Sunday , September 20 2020
Breaking News
Home / ख़बर / सीरो सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा : दिल्ली की 28.30% आबादी हो चुकी कोरोना संक्रमित !

सीरो सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा : दिल्ली की 28.30% आबादी हो चुकी कोरोना संक्रमित !

दिल्ली की लगभग 28.30 प्रतिशत आबादी कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुकी है। शहर के दूसरे सीरोलॉजिकल सर्वे में ये बात सामने आई है। दिल्ली में किया गया ये दूसरा सीरो सर्वे था और जून के अंत और जुलाई की शुरूआत में किए गए पहले सर्वे में 23 प्रतिशत लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की बात सामने आई थी। इसका मतलब पिछले एक महीने में दिल्ली की पांच प्रतिशत आबादी कोरोना वायरस से संक्रमित हुई है।

किसी आबादी में संक्रमण किस हद तक फैल गया है, यह पता लगाने के लिए सीरोलॉजिकल सर्वे किए जाते हैं। इसमें लोगों के खून में कोरोना वायरस की एंटीबॉडीज की मौजूदगी की जांच की जाती है। एंटीबॉडीज एक प्रकार की प्रोटीन होती हैं जो हमला करने वाले वायरस से लड़कर उसे खत्म कर करती हैं। किसी व्यक्ति के खून में एंटीबॉडीज पाए जाने का मतलब है कि वह कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुका है।

27 जून से 10 जुलाई के बीच दिल्ली में किया गया था पहली सीरो सर्वे

दिल्ली में पहला सीरोलॉजिकल सर्वे 27 जून से 10 जुलाई के बीच किया गया था। इसमें शहर के सभी 11 जिलों के 21,000 से अधिक लोगों को टेस्ट किया गया था और इनमें से 23.48 प्रतिशत के खून में कोरोना वायरस की एंटीबॉडीज मिलीं थीं।

इस महीने की शुरूआत में हुआ दूसरा सर्वे

दिल्ली में दूसरी सीरो सर्वे इस महीने की शुरूआत में किया गया था। ‘द प्रिंट’ के साथ इस सर्वे से संबंधित आंकड़े साझा करते हुए दिल्ली सरकार के अधिकारियों ने बताया कि इसमें 15,289 लोगों का टेस्ट किया गया जिसमें से 28.30 प्रतिशत के खून में कोरोना वायरस की एंटीबॉडीज मिलीं। दक्षिण-पूर्व दिल्ली में सबसे अधिक 33.20 प्रतिशत लोगों में कोरोना वायरस की एंटीबॉडीज पाई गईं, वहीं 16.30 प्रतिशत के साथ दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में ये आंकड़ा सबसे कम रहा।

दिल्ली सरकार ने किया था सर्वे

द प्रिंट’ की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली का पहला सीरो सर्वे जहां केंद्र सरकार के राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) ने किया था, वहीं दूसरा सर्वे दिल्ली सरकार ने किया। दिल्ली सरकार ने हर महीने सीरो सर्वे करने की योजना बनाई है और इसी रणनीति के तहत ये सर्वे किया गया।

दिल्ली सरकार के 19 अस्पतालों में लोगों के सैंपल इकट्ठे किए गए और मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (MAMC) में नतीजों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

हर्ड इम्युनिटी के नजरिए से बेहद अहम हैं सीरो सर्वे

बता दें कि सीरो सर्वे के नतीजे हर्ड इम्युनिटी के नजरिए से भी बेहद अहम हैं। जब किसी आबादी के एक बड़े हिस्से में किसी बीमारी के खिलाफ इम्युनिटी पैदा हो जाती है तो इस स्थिति को हर्ड इम्युनिटी कहते हैं।

आमतौर पर जिन लोगों के खून में वायरस की एंटीबॉडीज होती हैं, उनमें वायरस के खिलाफ इम्युनिटी पैदा हो जाती है। वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस के लिए ये आंकड़ा 60-70 प्रतिशत होने का अनुमान लगाया है।

इस हफ्ते आधिकारिक तौर पर जारी किए जाएंगे सर्वे के नतीजे

अधिकारियों ने बताया कि आधिकारिक तौर पर सर्वे के नतीजों को इसी हफ्ते जारी किया जाएगा। तभी यह पता चल सकेगा कि किस जिले में कितने प्रतिशत लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं।

Check Also

IPL 2020 : इस साल प्लेऑफ में भी नहीं पहुंचेगी मुंबई इंडियंस, जानें 5 कारण !

इंडियन प्रीमियर लीग(आईपीएल) का 13वां सीजन आज से यूएई में खेला जायेगा. मुंबई इंडियंस और ...