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अमेरिकियों को इंडिया से जाता फोन- आपके कंप्यूटर में वायरस है.. और फिर हो जाता बड़ा खेल !

नई दिल्ली
दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट ने पश्चिमी दिल्ली के राजौरी गार्डन में पिछले एक साल से चल रहे फर्जी कॉल सेंटर को पकड़ा है। यहां से सेंटर के मालिक समेत 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कॉल सेंटर से अमेरिकियों और कनाडा के नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा था। उनके कंप्यूटर में खराबी बताकर ये लोग उनसे रुपये ऐंठते थे।

साइबर क्राइम यूनिट के डीसीपी अनयेश राय ने बताया कि इस तरह से इस गैंग ने माइक्रोसॉफ्ट टेक्निकल सपोर्ट के नाम पर 2,268 लोगों को ठगा है। इनसे यह लोग करीब आठ करोड़ रुपये की ठगी कर चुके हैं। राजौरी गार्डन में जिस जगह यह फर्जी कॉल सेंटर पकड़ा गया है, वहां पर यह सेंटर 11 अक्टूबर 2019 से चला रहे थे। लॉकडाउन में इनके खिलाफ शिकायत मिली थी, लेकिन उस वक्त इन्होंने कुछ दिनों के लिए कॉल सेंटर बंद कर दिया था। फिर से कॉल सेंटर चलाने पर इनके बारे में शिकायत मिली। इस पर काम करते हुए गुरुवार रात को पूरे मामले का भंडाफोड़ हो गया।

ऐसे फंसाते थे पॉप अप के जाल में

ये आरोपी लोगों के कंप्यूटरों में पहले पॉप-अप भेजते थे। फिर उनसे कांटेक्ट करके कहते कि आपके कंप्यूटर में वायरस आ गया है। अगर इसे जल्द सही नहीं कराया गया तो इससे आपको बड़ा वित्तीय नुकसान हो सकता है। उनके बैंक अकाउंट खाली होने का डर दिखाकर ये उनके कंप्यूटरों को सही करने के नाम पर उन्हें ठगते थे, जबकि उनके कंप्यूटर पहले से ही सही होते थे। अपने आप को यह माइक्रोसॉफ्ट कंपनी की ओर से बताते थे जबकि यह गैंग खुद ही उन्हें इस तरह के वायरस होने का फर्जी पॉप-अप भेजा करता था।

27 की उम्र में शातिर तरीके से ठगी

डीसीपी ने बताया कि गिरफ्तार किए जाने वाले मुलजिमों में मुख्य अभियुक्त 27 साल का साहिल दिलावरी भी है। यह सुभाष नगर में रहता है। डीसीपी ने बताया कि गैंग का चीफ ग्रेजुएट है। वह जगह बदल-बदलकर पिछले तीन साल से इस तरह का फर्जी कॉल सेंटर चला रहा है। इसके अलावा चैतन्य, सिहाज, योगेश, नितिन, गुरदित सिंह, सुकेश कुमार, नमन अरोड़ा, संजय पाल, दीपेंद्र सिंह, सुधीर शर्मा, मयंक तिवारी, गौरव सोमी, अवतार सिंह, एसएस डेविड, आयुष चौधरी और उमंग मनचंदा हैं। सभी 25 से 35 साल की उम्र के हैं। अधिकतर वेस्ट दिल्ली के ही रहने वाले हैं।

महिला डॉक्टर को ठगते पकड़े गए
जिस वक्त पुलिस ने छापा मारा, उस वक्त गैंग एक अमेरिकी महिला डॉक्टर को ठगने की कोशिश कर रहा था। अपने आपको यह गैंग माइक्रोसॉफ्ट टेक्निकल असिस्टेंस टीम का हिस्सा बताते थे। किसी के कंप्यूटर और प्रिंटर में खराबी आने पर यह कंप्यूटर को रिमोट पर लेकर उसे ठीक करने का बहाना करते थे। पुलिस ने बताया कि फर्जी कॉल सेंटर से कॉल करने के उपकरण समेत काफी दस्तावेज जब्त किए गए हैं। पता लगाया जा रहा है कि क्या इस गैंग में और भी साथी शामिल हैं। इन सभी को एसीपी आदित्य गौतम, इंस्पेक्टर मनोज, एसआई अजीत, हरजीत, विजेंद्र और सुनील की टीम ने पकड़ा है।

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