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सरहद पार के ना-पाक मंसूबों पर फिरा पानी, गोरखपुर में फेल हुए हनी ट्रैप की हैरान करने वाली कहानी

पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की एक और नापाक हरकत का खुलासा हुआ है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने भारतीय सेना और तमाम अन्य जानकारियां हासिल करने के लिए हनी ट्रैप का सहारा लिया। लेकिन मिलिट्री इंटेलीजेंस और उत्तर प्रदेश एटीएस ने आईएसआई के नापाक मंसूबों को नाकाम कर दिया है। हालांकि, हनी ट्रैप में फंसे एजेंट के कब्जे से सुरक्षा एजेंसियों को कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले, जो कोर्ट में साबित किए जा सकें। एटीएस चीफ ने कहा कि, उसे छोड़ दिया गया है। निगरानी की जा रही है।

जून महीने से एटीएस कर रही थी निगरानी

दरअसल, बीते जून माह में मिलिट्री इंटेलिजेंस से खुफिया जानकारी मिली थी कि गोरखपुर का रहने वाला मोहम्मद आरिफ जो चाय की दुकान चलाता है, उसकी गतिविधियां संदिग्ध हैं। इसी बीच शनिवार को दिल्ली पुलिस ने बलरामपुर निवासी आईएसआईएस आतंकी अबु यूसुफ उर्फ मुस्तकीम खान को दबोचा तो संदिग्धों और उससे जुड़े मददगार की तलाश शुरू हो गई। लखनऊ एटीएस खुफिया जानकारी के बाद गोरखपुर पहुंची और संदिग्ध मोहम्मद आरिफ से घंटों पूछताछ की।

चार बार पाकिस्तान जा चुका है आरिफ

एटीएस की पूछताछ में पता चला कि, आठवीं पास मोहम्मद आरिफ 2014, 2016, 2017 और 2018 में पाकिस्तान की यात्रा कर चुका है। आरिफ ने अंतिम यात्रा के दौरान पाकिस्तान के दो अधिकारियों ने फहद और राणा अकील के नामों का इस्तेमाल कर खुद को वीजा अधिकारी बताया था। जो आरिफ को मिलने आते थे और जरीना नाम कि महिला जिसे वो अपनी बहन बताते थे, उसके घर के पास ही आरिफ को बातचीत के लिए बुलाते थे।

सेक्स वर्कर के जाल में फंसाया था आरिफ को

पूछताछ में जानकारी मिली कि आरिफ को पाकिस्तान में सेक्स वर्कर के जाल में फंसाया गया था, ताकि उससे गलत काम कराए जा सके। इस दौरान उसका वीडियो बना लिया। इसके बाद पाकिस्तानी अधिकारी उससे सेना, प्रमुख स्थानों की रेकी करने के लिए ब्लैकमेल करने लगे। भारत लौटने के करीब 10 दिन बाद पाकिस्तान से फहद नाम के युवक ने आरिफ को वॉट्सऐप पर कॉल किया था और उसे अपना नंबर सुरक्षित करने की हिदायत दी थी।

भाई के नाम से किया था सेव था नम्बर

2014 में आरिफ अपनी पत्नी को खो चुका था। आरिफ ने पूछताछ में बताया कि, पत्नी के जाने के बाद वह एक महिला से सम्पर्क में आ गया। वह जीन्स और टीशर्ट पहने महिला बहुत दयालु थी। उसके झांसे में आकर कुछ आपत्तिजनक दृश्य महिला ने कैमरे में कैद कर लिया। जिसके बाद वह ब्लैक मेल करने लगी। वहीं आरिफ ने भी संदिग्धों का नम्बर अपने मोबाइल में भाई के नाम से सेव किया था। इसके बाद फहद अक्सर आरिफ को फोन करता और उससे गोरखपुर के जफरा बाजार और वायु सेना स्टेशन कि तस्वीर खींच कर भेजने को कहा। आरिफ ने मना किया तो फहद ने उसे सेक्स वर्कर के साथ की तस्वीर भेज कर ब्लैकमेल करने लगा।

एनआईए कर रही है जांच

आरिफ मामले की जांच पहले से ही एनआईए कर रही है। आरिफ का दावा है कि पहली पत्नी के मौत के बाद उसने दूसरी शादी कर ली है और आईएस एजेंटों से दूरी बना ली है।

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