकार ने तय किया है कि वह वायरस के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाइयां रेमडेसिवीर और फेविपिरावीर भारी मात्रा में खरीदेगी। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बृहस्पतिवार को बताया कि कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए ये दवाइयां खरीदी जाएंगी। उन्होंने कहा कि ये दवाइयां महंगी हैं, इसलिए राज्य सरकार ने उन्हें खरीदने का फैसला किया है।

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