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लड़की ने जज बनते ही लवर से कहा- तुम मेरे काबिल नहीं.. लड़के ने फिर जो किया वो बहुत बड़ी मिसाल

13 अक्टूबर 2018 को यूपी लोक सभा आयोग द्वारा सिविल जज एंट्रेंस एग्जाम PCS-J का परिणाम जारी किया गया था, जिसमे गाजीपुर के औड़िहार के रहने वाले अमित वर्मा ने 152वीं रैंक हासिल कर दुनिया को एक ख़ास सीख दी है. इतनी अच्छी रैंक हासिल करने के बाद जब अमित के दोस्तों ने अमित से सवाल किये तो अमित ने ऐसी जवाब दी जिसे सुनकर सब भभूक हो गए, और शायद आप भी इस बात को सुनकर थोड़ा इमोशनल जरूर हो जायेंगे.

अमित ने बेहद शायराना अंदाज में कहा की “बीच मझधार में छोड़ा था मेरा साथ उस बेवफा ने, वक़्त का करिश्मा कुछ ऐसा हुआ कि वो डूबे और हम पार हो गए.

बातचीत के दौरान अमित वर्मा ने बताया कि मेरी “मां एक साधारण सी हाउस वाइफ हैं और पापा का साल 2011 में बीमारी की वजह से देहांत हो गया था.

सब चीजों को देखते हुए मेरे भाई के छोटे-मोटे बिजनेस से ही हमारे घर का खर्च चलता था. और मेरे पिता का हमेशा से यही सपना रहा था कि मैं बड़ा होकर जज बनूं, और अब मई जब इस मुकाम पर पहुंच गया हूँ तो वह मेरे साथ नहीं है.

18वीं रैंक हांसिल करने पर भी नहीं हुआ था सिलेक्शन, अमित ने साल 2004 में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में लॉ के लिए एडमिशन लिया था, लेकिन वहा उनका मन न लगने की वजह से वहा से हैट गए, फिर सिलीगुड़ी से लॉ किया और बीएचयू से LLM की पढाई पूरी की, साथ ही साथ उन्होंने बताया कि साल 2012 में वेस्ट बंगाल में रहते हुए उन्होंने PCS-J क्लियर किया था, जिसमे अमित ने 18वीं रैंक हांसिल की थी.

लेकिन सिलेक्शन सिर्फ 14 रैंक वालों तक ही हुआ था. फ़िलहाल वह इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रहे हैं, अमित की एपीओ 2015 का रिजल्ट इसी साल सितंबर में आया था, जिसमें उनका सेलेक्शन भी हो गया था, लेकिन वो अपनी PCS- J का इंतजार कर रहे थे.

अमित ने अपनी कामियाबी की कहानी सुनाते हुए बताया की साल 2012 में वेस्ट बंगाल के PCS-J का रिजल्ट आया जिसमे उनकी 18वीं रैंक आई थी. और इसी बैच में एक लड़की की भी थी जिससे इनकी दोस्ती हुए थी, और समय के साथ-साथ यह दोस्ती कब प्यार में बदल गया पता ही नहीं चला.

इन दोनों की बात शादी तक पहुंच गयी थी, लेकिन लड़की इनके जॉब को लेकर हमेशा इन्हे कुछ न कुछ बोलती रहती थी. और आपने गर्लफ्रेंड को खुश करने के लिए अमित ने दिल्ली में प्राइवेट जॉब तक करने लगे थे. जॉब तो यह करते थे लेकिन इनके पिता का जो सपना था की वह आपने बेटे को जज के रूप में देखे यह बात इन्हे हमेशा परेशां करता रहता था. और इस सपने को पूरा करने के लिए साल 2015 में इन्होने बीएच्यू में एडमिशन ले लिया.

इस बात की खबर मिलते जैसे ही गर्लफ्रेंड को मिली एक बार फिर से हम दोनों के बीच दूरियां बढ़ने लगी और हमारे प्यार में फिर से दरार आ गया. कुछ दिन बाद अमित को खबर मिली की लड़की की शादी हो गई है. शादी की खबर ने अमित को और भी ज्यादा तोड़ दिया और वो डिप्रेशन में चला गया. जिस वजह से उनका पढ़ाई में भी कम मन लगता था.

अमित ने बता की उस समय मेरे घर पर भी मझे शादी के लिए बोलै जाता था लेकिन मेरे सामने मेरे पिता का सपना था, और उस सपने को मुझे पूरा करना था. और एक समय ऐसा आया की इन्होने आपने सपने को पूरा कर ही छोड़ा.. इन्होने हिम्मत नहीं हारी और आज इस मुकाम पर पहुंच गए है. आज भी कहीं न कहीं इनकी गर्लफ्रेंड को इन बात अफ़सोस जरूर होता होगा. इस बात से हमें यही समज में आया की कभी की किसी की हालत को देखकर उसके आने वाले दिन का अंदाजा नहीं लगा सकते है.

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