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लेस्बियन रिश्ते में रोड़ा बना पति तो इलेक्ट्रिक कटर से किए टुकड़े, बहा दिया सीवर में

जोधपुर शहर के नांदड़ी स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में दो दिन पूर्व मिले मानव अंगों के मामले का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर ही खुलासा कर दिया है। कृषि विभाग के एएओ मेड़ता सिटी निवासी चरणसिंह उर्फ सुशील जाट की हत्या उसकी पत्नी सीमा ने अपनी दो बहनों व एक दोस्त के साथ मिलकर की। हत्या कर इलेक्ट्रिक कटर से शव के टुकड़े कर उसे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में बहा दिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पति वैवाहिक संबंध बनाने को दबाव डाल रहा था। जबकि हत्यारी पत्नी समलैंगिक है और वह इस कारण अपने पति के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाना नहीं चाहती थी। इस पर पीछा छुड़ाने के लिए पत्नी ने अपने पति की हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में तीनों बहनों और उनके एक दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है।

एक बैग में हाथ-पैर और एक में मिला था सिर

डीसीपी ईस्ट धर्मेन्द्र सिंह यादव ने बताया कि नांदड़ी सीवरेज प्लांट में दो दिन पूर्व एक व्यक्ति के हाथ-पांव एक प्लास्टिक बैग में मिले थे। इसके बाद वहीं पर शाम को एक बैग में सिर भी मिला। प्लास्टिक बैग पर छपे दुकान के नाम के आधार पर दुकानदार से तहकीकात की गई तो पता चला कि मृतक मेड़ता सिटी के निकट खाकड़की निवासी सुशील चौधरी है। बाद में मृतक के परिजनों ने उसकी शिनाख्त की। जांच का दायरा आगे बढ़ाने पर मृतक की पत्नी सीमा पर शक गहराया। मृतक का वर्ष 2013 में सीमा के साथ विवाह हुआ था, लेकिन अभी तक उनका गौना नहीं हुआ था।

पत्नी ने घर बुलाकर की हत्या

डीसीपी यादव ने बताया कि सीमा अपनी दो बहनों बबीता व प्रियंका के साथ जोधपुर के नांदड़ी क्षेत्र में एक मकान किराए पर लेकर रहती है। भीयाराम व प्रियंका एक कंपनी में साथ ही काम करते हैं। ऐसे में उनकी आपस में जान पहचान थी। सीमा व सुशील के बीच बढ़े विवाद के बाद सीमा ने उसकी हत्या करने का फैसला कर लिया।इसमें उसने अपनी दोनों बहनों व भीयाराम को शामिल किया। दो दिन पूर्व सीमा ने सुशील को अपने घर बुलाया। वहां पर चारों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए एक इलेक्ट्रिक कटर की मदद से शव के टुकड़े कर दिए। टुकड़ों की प्लास्टिक की तीन थैलियों में डाल दिया। बाद में भीयाराम की कार में इन टुकड़ों को तीन अलग-अलग स्थान पर डाल दिया। इसमें से सिर व हाथ-पांव मिल चुके है। जबकि धड़ अभी तक नहीं मिला है। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया है।

मृतक चरण सिंह उर्फ सुशील कुमार

पत्नी के समलैंगिक सम्बन्धों में बाधक बन रहा था पति

27 वर्षीय सुशील और सीमा की शादी को सात वर्ष हो गए, लेकिन गौना नहीं हुआ था। सीमा अपने ससुराल जाने को तैयार नहीं थी। लेकिन सुशील उसे साथ चलने का लगातार दबाव बना रहा था। दोनों के परिजनों के बीच में कुछ विवाद भी चल रहा था। वहीं सीमा ने स्वीकार किया कि सुशील ने उससे वैवाहिक संबंध बनाने का लगातार दबाव बनाया, जबकि वह उसके साथ ऐसा करने की इच्छुक नहीं थी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सीमा के एक अन्य महिला के साथ सम्बन्ध है। इस कारण वह सुशील के साथ ससुराल जाने की इच्छुक नहीं थी। सुशील के लगातार बढ़ते दबाव के बाद उसने हमेशा के लिए सुशील से पीछा छुड़ाने का फैसला कर लिया और हत्या कर दी।

