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वैक्सीन को लेकर चीन को पाक ने किया ‘बेनकाब’, कहा- 60 पार लोगों पर असरदार नहीं है टीका

चीन अपनी चालबाजियों से कभी बाज नहीं आता. ये एक ऐसा देश बन चूका है जो अपने मतलब के लिए किसी के भी पीठ में छुरा घोंप दे. यहाँ तक की अपने मित्र पाकिस्तान को भी धोखा देने में इसने कोई कसर नहीं छोड़ी है. पहले जहां चीन ने हाई क्वॉलिटी N-95 मास्क के नाम पर पाकिस्तान को अंडरगारमेंट्स से बने मास्क भेज दिए थे. और इन मास्क्स को अस्पतालों में भी भेज दिया गया. जब वहां डॉक्टरों ने इसकी पोल खोली तो इमरान की खूब किरकिरी हुई. सोशल मीडिया पर भी चीन और पाकिस्तान की दोस्ती का खूब मजाक उड़ाया गया. इसके बाद भी इमरान की अक्ल ठिकाने पर नहीं आई.

जी हाँ अब वैक्सीन के नाम पर चीन ने बड़ा खेल कर दिया है. पहले जहाँ खैरात देने के लिए भी इमरान सरकार को कहा गया था कि वो अपना जहाज लेकर आये और वैक्सीन लेकर जाए. और अब इस खैरात वाली वैक्सीन पर भी चीन ने इमरान को दिया तो सिर्फ धोखा. जी हाँ एक तरफ जहाँ भारत की वैक्सीन को लेकर पुरे विश्व में वाह वाही हो रही है. पड़ोसी देश भी भारत की तारीफ़ करते नहीं थक रहे. तो दूसरी ओर चीन है, जो ये कहता रहा कि उसकी वैक्सीन सबसे अच्छी है. और पाकिस्तान भी उसकी जी हुजूरी करता है. लेकिन आज उस पाकिस्तान ने भी चीन की पोल खोल दी है. चीन अपनी वैक्सीन को लेकर भले ही पूरी दुनिया में डींगे हांकता फिरे लेकिन उसके मित्र देश ने ही उसकी असलियत सबके सामने रख दी है. दरअसल पाकिस्तान ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि चीन का साइनोफार्म टीका 60 साल से अधिक उम्र के लोगों पर असरदार नहीं है.

दरअसल पाकिस्तान ने अपने यहां कोविड-19 रोधी टीकाकरण अभियान की शुरुआत करने के एक दिन बाद ही ये कहा कि चीन का सिनोफार्म टीका 60 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए प्रभावी नहीं है. जबकि पूरा विश्व जानता है कि कोरोना का सबसे ज्यादा असर बुजुर्ग लोगों पर ही हुआ है. ऐसे में चीन ने पाकिस्तान की थाली में फिर से धोखा ही परोसा है. बता दें चीन ने पाकिस्तान को पांच लाख सिनोफार्म टीके दान किए थे, जिन्हें लेने सोमवार को पाकिस्तान से एक विमान गया था. ध्यान देने वाली बात है कि चीन ने करीब 21 करोड़ की आबादी वाले पाकिस्तान को महज पांच लाख टीके दान में दिए हों, जो ऊंट के मूंह में जीरे की तरह था. इसके बाद भी कंगाल देश पाकिस्तान से ये कहा गया कि वो अपना जहाज लेकर आये और वैक्सीन को लेकर जाए.

खैर इसका खुलासा करते हुए प्रधानमंत्री इमरान खान के स्वास्थ्य मामलों के विशेष सहायक डॉक्टर फैसल सुल्तान ने मीडिया से कहा कि पाकिस्तान की विशेषज्ञ समिति ने डेटा के प्रारंभिक विश्लेषण पर विचार करने के बाद सुझाव दिया है कि टीका केवल 18 से 60 साल तक के आयु समूहों के लोगों को लगाया जाए. उन्होंने कहा, ‘समिति ने इस चरण में सिनोफार्म टीके को 60 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए अधिकृत नहीं किया है.’

जहाँ चीन ने पकिस्तान के साथ गंदा मजाक किया है. वहीं भारत की ओर से पाकिस्तान को 1.70 करोड़ टीके मुफ्त मिलने जा रहा है. उसे कोवाक्स प्रोग्राम के तहत यह दिया जा रहा है. पाकिस्तान ने सबसे पहले ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी की ओर से तैयार किए गए टीके कोविशील्ड को ही सबसे पहले आपातकालीन मंजूरी दी, लेकिन इमरान खान की सरकार के खजाने में ना तो इतने पैसे थे कि वे टीके खरीद सकें और ना ही इतनी हिम्मत की भारत सरकार से टीका मांग ले. और इस बात की चिंता पाकिस्तान के आम लोगों को भी थी.

हालांकि, पाकिस्तान ने इसे बैकडोर से पाने की कोशिश के तहत राज्य सरकारों और निजी सेक्टर को खरीद की छूट दे दी थी. इस बीच रविवावर को डॉ. फैसल सुल्तान ने घोषणा की कि अगले महीने यान फरवरी से पाकिस्तान को एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन भी मिलने जा रही है. उन्होने बताया कि 60 लाख डोज की डिलिवरी मार्च तक हो जाएगी तो जून तक 1.70 करोड़ डोज मिल जाएंगे. बता दें कि भारत ने बहुत से देशों की मदद के लिए वैक्सीन भेजी है. और इस दरियादिली की चर्चा भी हर जगह हो रही है.

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