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क्या तख्तापलट कर सत्ता में बने रह सकते हैं डोनाल्ड ट्रंप, समझें क्या है अमेरिकी सिस्टम?

दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी ने राष्‍ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता जो बाइडेन की जीत को मानने से इनकार कर दिया है। राष्‍ट्रपति ट्रंप लगातार ट्वीट करके जो बाइडेन की जीत पर सवाल उठा रहे हैं और चुनाव में धांधली के आरोप लगा रहे हैं। यही नहीं ट्रंप ने चुनाव परिणाम के बाद अचानक से अपने रक्षा मंत्री मार्क एस्‍पर को बदल दिया है। ऐसे में सवाल उठने लगा है क्‍या डोनाल्‍ड ट्रंप सत्‍ता में बने रहने के लिए सैन्‍य तख्‍तापलट की तैयारी कर रहे हैं।

आइए जानते हैं क्‍या कहते हैं विशेषज्ञ….

ट्रंप के इस रुख से इस बात को लेकर चिंता बढ़ गई है कि राष्‍ट्रपति ट्रंप और उनकी पार्टी के नेता सत्‍ता में बने रहने के लिए हरेक प्रयास करेंगे। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने भी पिछले दिनों कहा था, ‘ट्रंप प्रशासन के दूसरे कार्यकाल के लिए आसानी से सत्‍ता हस्‍तांतरण होगा।’ उधर, अटार्नी जनरल विलियम बार ने भी संघीय अभियोजकों से कहा है कि वे चुनावी धांधली की जांच शुरू करें। सत्‍ता में बने रहने के लिए ट्रंप प्रशासन के इस तमाम दांवपेच के बाद भी अमेरिकी व‍िशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप के पास अब सत्‍ता में बने रहने के लिए कोई विकल्‍प नहीं बचा है।

डोनाल्‍ड ट्रंप के पास सत्‍ता में रहने का क्‍या है विकल्‍प?
विशेषज्ञों का कहना है कि इलेक्‍टोरल कॉलेज की बैठक 14 दिसंबर को होने जा रही है और वह राष्‍ट्रपति के लिए अपना वोट डालेगी। चुनाव परिणामों के बाद अनुमान है कि बाइडेन को राष्‍ट्रपति बनने के लिए 270 इलेक्‍टोरल वोट मिल जाएंगे। जो बाइडेन की यह जीत केवल एक राज्‍य पर आधारित नहीं है। उन्‍होंने मिश‍िगन, नेवाडा, विस्‍कॉन्सिन, एरिजोना में काफी बढ़त हासिल की है। चुनाव से पहले रिपब्लिकन पार्टी की ओर से ऐसे दावे किए गए थे कि रिपब्लिकन पार्टी के पक्ष वाले राज्‍यों जैसे मिश‍िगन, विस्‍कॉन्सिन आदि में व्‍यवस्‍थापिका सभा पॉपुलर वोट को अनदेखा करके अपने प्रतिनिधि न‍ियुक्‍त कर सकते हैं।

अमेरिका का संघीय कानून भी इलेक्‍टोरल कॉलेज की बैठक के दौरान विकल्‍प का चुनाव करने में असफल रहने पर ऐसे प्रतिनिधियों की न‍ियुक्ति की अनुमति देता है। उधर, विशेषज्ञों के मुताबिक इन राज्‍यों में व्‍यवस्थित धोखाधड़ी के कोई साक्ष्‍य नहीं है और बाइडेन को इन राज्‍यों में स्‍पष्‍ट तरीके से शानदार बहुमत मिला है। ऐसे में व्‍यवस्‍थापिकाएं अपने प्रतिनिधियों का चुनाव कर सकती हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में लॉ के प्रफेसर रिचर्ड हासेन ने कहा कि अगर यह देश कानून के शासन का पालन करता है तो मैं समझता हूं कि ट्रंप के सत्‍ता में बने रहने का अब कोई रास्‍ता नहीं बचा है। ट्रंप चुनाव में व्‍यापक धांधली के बारे में कोई नया साक्ष्‍य देने में भी असफल रहे हैं।


ट्रंप की भतीजी बोली- तख्तापलट की कोशिश

इस कानूनी विशेषज्ञों की राय से इतर अमेरिका में तख्‍तापलट की अटकलें तेज हो गई हैं। ट्रंप की तरफ से तख्तापलट की कोशिश का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भतीजी मैरी ट्रम्प, ने ट्वीट किया कि राष्ट्रपति-चुनाव में जो बिडेन वैध और निर्णायक रूप से जीते हैं। डोनाल्ड और उनके लोग कितना भी झूठ बोलें और स्पिन करें, कुछ भी नहीं बदलेगा। सतर्क रहें – यह एक तख्तापलट की कोशिश है। उधर, अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन ने मंगलवार को कहा कि देश के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का हाल में सम्पन्न हुए चुनाव में हार स्वीकार न करना शर्मिंदगी भरा है। उन्होंने कहा कि ट्रंप के हार स्वीकार नहीं करने से सत्ता के हस्तांतरण की उनकी योजना पर कोई असर नहीं पड़ेगा और उन्होंने विश्व नेताओं से बात करनी शुरू कर दी है।

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