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यूपी में डॉक्टरों को भी नहीं छोड़ रहा कोरोना, लखनऊ में तो हाल सबसे बुरा

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लखनऊ
राजधानी के कोविड और नॉन-कोविड अस्पतालों के डॉक्टर और स्टाफ भी तेजी से कोरोना संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, कोविड अस्पतालों में केजीएमयू और नॉन कोविड अस्पतालों में सिविल अस्पताल के सबसे ज्यादा डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ संक्रमित हो चुके हैं। केजीएमयू में अब तक कुलपति सहित 206 डॉक्टर और कर्मचारी संक्रमित हो चुके हैं। वहीं, स्टाफ के परिवार के सदस्य भी संक्रमित पाए गए हैं। यहां पिछले हफ्ते एक कर्मचारी की मौत भी हो चुकी है। प्रशासनिक भवन सहित कई विभागों के हेड भी वायरस की जद में आ चुके हैं।

कोविड प्रोटोकॉल तोड़ने का आरोप
एक वरिष्ठ डॉक्टर के मुताबिक, केजीएमयू परिसर में आने वाले लोग कोविड प्रोटोकॉल का पालन ही नहीं कर रहे। इससे सामान्य मरीज और कर्मचारी भी संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ़ सुधीर सिंह ने कहा कि यह समस्या मरीजों की बड़ी आमद के कारण है। लिंब सेंटर में कोविड हॉस्पिटल शिफ्ट होने के बाद स्थिति में सुधार होगा।

सिविल अस्पताल में 60 संक्रमित
सिविल अस्पताल नॉन कोविड हॉस्पिटल है। यहां डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ मिलाकर कुल करीब 400 का स्टाफ है। इनमें अब तक 60 लोग संक्रमित हो चुके हैं। अस्पताल के एमएस डॉ़ आशुतोष दुबे ने बताया कि इमरजेंसी में गंभीर मरीज देखे जा रहे हैं। कुछ विभागों की ओपीडी भी चल रही है। यहां ऐसे भी मरीज आ रहे हैं, जिन्हें अस्पताल आने की कोई जरूरत नहीं। इससे भीड़ बढ़ रही है, जिसकी वजह से संक्रमण फैल रहा है।

लोहिया संस्थान में 34 संक्रमित
लोहिया संस्थान में अब तक 34 डॉक्टर और कर्मचारी कोरोना की गिरफ्त में आ चुके हैं। इनमें 30 लोग हॉस्पिटल ब्लॉक में काम कर रहे हैं। संस्थान के प्रवक्ता श्रीकेस ने बताया कि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के साथ तीमारदार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करते। इससे स्टाफ भी संक्रमित हो रहा है।

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