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मैनहोल की जबरन हाथ से कराई सफाई !, परेशान होकर 3 महीने बाद स्वीपर ने फांसी लगाकर की खुदकुशी !

मांड्या
कर्नाटक में एक सफाई कर्मचारी की मौत ने नई बहस छेड़ दी है। स्वीपर ने खुदकुशी से पहले जो सुसाइड नोट छोड़ा है, उसके बाद सवाल खड़े हो रहे हैं। मामला मांड्या जिले के मड्डूर कस्बे का है। आरोप है कि नारायणा नाम के स्वीपर को जबरन हाथ से मैनहोल साफ करने के लिए कहा गया था। इस घटना के तीन महीने बाद नारायणा ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। अब कई म्यूनिसिपल अफसर कठघरे में हैं।

2 नवंबर की घटना के बाद से अवसाद में थे नारायणा
37 साल के नारायणा ने खुदकुशी से पहले एक सुसाइड नोट लिखा। इसमें उन्होंने अफसरों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। नारायणा को यह कहने पर मजबूर किया जा रहा था कि वह अपनी मर्जी से बिना किसी सुरक्षा साजोसामान के हाथ से मैनहोल साफ कर रहे थे। सूत्रों का कहना है कि 2 नवंबर को नारायणा से जबरन मैनहोल साफ कराया गया। घटना के सुर्खियों में आने के बाद से वह काफी अवसाद में थे।

खामी पर पर्दा डालने के लिए नारायणा की प्रताड़ना
सूत्रों का कहना है कि नगरपालिका के अधिकारियों ने बिना किसी ग्लव्स, मास्क या सफाई उपकरण के मैनहोल साफ करने का दबाव डाला। मीडिया में मामला सामने आने के बाद अधिकारियों और सिटी म्यूनिसिपल काउंसिल चीफ सुरेश कुमार के खिलाफ जांच का आदेश दिया गया। जैसे ही मैनुअल सफाई की बात बाहर आई, अफसरों पर सवाल उठने लगे। आरोप है कि इसके बाद अपनी खामी पर पर्दा डालने के लिए नारायणा को अफसरों ने प्रताड़ित किया। उन्हें यह कहने का दबाव बनाया गया कि बिना किसी सुरक्षा उपकरण के वह अपनी इच्छा से मैनहोल साफ करने उतरे थे।

घटना के बाद तनख्वाह रोकी, किया सस्पेंड
नारायणा के साथियों का कहना है कि इस घटना के बाद उनकी तनख्वाह रोक दी गई। जब नारायणा ने अफसरों की बात नहीं मानी तो बिना किसी वजह के उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। नारायणा के परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं। पोस्टमॉर्टम के बाद उनके शव को म्यूनिसिपल काउंसिल के दफ्तर पर लाया गया। यहां सफाई कर्मचारियों ने म्यूनिसिपल अफसरों के कथित दुर्व्यवहार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कर्नाटक अर्बन लोकल बॉडीज आउटसोर्स एम्प्लॉइज यूनियन (KULBOEU) के प्रदेश अध्यक्ष एमबी नागन्नागौड़ा का कहना है, ‘नारायणा के साथ अफसरों ने बुरा व्यवहार किया और उसे मनगढ़ंत वजहों से निलंबित कर दिया गया। अगर दोषी अधिकारियों और सीएमसी अध्यक्ष के खिलाफ कड़ा कानूनी ऐक्शन लिया गया होता तो नारायणा आज जिंदा होते।’

26 फरवरी से सफाई कर्मचारियों ने किया हड़ताल का ऐलान
सीएमसी चीफ सुरेश कुमार के अलावा नारायणा ने चीफ ऑफिसर मुरुगेश और हेल्थ इंस्पेक्टर घासिम खान पर सुसाइड नोट में सवाल उठाए हैं। मड्डूर पुलिस ने एससी-एसटी ऐक्ट और खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप में अधिकारियों पर केस दर्ज किया है। यूनियन ने ऐलान किया है कि मांड्या के सफाई कर्मचारी नारायणा को न्याय दिलाने के लिए 26 फरवरी से हड़ताल करेंगे। नागन्नागौड़ा का कहना है, ‘अगर पुलिस सही तरीके से जांच नहीं करती है तो हमें अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इसके लिए म्यूनिसिपल अधिकारी जिम्मेदार होंगे।’ प्रदर्शनकारियों ने नारायणा के परिवार के लिए मुआवजे की मांग की है।

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