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सत्यमेव जयते की हत्या पर शुरु हुई सियासत, कांग्रेस नेताओं को पकड़ ले गई पुलिस

आजमगढ़. तरवां थाना क्षेत्र के बांसगांव के दलित प्रधान सत्यमेव जयते की हत्या पर राजनीति शुरू हो गयी है। सत्यमेव के घर जाने और परिजनों से मिलने के लिए गुरुवार सुबह जैसे ही कांग्रेसियों का प्रतिनिधिमंडल सर्किट हाउस से तरवां के लिए रवाना होने की कोशिश किया पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इसके बाद कांग्रेसियों ने जमकर हंगामा किया। कांग्रेसियों और पुलिस में जमकर धक्कामुक्की हुई। पूरा क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। मौके पर पीएसी के जवान तैनात कर दिये गए है। अपर पुलिस अधीक्षक सहित आलाधिकारी स्थिति को संभालने में जुटे है। वहीं ऊर्जा मंत्री महाराष्ट्र नितिन रावत को आजमगढ़ पहुंचने से पहले ही बरदह थाना क्षेत्र के जिवली में हिरासत में लेने की चर्चा है लेकिन कोई भी अधिकारी इसकी पुष्टि नहीं कर रहा है।

एसपी ने संभाली कमान :- कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, राज्यसभा सदस्य पीएल पुनिया, पूर्व सांसद बृजलाल खाबरी, पूर्व मंत्री आरके चौधरी, अनुसूचित विभाग के अध्यक्ष आलोक पासवान बुधवार की रात ही आजमगढ़ सर्किट हाउस पहुंच गए थे। चूंकि कांग्रेस नेताओं का कार्यक्रम पहले से तय था इसलिए रात में ही प्रशासन ने सारी तैयारी पूरी कर ली थी। सुबह होते ही सर्किट हाउस से लेकर आजमगढ़ लखनऊ हाइवे तक पुलिस छावनी में तब्दील कर दिय गया था। मौके पर पीएसी के जवान भी तैनात कर दिये गए थे। एसपी सिटी पंकज पांडेय, एसपी ग्रामीण सिद्धार्थ सुबह से ही मौके पर कमान संभाले हुए थे।

मुख्य गेट में ताला बंद :- गुरुवार की पूर्वाह्न करीब 10.15 बजे कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल तरवां के बांसगांव जाने के लिए सर्किट हाउस से बाहर निकला तो मुख्य गेट में ताला बंद मिला। इसके बाद कांग्रेसियों ने हंगामा शुरू किया और गेट फांदकर बाहर आने की कोशिश की लेकिन पहले से तैयार पुलिस सभी नेताओं को सर्किट हाउस के भीतर उठा ले गयी। भारी संख्या के कारण कांग्रेसियों का प्रतिरोध काम नहीं आया।

जिलाध्यक्ष प्रवीण सिंह के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन :- वहीं दूसरी तरफ बड़े नेताओं के हिरासत में लिए जाने के बाद बाहर मौजूद नेता जिलाध्यक्ष प्रवीण सिंह के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिये। इस दौरान सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गयी। कांग्रेसी पांच लोगों को मृत प्रधान के घर भेजने की जिद पर अड़े हुए है वहीं प्रशासन कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें आगे जाने की अनुमति देने के लिए तैयार नहीं है। बातचीत का दौर चल रहा है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष को भी सर्किट हाउस के भीतर बुला लिया गया है। एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह नेताओं से बातचीत कर रहे है।

नितिन रावत हिरासत में ! :- कोई भी निर्णय लेने से पहले कांग्रेसी महाराष्ट्र सरकार के ऊर्जा मंत्री नितिन रावत के आने का इंतजार कर रहे हैं जबकि पुलिस नितिन रावत को पूर्वांह्न करीब 11.30 बजे बरदह थाना क्षेत्र के जिवली बाजार में हिरासत में लिए जाने की चर्चा है। कोई अधिकारी इसकी पुष्टि नहीं कर रहा है। कांग्रेस के कुछ नेता जिवली और देवगांव के कंजहित के लिए जरूर निकल गए है।

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