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हलके में मत लीजिएगा ये सरकारी चेतावनी, त्योहारों में इसलिए और खतरनाक हो सकता है कोरोना

कोविड-19 का प्रकोप पिछले कुछ दिनों में कम हुआ है। रिकवरी रेट 86 पर्सेंट से ज्‍यादा है। ऐक्टिव मामले लगातार घट रहे हैं। रोज आने वाले मामलों की संख्‍या भी नीचे आई है। पिछले 10 दिन से रोज मौतों का आंकडा भी 900 से कम रह रहा है। एक सरकारी रिपोर्ट कहती है कि भारत में 16 सितंबर को कोरोना वायरस महामारी चरम पर पहुंच चुकी थी। यानी फिलहाल कोविड की पहली लहर ढलान पर है। लेकिन यह खुशी केवल चार दिन की चांदनी भी साबित हो सकती है। दशहरा, दुर्गा पूजा, दिवाली, क्रिसमस… आने वाले दिनों में त्‍योहारों की भरमार है। ऐसे में कोरोना की दूसरी लहर आने की चिंता एक्‍सपर्ट्स को सता रही है। खासतौर से केरल और महाराष्‍ट्र में त्‍योहारों के बाद कोविड के आंकड़े देखने के बाद टेंशन और बढ़ गई है। केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉ हर्षवर्धन भी कह चुके हैं कि त्‍योहारों पर बड़े समारोहों से बचें वर्ना ‘बड़ी परेशानी’ आ सकती है।

त्‍योहारों में क्‍यों है कोरोना फैलने का डर?

अक्‍टूबर से लेकर साल के अंत तक त्‍योहार ही त्‍योहार हैं। ऐसे में लोग बाहर ज्‍यादा निकलते हैं, खरीदारी करते हैं। परिचितों-रिश्‍तेदारों से मिलते हैं। कोरोना काल में त्‍योहारों के ‘सुपरस्‍प्रेडर’ इवेंट बनने का खतरा है। पिछले दिनों ओणम और गणेश चतुर्थी पर भीड में सोशल डिस्‍टेंसिंग का ठीक से पालन नहीं हो सका। नतीजा ये हुआ कि आंध प्रदेश, केरल और महाराष्‍ट्र में कोविड के मामले तेजी से बढ़े।

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने क्‍या कहा?

केंद्रीय स्‍वास्‍थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि हमें त्‍योहारों के सीजन में और सावधान रहना चाहिए। उन्‍होंने लोगों से बड़े समारोहों से दूर रहने को कहा। ‘संडे संवाद’ कार्यक्रम में हर्षवर्धन ने कहा, “अभूतपूर्व परिस्थितियों का अभूतपूर्व तरीके से सामना करना पड़ता है। कोई धर्म या भगवान ये नहीं कहता कि आपको बड़ी धूमधाम से सेलिब्रेट करना है, कि आपको पंडाल या मंदिर या मस्जिद जाकर प्रार्थना करनी है।”

ठंड का मौसम ला सकता है सेकेंड वेव

एक्‍सपर्ट्स ने फेस्टिव सीजन में कोविड केसेज का रेस्‍पांस देखा है। यूं तो डेली केसेज की संख्‍या घटी है लेकिन केरल, राजस्‍थान और कर्नाटक जैसे राज्‍यों में इसका उल्‍टा हो रहा है। त्‍योहारों के अलावा ठंड का मौसम भी करीब है, इसलिए एक्‍सपर्ट्स इसी दौरान कोविड की सेकेंड वेव आने की आशंका जता रहे हैं।

केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने भी साफ कहा कि ठंड में कोविड-19 का संक्रमण बढ़ने की संभावना है। उन्‍होंने कहा, “यह वायरस ठंडे मौसम और कम आर्द्रता वाली स्थितियों में ज्‍यादा खतरनाक हो जाता है। ऐसे में यह मानना गलत नहीं होगा कि ठंड के सीजन में भारत में कोरोना संक्रमण के ज्‍यादा मामले सामने आएंगे।”

पश्चिमी देशों का ट्रेंड भी दे रहा टेंशन

भारत में मार्च के महीने में कोविड के 100 केसेज आते थे। 15 सितंबर आते-आते 95-97 हजार के बीच मामले आने लगे। इधर फिर से केसेज घटे हैं। पीक 16 सितंबर को थी, ऐसे में क्‍या कोविड की दूसरी लहर आने वाली है। पश्चिमी देशों में यही ट्रेंड देखने को मिला कि एक बार केसेज घटे और फिर से बढ़े। लेकिन इसमें स्‍वीडन, पेरू और जापान जैसे देश अपवाद हैं।

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