Wednesday , September 30 2020
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साउथ चाइना सी पर घिरा चीन, मोर्चे पर अमेरिकी जंगी जहाज, होने वाला है विश्वयुद्ध !

दुनिया की सुपरपावर कहलाने वाला देश चीन इन दिनों बुरे दौर से गुजर रहा है. बुरा दौर इसलिए क्योंकि चीन के खिलाफ दुनिया के तमाम देश लामबंद हो चुके हैं. उस पर तमाम तरह की पाबंदियां लग चुकी हैं. भारत और अमेरिका ने उसके दर्जनों सोशल मीडिया ऐप भी बैन कर दिए हैं. आर्थिक मोर्चे पर चीन को बड़ी शिकस्त मिली है. चीन की ये परेशानी कोरोनावायरस संक्रमण के दौरान से शुरू हुई और भारत से जब उसने लद्दाख के गलवान घाटी में दगाबाजी की तो दुनिया के कई देश उसके खिलाफ खड़े हो गए. इन देशों ने चीन पर जासूसी करने का आरोप लगाते हुए उसकी कई कंपनियों के व्यापार पर प्रतिबंध लगा दिया. अब चीन को सामरिक क्षेत्र में तगड़ा झटका लगा है. चीन ने दक्षिणी चीन सागर यानी साउथ चाइना सी पर अपना अधिकार जताया था. इसके बाद अमेरिका ने चीन को दावे को खारिज कर दिया था. अब अमेरिका ने दक्षिण चीन सागर में युद्धपोत और हिंद महासागर के डिएगो गार्सिया द्वीप में परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम तीन बी-2 स्टील्थ बमवर्षक तैनात किया गया है.

अमेरिका का यह कदम लद्दाख से लेकर ताइवान तक चीन को रोकने के लिए एक स्पष्ट संदेश है. दोनों क्षेत्रों में जारी गतिरोध के बीच तीन रडार-विकसित बमवर्षक, जो दुनिया में सबसे उन्नत के लड़ाकू विमान के रूप में पहचाने जाते हैं, 12 अगस्त को डिएगो गार्सिया में पहुंचे. अमेरिका का यह नौसैनिक अड्डा भारत से महज 3,000 किलोमीटर दूर है. इसी के साथ अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस रोनाल्ड रीगन भी 14 अगस्त को दक्षिण चीन सागर की ओर बढ़ गया था.

बी-2 बमवर्षकों की लद्दाख क्षेत्र में भी बड़ी सामरिक प्रासंगिकता है. विशेष रूप से, उनका उपयोग 4,000 किलोमीटर की सीमा वाले डीएफ-26 बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट करने के लिए किया जा सकता है. चीन शायद भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया को शामिल करते हुए इंडो-पैसिफिक क्वाड के एयरक्राफ्ट कैरियर सहित जहाजों को निशाना बनाने के अपने इरादे का संकेत दे रहे हैं.

अमेरिका के मिसौरी एयरफोर्स बेस से तीन बी-2 स्प्रिट स्टील्थ बमवर्षक विमान करीब 29 घंटे की यात्रा करके डियागो गार्सिया पहुंचे हैं. यूएस एयरफोर्स के कमांडर कर्नल क्रिस्टोफर ने कहा कि हम डियागो गार्सिया जैसी महत्वपूर्ण जगह पर आकर बहुत रोमांचित हैं. कमांडर ने कहा कि यह हमारी नेशनल डिफेंस स्ट्रेटजी का हिस्सा है. हम हिंद महासागर में अपने दोस्तों और सहयोगियों के साथ रिश्तों को मजबूत करने के साथ-साथ अपनी सुरक्षा को और ज्यादा पुख्ता कर रहे हैं.

बी-2 स्प्रिट स्टील्थ दुनिया का सबसे घातक बमवर्षक है। यह विमान एक साथ 16 बी 61-7 परमाणु बम ले जा सकता है। हाल ही में इसके बेड़े में बेहद घातक और सटीक मार करने वाले बी61-12 परमाणु बम शामिल किए गए हैं। यह दुश्मन के हवाई सुरक्षा तंत्र को चकमा देकर इलाके में घुस जाता है। यह रडार की पकड़ में नहीं आता है और चुपके से हमले को अंजाम देने में सक्षम है।

बता दें कि अमेरिका का डियागो गार्सिया नौसैनिक अड्डा भारत समेत पूरे हिंद महासागर क्षेत्र के लिए खास है। इससे भारत के दक्षिणी तट की लंबाई 970 समुद्री मील है। इस द्वीप पर अमेरिका के 1700 सैन्यकर्मी और 1500 नागरिक कॉन्ट्रैक्टर्स है, इसमें 50 ब्रिटिश सैनिक शामिल है। इस द्वीप का उपयोग अमेरिकी नौसेना और वायु सेना दोनों ही संयुक्त रूप से करते हैं।

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