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वीडियो : मौलानाओं ने ‘हराम’ कोरोना टीका लगाने को किया मना, बोले- कंट्रोल करने को फिट है ‘चिप’

दुनिया भर में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. ऐसे में हर किसी की निगाह कोरोना के डंक से बचाने वाली वैक्सीन पर टीकी हुई है. क्यों कि इस वायरस का अभी तक कोई भी इलाज नहीं मिल पाया है. उधर वैक्सीन को बनाने के लिए देश और दुनिया के सभी वैज्ञानिक जीजान से रात और दिन एक करके मेहनत कर रहे हैं. कई देश ये दावा भी कह रहे हैं कि उनके यहां ये वैक्सीन बनकर तैयार हो गई है और इसका ट्रायल चल रहा है. भारत में भी कोरोना की 3 वैक्सीन पूरा होने के कगार पर हैं. इसी बीच वैक्सीन को लेकर अफवाहों का बाजार भी गर्म है.

खासकर मजहबी कट्टरता के उन्माद में अंधे हो चुके कुछ जाहिलों ने इसमें धर्म का एंगल निकालकर झूठ फैलाना शुरू कर दिया है. ठीक वैसे ही जैसे पोलियो के टीका को लेकर मुसलमानों के बीच अफवाह फैलाई गई थी कि मुसलमानों को नपुंसक बनाने वाली दवा दी जा रही है. जिसके चलते मुस्लिम परिवार अपने बच्चों को पोलियो का टीका नहीं लगवाते थे.

दरअसल ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की कोरोना वैक्सीन की तकनीक को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है. दुनियाभर के कई मुस्लिम नेताओं ने वैक्सीन के बहिष्कार की अपील की है. ऑस्ट्रेलिया के एक इमाम ने तो इसे हराम करार देते हुए मुसलमानों से टीका न लगवाने को कहा है. इन्होंने ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन को बनाए जाने की तकनीकी को लेकर सवाल खड़े किए हैं.

अपने विवादित और बेतुके बयानों से सुर्खियों में रहने वाले ऑस्ट्रेलिया के इमाम सूफियान खलीफा ने एक वीडियो जारी कर इस्लाम के अनुयायियों से अत्याचार और फासीवाद का विरोध करने का आग्रह किया है. उन्होंने इस वीडियो में वैक्सीन लगवाने का समर्थन कर रहे लोगों को आड़े हाथ लिया है. उन्होंने कहा कि वैक्सीन के इस्तेमाल को उचित ठहराने वाले संगठनों को शर्म आनी चाहिए. उन्होंने वैक्सीन के समर्थन में जारी फतवे पर हस्ताक्षर करने वाले मुस्लिम इमामों को लेकर भी निशाना साधा है.

सूफियान खलीफा ने आगे कहा कि कैथोलिक इस वैक्सीन के खिलाफ स्पष्ट रूप से खड़े हो गए हैं. वे जानते हैं कि ये हराम है, ये गैरकानूनी है. लेकिन, आप इसके विरोध के बजाय सरकार के साथ खड़े हैं? उन्होंने कहा कि उन लोगों पर शर्म करना चाहिए जो धर्म के खिलाफ सरकार के साथ खड़े हैं.

दरअसल मौलाना का कहना है कि ऑक्सफोर्ड वैक्सीन को बनाए जाने की जो तकनीक है, वो धार्मिक रूप से स्वीकार नहीं है. इस वैक्सीन को भ्रूण की कोशिकाओं में उगाया जाता है, जिसे दवा पैक होने से पहले हटा दिया जाता है. इस सेल को 1973 में नीदरलैंड में एक कानूनी गर्भपात से प्राप्त किया गया था. जिसके बाद इसमें बदलाव कर दिया गया था ताकि ये सेल्स लैब में लगातार डिवाइड होती रहें. कई धर्मों में इसे पाप माना जाता है, इसलिए धार्मिक नेता इसका विरोध कर रहे हैं.

बता दें कि सिडनी के कैथोलिक आर्कबिशप और शहर के ग्रीक ऑर्थोडॉक्स आर्कबिशप ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर उनसे 25 मिलियन वैक्सीन की खरीद करने के सौदे पर पुनर्विचार करने को कहा है.

ऐसे ही एक और मौलाना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जो इससे भी एक कदम आगे चलकर अजीबोगरीब ज्ञान दे रहा है. जिसे सुनकर आप अपनी हंसी नहीं रोक पाएंगे.

मौलाना का वायरल वीडियो-

तो सुना आपने मौलाना किस तरह अफवाह फैला रहा है कि कोरोना वैक्सीन में चिप लगी हुई है. जो मुसमानों के दिमाग को कंट्रोल करेगी. अब इनके इस मानसिक दिवालियापन पर किसकों हंसी नहीं आएगी.

 

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