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यूपी के किसानों के मुस्कुराने के दिन हुए शुरू, जानिए कैसे?

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में एक अक्टूबर की तारीख किसानों के मुस्कुराने और अच्छे दिन की शुरूआत है। उत्तर प्रदेश में एक अक्टूबर से धान खरीद शुरू हो गई है। प्रदेश में करीब 4000 हजार धान खरीद केंद्र बनाए गए हैं। जिनके जरिए वर्ष 2020-21 में 55 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने इस बार धान (सामान्य) की एमएसपी 1,868 रुपए कुन्तल तथा ग्रेड-ए धान का 1,888 रुपए कुन्तल तय किया है। 10 क्रय एजेंसियों को प्रदेश में धान खरीद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस शुभ अवसर की शुरुआत पर यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी किसान भाईयों को बधाई देने के साथ कहाकि, कोई भी किसान भाई अपना धान एमएसपी से कम रेट पर न बेचे।

एमएसपी से कम दाम पर न बेचें: सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को ट्वीट में लिखा कि, “किसान बहनों-भाइयों को राम-राम! प्रभु कृपा से इस वर्ष धान की पैदावार बहुत अच्छी हुई है। आपके हित को ध्यान में रखते हुए हमने इस वर्ष धान कॉमन का समर्थन मूल्य 1,868 रुपए कुन्तल तथा ग्रेड-ए धान का 1,888 रुपए कुन्तल कुन्तल निर्धारित किया है। कृपया एमएसपी से कम कीमत पर कहीं भी धान बिक्री न करें।

सीएम योगी ने आगे लिखा है, “आज से प्रदेश में धान की खरीद शुरू हो रही है। पीएम नरेंद्र मोदी की नीतियों के अनुरूप धान खरीद एमएसपी के अनुसार ही होगी। प्रदेश में धान क्रय के लिए लगभग 4000 केंद्र खोले गए हैं, इसके अतिरिक्त आवश्यकतानुसार क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे, अन्नदाताओं का स्वागत है।”

1736 राइस मिलों की जियो टैगिंग :-

आयुक्त खाद्य एवं रसद मनीष चौहान ने बताया कि वर्ष 2020-21 में 55 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। सभी क्रय एजेंसियों के अब तक कुल 2789 क्रय केन्द्र जिलाधिकारियों की तरफ से अनुमोदित कर दिए गए हैं।

सभी जिलों में जिलाधिकारियों ने प्रभारी अधिकारी धान खरीद की भी नियुक्ति कर दी गई है। राइस मिलों का पंजीयन भी किया जा रहा है। अब तक 1905 राइस मिलों का पंजीयन किया जा चुका है। साथ ही 1736 राइस मिलों की जियो टैगिंग भी कराई जा चुकी है।

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