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PM के बारे में कुछ ऐसी सोच रखता था ‘सुल्तान’, एक मुलाकात हुई और धारणा बदल गई

हमारे देश के बहुत से कट्टरपंथी ये सोचते हैं की मोदी मुसलमानों के लिए खतरनाक है. कुछ बुद्धिजीविओं का मानना है की बीजेपी मुस्लिमों के लिए घातक है. ऐसे लोगों के लिए ये खबर किसी तमाचे से कम नहीं. हो सके तो कुछ जिहादी सुल्तान के लिए भी फतवा जारी करने की बात कर दे. जी हाँ ये खबर सुनकर महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्लाह जैसे नेताओं के पेट में दर्द शुरू हो जाए.और वो इस खबर को हज़म भी नहीं कर पाएंगे.

खबर आई भी है गुजरात से जहाँ पीएम मोदी ने अपने राजनीति की पटकथा लिखी. विपक्षी हमेशा ये आरोप लगाते रहे हैं की गुजरात में दंगों के पीछे मोदी का हाथ था. इसके बाद गुजरात की भी छवि बदली. मोदी विरोधियों ने इस मुद्दे को खूब उठाया. देश भर में मुस्लिमों में डर का माहौल फैलाया गया. और इन्हीं में शामिल था सुल्तान अलीमुद्दीन. सुलतान ने जो बात मोदी के लिए कही वो हैरान करने वाली है.

दरअसल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को गुजरात के गांधीनगर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय पेट्रोलियम विश्वविद्यालय के आठवें दीक्षांत समारोह में पहुंचे. इसी विश्विद्यायलय में पढ़ रहे छात्र सुल्तान ने मोदी को लेकर अपनी राय ट्विटर पर रखी. उसने कहा मैंने मोदी के साथ कई बार मुलाक़ात की. मैंने उन्हें कुरआन भी सौंपी थी.

अलीमुद्दीन ने आगे लिखा ‘नरेंद्र मोदी सर के साथ मेरी पहली मुलाक़ात किस्मत से हुई. जब मैंने उन्हें उनकी सरकार के कामकाज पर एक ट्वीट किया और मुझे सीएमओ, गुजरात में एक विस्तृत बैठक के लिए आमंत्रित किया गया. उनके साथ मेरी 6 मुलाकातों में से वह पहली थी. इसमें उनके साथ मेहसाणा जाना भी शामिल है. मैं पीडीपीयू में पढ़ने के लिए साल 2008 में गुजरात आया था. उस समय मैं गुजरात आने के विचार से खुश नहीं था. मेरे दिमाग में गुजरात का मतलब दंगे और भूकंप थे. मेरे दोस्तों ने मुझे गुजरात से दूर रहने के लिए कहा. लेकिन, मोदी सर के साथ बातचीत और राज्य ने मेरी धारणा और मानसिकता बदलने में मदद की.

अलीमुद्दीन ने लिखा- मेरे धर्म के कारण मेरे रास्ते में कभी कोई दिक्कत नहीं आई. कॉलेज में दो दर्जन से अधिक कार्यक्रमों के प्रबंधन, संचालन और स्पॉन्शरशिप हासिल करने के दौरान मुझे लोगों मिलने में कोई समस्या नहीं आई. नरेंद्र मोदी के गुजरात में मुझे एक मिनट भी असहज नहीं लगा. वातावरण में कोई बेचैनी नहीं थी. सब कुछ सही था. लोग मददगार थे.वातावरण में शांति महसूस की जा सकती है. इस ओर ध्यान दें की माहौल में शान्ति थी . फिर भी कुछ लिब्रान्डुओं को ये गलत लगेगा.

सुल्तान ने अपनी पहली मुलाक़ात के बारे में बताया और लिखा मोदी सर ने जो बात कही वो मुझे पूरी ज़िन्दगी याद रहेगी. पहली मुलाक़ात में मोदी ने कहा ‘मैंने मुसलमानों के लिए कुछ नहीं किया है.लेकिन यह ध्यान दें कि मैंने हिंदुओं, जैन, सिखों के लिए कुछ भी नहीं किया है.मैं 5.5 करोड़ गुजरातियों के लिए जिम्मेदार हूं और मैं जो कुछ भी करता हूं, उनके लिए करता हूं. बता दें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीडीपीयू दीक्षांत समारोह में 2600 छात्रों को उनकी डिग्री और डिप्लोमा प्रदान किए गए.

सुल्तान की बात पर लिब्रान्डुओं और कट्टरपंथियों की बोलती बंद हो जाएगी. जिन्हे अभी भी ये लगता है की ये देश खतरे में है, लोकतंत्र खतरे में है. दरअसल सच तो ये है की उनका एजेंडा खतरे में है.

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