Sunday , November 29 2020
Breaking News
Home / उत्तर प्रदेश / सरकार हुई छोटे कारोबारियों पर मेहरबान, 30 नवंबर तक बढ़ाई आपात ऋण सुविधा गारंटी योजना

सरकार हुई छोटे कारोबारियों पर मेहरबान, 30 नवंबर तक बढ़ाई आपात ऋण सुविधा गारंटी योजना

नई दिल्ली। कोरोना संकट के दौरान हुए लॉकडाउन (Lockdown) से देश की अर्थव्यवस्था की कमर लगभग टूट गई थी। हजारों कंपनियां एवं फैक्ट्रियां बंद हो गई थीं। जिसके चलते लाखों लोग बेरोजगार हो गए। ऐसे में अर्थव्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने के लिए केंद्र सरकार ने आपात ऋण सुविधा गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) की शुरुआत की थी। इसमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (Emergency Credit Line Guarantee Scheme) को गारंटी मुक्त कर्ज सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। अब सरकार ने ऐसे उद्यमियों को थोड़ी और राहत देते हुए योजना की तारीख बढ़कार 30 नवंबर तक कर दी है। ऐसे में छोटे बिजनेसमैन कर्ज के लिए अभी भी आवेदन कर सकते हैं।

मालूम हो कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने (एमएसएमई) योजना की घोषणा मई में की थी। ये योजना आत्मनिर्भर भारत अभियान का ही एक हिस्सा है। जिसके तहत करीब 21 लाख करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की गई थी। योजना के तहत तीन लाख करोड़ रुपये के कर्ज को मंजूरी देने का लक्ष्य है, जो कि अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।

ऐसे में सरकार की ओर से इसकी तारीख को आगे बढ़ाया गया है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि 30 नवंबर तक की अवधि तक या लक्ष्य के इससे पहले पूरे हो जाने तक ही योजना को चलाया जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि मौजूदा त्योहारी मौसम में मांग बढ़ने से योजना के लिए ज्यादा लोग आवेदन करेंगे।

आंकड़ों के मुताबिक अभी तक करीब 60.67 लाख कर्ज लेनदारों को 2.03 लाख करोड़ रुपए का कर्ज मंजूर किया गया है, जबकि इनमें से 1.48 लाख करोड़ रुपए का कर्ज बांटा गया है।योजना के तहत कारोबारियों, मुद्रा ऋण लेने वालों, व्यक्तियों को व्यवसायिक कार्यों के लिये उनके 29 फरवरी 2020 तक के बकाया कर्ज का 20 फीसदी तक अतिरिक्त कर्ज उपलब्ध कराया जा रहा है। यह कर्ज पूरी तरह से फ्री है।

इस योजना का लाभ केवल ऐसे लोग ले सकते हैं जिन पर 29 फरवरी तक 50 करोड़ रुपए का बकाया हो या उनका सालाना कारोबार 250 करोड़ रुपये तक का हो।

loading...
loading...

Check Also

लद्दाख में MARCOS को देखते ही उड़ गई चीनियों की नींद, लेकिन क्यों?

लगता है चीनी PLA के सैनिक इस कहावत को चरितार्थ करके ही मानेंगे – लातों ...