तीनों बहनें हैं पढ़ी-लिखी, दो पति से अलग रहती हैं
अपनी बहनों के साथ मिलकर पति की हत्या करने वाली सीमा तीनों बहनों में सबसे छोटी है। उसने वेटनरी नर्सिंग का पाठ्यक्रम कर रखा है। साथ ही वह एक स्थान पर नौकरी भी कर रही थी। वहीं उसकी बड़ी बहन बबीता एएनएम करने के बाद अब बीए कर रही थी और नौकरी भी कर रही थी। जबकि प्रिया ने बीए कर रखा है। वह और इस हत्याकांड में शामिल भीयाराम एक कंपनी में साथ में काम करते थे। यहीं पर दोनों के बीच हुई जान पहचान के कारण भीयाराम भी इस जघंय कांड में साथ जुड़ गया। बबीता और प्रिया भी पति से अलग रह रही थीं। यह दोनों बहनें भी पति को छोड़ चुकी हैं।

गला दबा हत्या कर कटर से कर दिए टुकड़े
तीनों बहनों ने सुनियोजित योजना के तहत तीन दिन पूर्व सुशील को अपने यहां बुलाया। सीमा ने उसे नींद की गोलिया मिला कोल्ड ड्रिंक पिला दिया। इसके बाद सुशील को इनके घर पर शराब पिलाई गई। शराब का नशा अधिक होने पर सीमा ने बहनों के साथ मिलकर उसका गला दबा हत्या कर दी। यह काम दिन में ही किया गया। शाम को बहनों ने इलेक्ट्रिक कटर से बड़ी बेरहमी के साथ सुशील के शरीर के टुकड़े कर दिए। इसके बाद रात को भीयाराम की कार में सवार होकर तीन स्थान पर शव को सीवर लाइन में बहा दिया।

दो माह पूर्व ही एएओ पद पर हुआ था चयनित
नागौर जिले के मेड़ता सिटी थानांतर्गत खाकड़की निवासी चरणसिंह जाट (जाजड़ा) उर्फ सुशील (27) पुत्र नेमाराम करीब दो महीने पहले ही कृषि विभाग में एएओ पद पर चयन हुआ। डेगाना के खुड़ी पंडवाला में पोस्टिंग हुई थी। इससे पहले वह बैंक में नौकरी करता था। बैंक की नौकरी छोड़ उसने नई नौकरी ज्वाइन की थी। वह 10 अगस्त को घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। इसके बाद परिजनों ने मेड़ता सिटी थाने में परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। वर्ष 2013 में उसकी शादी बोरुंदा निवासी सीमा के साथ हुई थी। लेकिन गौना नहीं होने के कारण सीमा अभी तक ससुराल नहीं गई थी।

ऐसे मिले शरीर के अंग
नांदड़ी सीवरेज प्लांट के सुपरवाइजर पूनमचंद वाल्मिकी व ऑपरेटर पप्पू मंडल ने बताया कि मंगलवार सुबह प्लांट में जाने वाली हौदी में आए कचरे को साफ कर रहे थे, तब एक कपड़े की थैली बाहर निकली। इसमें किसी इंसान के हाथ-पैर कटे हुए मिले। यह थैली प्लांट में आने वाली पाइप लाइन से आई है। इस कपड़े की थैली की गांठ खोलकर देखने पर एक इंसान के दोनों हाथ व दोनों पैर कटे हुए थे। पुलिस ने इन्हें कब्जे में लेकर एमजीएच मोर्चरी में रखवाया और उच्च अधिकारियों को सूचना दी। शाम को इसी स्थान पर प्लास्टिक बैग में मानव सिर मिला। जबकि धड़ अभी तक नहीं मिल पाया है।

ऐसे हत्यारी पत्नी तक पहुंची पुलिस
तीनों बहनों ने मानव अंग जिस प्लास्टिक बैग में पैक कर बहाए गए थे, वहीं उनकी पहचान का कारण बनी। दो प्लास्टिक बैग में से एक पर पाली जिले के आनंदपुर कालू का व दूसरा मेड़ता सिटी के किसी दुकान का पता छपा था। पुलिस ने दोनों स्थान पर तहकीकात कराई तो मेड़ता सिटी के दुकानदार ने सुशील की शिनाख़्त कर ली। इसके बाद कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पुलिस ने तीनों बहनों पर शिकंजा कस दिया। पूछताछ में तीनों बहनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने मिलकर सुशील की हत्या की।

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